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यूपी: पोंजी स्कीम संचालकों पर कसेगा शिकंजा, संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई होगी
Sat, 23 Oct 2021 06:16 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 23 Oct 2021 06:16 PM IST
सार
यूपी सरकार ने ‘अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम 2019’ को लागू करने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए मंडल स्तर पर मंडलायुक्त सक्षम प्राधिकारी व अपर आयुक्त सहायक सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
विस्तार
उत्तर प्रदेश में पोंजी स्कीम के जरिए लोगों की जमापूंजी लूटकर चंपत होने वालों के खिलाफ केंद्रीय कानून के तहत कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। योगी सरकार ने विभिन्न तरह की पोंजी स्कीम के जरिए ज्यादा ब्याज का झांसा देकर अनियमित तरीके से जमा राशि जुटाने पर रोक व इस कृत्य पर कड़ी कार्रवाई संबंधी केंद्र सरकार के ‘अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019’ को राज्य में लागू करने का फैसला किया है।
सरकार ने इस कानून के तहत कार्रवाई के लिए सक्षम प्राधिकारी व सक्षम न्यायालय भी तय कर दिए हैं। इस संबंध में जल्दी ही अधिसूचना जारी करने की तैयारी है। राज्य सरकार इस तरह के मामलों की जांच सीबीआई को भी सौंप सकेगी। योगी सरकार ने शुक्रवार रात कैबिनेट बाई सर्कुलेशन इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सूत्रों ने बताया कि केंद्र के अधिनियम में राज्यों को सक्षम प्राधिकारी की नियुक्ति व ऐसे प्रकरणों की तेज न्यायिक सुनवाई के लिए विशेष न्यायालय के गठन व विशेष न्यायाधीशों की नियुक्ति की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रदेश सरकार ने सभी मंडलायुक्तों को अधिनियम से संबंधित कार्यवाही के लिए सक्षम प्राधिकारी व मंडल स्तर पर अपर आयुक्त को सहायक सक्षम प्राधिकारी नामित किया है। इसी तरह ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए जिला स्तर पर एडीजे-प्रथम को विशेष न्यायालय व इस न्यायालय के न्यायाधीश को विशेष न्यायाधीश की जिम्मेदारी दी गई है।
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केंद्रीय अधिनियम में ऐसे प्रकरण जिनमें एक से अधिक जिले या राज्य जुड़े हैं या धनराशि ज्यादा है, उसे राज्य सरकार को सीबीआई जांच के लिए संदर्भित करने का अधिकार दिया गया है। राज्य सरकार ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव या सचिव को इसके लिए अधिकृत कर दिया है। ये सक्षम प्राधिकारी की रिपोर्ट पर सीबीआई को प्रकरण संदर्भित कर सकेंगे।
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सरकार ने इस कानून के तहत कार्रवाई के लिए सक्षम प्राधिकारी व सक्षम न्यायालय भी तय कर दिए हैं। इस संबंध में जल्दी ही अधिसूचना जारी करने की तैयारी है। राज्य सरकार इस तरह के मामलों की जांच सीबीआई को भी सौंप सकेगी। योगी सरकार ने शुक्रवार रात कैबिनेट बाई सर्कुलेशन इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सूत्रों ने बताया कि केंद्र के अधिनियम में राज्यों को सक्षम प्राधिकारी की नियुक्ति व ऐसे प्रकरणों की तेज न्यायिक सुनवाई के लिए विशेष न्यायालय के गठन व विशेष न्यायाधीशों की नियुक्ति की जिम्मेदारी दी गई है।
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प्रदेश सरकार ने सभी मंडलायुक्तों को अधिनियम से संबंधित कार्यवाही के लिए सक्षम प्राधिकारी व मंडल स्तर पर अपर आयुक्त को सहायक सक्षम प्राधिकारी नामित किया है। इसी तरह ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए जिला स्तर पर एडीजे-प्रथम को विशेष न्यायालय व इस न्यायालय के न्यायाधीश को विशेष न्यायाधीश की जिम्मेदारी दी गई है।
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केंद्रीय अधिनियम में ऐसे प्रकरण जिनमें एक से अधिक जिले या राज्य जुड़े हैं या धनराशि ज्यादा है, उसे राज्य सरकार को सीबीआई जांच के लिए संदर्भित करने का अधिकार दिया गया है। राज्य सरकार ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव या सचिव को इसके लिए अधिकृत कर दिया है। ये सक्षम प्राधिकारी की रिपोर्ट पर सीबीआई को प्रकरण संदर्भित कर सकेंगे।