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यूपी : नियमों की अनदेखी करके स्लाटर हाउस चलाना पड़ेगा भारी, अवैध स्लाटर हाउस की शिकायतों पर शासन गंभीर
Mon, 19 Jul 2021 10:58 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 19 Jul 2021 10:58 PM IST
सार
पशुओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को देखते हुए लेखा परीक्षा पशु वधशाला और चमड़ा उद्योगों से जुड़ी सभी तरह की गतिविधियों के बारे में सूचना जुटा रहा है। इसके आधार पर अपर निदेशक पशु डॉ. एमए अंसारी ने प्रदेश भर के निकायों से विस्तृत सूचना मांगी है।
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विस्तार
नगर निकायों की सीमा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित स्लाटर हाऊसों पर सरकार ने सख्ती करने का निर्देश दिया है। इनके संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार की मंशा के देखते हुए नगर विकास विभाग ने शहरी क्षेत्र में संचालित होने वाले सभी स्लाटर हाउसों की ब्योरा तैयार करा रहा है।
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दरअसल पशुओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को देखते हुए लेखा परीक्षा पशु वधशाला और चमड़ा उद्योगों से जुड़ी सभी तरह की गतिविधियों के बारे में सूचना जुटा रहा है। इसके आधार पर अपर निदेशक पशु डॉ. एमए अंसारी ने प्रदेश भर के निकायों से विस्तृत सूचना मांगी है। इस सूचना के आधार पर हकीकत को परखा जाएगा और गड़बड़ी पर कार्रवाई की जाएगी।
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निकायों से पिछले पांच सालों का ब्योरा नए सिरे से मांगा गया है। इसमें पूछा गया है कि शहरों में स्थापित पशु वधशालाओं की संख्या कितनी है, इनको स्थापित किए जाने पर कितना खर्च किया गया, चल रहे पशु वधशालाओं की मौजूदा संख्या, बंद होने वालों की संख्या और न चलने की वजह भी पूछी गई है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि कितने पशु वधशालाओं को उच्चीकृत किया गया है। बंद पशु वधशालाओं को पुन: शुरू करने को लेकर अगर कोई कार्रवाई शुरू की गई है तो इसकी भी जानकारी मांगी गई है।
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निकायों से इसके साथ ही पशु वधशालाओं को दिए गए लाइसेंस, इससे मिलने वाले शुल्क, चमड़ा संस्थान चलाने वालों को दिया गया लाइसेंस और उनसे मिलने वाले शुल्क के बारे में जानकारी मांगी गई है। अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारियां भी मांगी गई है।