यूपी उपचुनाव: सपा ने पुलिस-प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- बुर्का उठाकर डराती है, पुलिस न जांचें आईकार्ड
यूपी उपचुनाव को लेकर सपा ने पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। चुनाव आयोग को पत्र भेजकर मांग की है कि पुलिस बुर्का उठाकर डराती है। पुलिस आईकार्ड न जांचें।
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यूपी में नौ सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार थम गया है। बुधवार को मतदान होना है। इससे पहले सपा सरकार और प्रशासन हमलावर है। सपा की तरफ से मांग की गई है कि कोई भी पुलिसकर्मी किसी की आईडी न चेक करे। यही नहीं बुर्का पहनकर आने वाली महिलाओं का बुर्का हटाकर जांच न की जाए।
बताते चलें कि सपा की तरफ से चुनाव आयोग को एक पत्र लिखा गया है। इसमें सपा ने कई मांगें रखी हैं। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन तो केवल चुनाव में गड़बड़ी कर सकता है। मुझे उम्मीद है कि प्रशासन बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के दिए संविधान को बचाने के लिए अधिकार की रक्षा करने का काम करेगा।
सपा सांसद ने छोड़ दी सुरक्षा
बताते चलें कि दूसरी तरफ सपा सांसद लालजी वर्मा ने कटेहरी विधानसभा के उपचुनाव पर प्रशासन पर मतदाताओं को डराने का आरोप लगाया। सांसद ने अपनी सुरक्षा वापस कर दी है। उन्होंने एसपी को पत्र लिखा। कहा कि लाल पर्ची देकर मुस्लिम, कुर्मी, यादव मतदाताओं को डराया जा रहा है। यह स्वस्थ लोकतंत्र के लिए घातक है। कहा कि आपने मुझे अतिरिक्त गनर देने की पेशकश की थी, उसकी जरूरत नहीं। मैं अपना मौजूदा गनर भी छोड़ रहा हूं।
ज्ञापन में समाजवादी पार्टी ने पहले बिंदु में लिखा कि प्रदेश में नौ विधानसभा क्षेत्रों के चुनाव, प्रशासन और पुलिस से जुड़े अधिकारियों को लिखित आदेश जारी किया जाए कि 20 नवंबर को "मतदान के दिन कोई पुलिसकर्मी किसी भी मतदाता की आईडी (मतदाता पहचान पत्र) की जांच नहीं करेंगे।
सपा ने चौथे बिंदु में लोकसभा चुनाव के दौरान हुई घटना का हवाला देते हुए लिखा है कि लोकसभा निर्वाचन 2024 में मतदान के दिन सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगाए गए पुलिस कर्मियों द्वारा सपा समर्थक मतदाताओं विशेषकर मुस्लिम महिला मतदाताओं को पहचान के बहाने, उनका नकाब उठाने की प्रक्रिया से महिलाओं को भयभीत किया गया। मतदान केंद्र से बिना मताधिकार का प्रयोग किए उन लोगों को वापस जाना पड़ा। बड़ी संख्या में सपा समर्थक मतदाता बिना मताधिकार किए वापस लौट गए थे। इससे चुनाव प्रभावित हुआ। मतदेय स्थलों पर मतदान प्रतिशत में गिरावट हुई थी।
सपा ने छठे बिंदु में लिखा निर्वाचन आयोग ने मतदाता को 12 विकल्प से मतदान करने की सुविधा प्रदान की है। जिनके पास आईडी (मतदाता पहचान पत्र) नहीं है, वह 12 में से कोई एक विकल्प दिखाकर मतदान कर सकते हैं।
सपा ने आठवें बिंदु में लिखा करहल विधान सभा क्षेत्र में भाजपा द्वारा पिछले लोकसभा व विधान सभा के चुनावों में असमाजिकतत्त्वों के सहयोग से शान्तिपूर्ण मतदान में व्यवधान डाला गया था। 20 नवंबर को मतदान के दिन भाजपा प्रत्याशी व समर्थकों द्वारा करहल विधान सभा में शान्तिपूर्ण ढंग से मतदान में व्यवधान डालने की साजिश की जा रही है। ऐसे में सभी बूथों की वीडियोग्राफी, बेवकास्टिंग सुनिश्चित कराई जाय।
सपा ने दसवें बिंदु में लिखा करहल विधानसभा क्षेत्र में 17 नवंबर को थाना करहल के पुलिस निरीक्षक द्वारा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को साथ लेकर बस्ती के लोगों को मतदान के बारे में डराया धमकाया गया। लोगों को भयभीत किया गया। निर्दोष महिलाओं, पुरुषों के साथ मारपीट की गई। पुलिस प्रशासन द्वारा भाजपा के इशारे पर सपा समर्थक मतदाताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। चुनाव प्रभावित हो रहा है। निष्पक्ष चुनाव सम्भव नहीं है। ज्ञापन के आखिर में सपा इन इन सभी मांगों पर त्वरित कार्रवाई और मांगों के अनुपालन का अनुरोध किया है।