UP Budget: महिलाओं और बेटियों को प्राथमिकता, 100 टॉपर छात्राओं और टॉप-100 एससी-एसटी बच्चियों को मिलेगा लैपटॉप
बजट में इस बार महिलाओं व बेटियों की सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा, स्वावलंबन पर जोर दिया गया है। लखनऊ, गोरखपुर और बदायूं में तीन महिला पीएसी बटालियन का गठन किया जा रहा है। बजट में महिला सामर्थ्य योजना के लिए 72 करोड़ 50 लाख रुपये की धनराशि प्रस्तावित की गई है।
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वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अब तक का सबसे बड़ा और पेपरलेस बजट पेश किया। एक बार फिर से सरकार बनने के बाद योगी सरकार ने अपने पहले बजट में महिलाओं और बेटियों को प्राथमिकता दी है। बजट में इस बार महिलाओं व बेटियों की सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा, स्वावलंबन पर जोर दिया है। इसके तहत लखनऊ, गोरखपुर और बदायूं में तीन महिला पीएसी बटालियन का गठन किया जा रहा है। बजट में महिला सामर्थ्य योजना के लिए 72 करोड़ 50 लाख रूपये की धनराशि प्रस्तावित की गई है। इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को रोजगार के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे महिलाओ में उत्साह बढ़ेगा और वह सशक्त और आत्मनिर्भर रहेंगी।
बजट में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत यूपीएसईई-2018 की 100 टॉपर छात्राओं को लैपटॉप और 100 टॉपर एससी व एसटी छात्राओं को लैपटॉप का वितरण किया जाएगा। प्रदेश में चल रहे वृहद मिशन शक्ति अभियान के लिए 20 करोड़ रुपये की धनराशि प्रस्तावित की गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत पात्र बालिकाओं को छह विभिन्न श्रेणियों में 15,000 रुपये की सहायता पीएफएमएस के जरिए से प्रदान की जा रही है। इस वित्तीय वर्ष 2022-2023 के बजट में योजना हेतु 1,200 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। पुष्टाहार कार्यक्रम के तहत समन्वित बाल विकास योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले पोषाहार के लिए 1675 करोड़ 29 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
पिछले कुछ वर्षों में एक ओर शिशु मृत्यु दर में तेजी से गिरावट आई है वहीं दूसरी ओर दस्तक कार्यक्रम के परिणामस्वरूप एईएस व जेई से प्रभावित सभी क्षेत्रों में बच्चों की मृत्यु में बड़ी कमी दर्ज की गई है। योगी सरकार के इस पहले बजट में बाल कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत कुपोषण पुनर्वास केन्द्रों को जिलों से ब्लॉक तक ले जाने के लिए बजटीय प्रावधान किया गया है। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत पात्र बच्चों को 4,000 रुपए प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के तहत पात्र लाभार्थियों को 2,500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता स्वीकृत है। इसके साथ ही ऑपरेशन विद्यालय कायाकल्प कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों में बच्चों के नामांकन में वृद्धि की जाएगी।