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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP Budget 2025: CM Yogi Adityanath speaks in Uttar Pradesh Vidhansabha.

UP: महाकुंभ पर टिप्प्णी को लेकर भड़के सीएम योगी, बोले- गिद्धों को लाशें नजर आती हैं सनातन की सुंदरता नहीं

Mon, 24 Feb 2025 10:09 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 24 Feb 2025 10:09 PM IST
सार

यूपी विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ की व्यवस्था पर सवाल उठाने पर विपक्ष को करारा जबाव दिया। उन्होंने कहा कि सब ने अपने स्वभाव और चरित्र के अनुसार महाकुंभ को देखा।

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UP Budget 2025: CM Yogi Adityanath speaks in Uttar Pradesh Vidhansabha.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ को लेकर टिप्पणी करने पर विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने महाकुंभ में अव्यवस्था और भगदड़ के मुद्दे पर जवाब देते हुए कहा कि समाजवादियों और वामपंथियों को सनातन की सुंदरता रास नहीं आ रही है। उन्होंने एक सोशल मीडिया टिप्पणी के माध्यम से विपक्ष को जवाब देते हुए कहा कि महाकुंभ में जिसने जो तलाशा उसे वो मिला। गिद्घों को केवल लाश मिली। सुअरों को गंदगी मिली। संवेदनशील लोगों को रिश्तों की खूबसूरत तस्वीर मिली। आस्थावानों को पुण्य मिला। गरीबों को रोजगार मिला। अमीरों को धंधा मिला। श्रद्घालुओं को साफसुथरी व्यवस्था मिली। पर्यटकों को अव्यवस्था मिली। सद्भावना वाले लोगों को जातिरहित व्यवस्था मिली। एक ही स्थान पर सभी जाति के लोगों ने स्नान किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ को लेकर किए जाने वाले प्रश्न समाजवादियों और वामपंथियों की नीयत को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष के आरोपों का जवाब दे रहे थे। 

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को विधानसभा में विपक्ष पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि सब अपने स्वभाव और चरित्र के अनुसार महाकुंभ के आयोजन को देख रहे हैं। एक ही घाट पर सभी जाति वर्ग के तीर्थ यात्री बिना भेदभाव के नहाते रहे। मुख्यमंत्री ने तंज कसा कि सनातन की सुंदरता आखिर समाजवादी और वामपंथियों को कैसे नजर आएगी। इनके द्वारा लगातार किए जाने वाले प्रश्न, उनकी नियत को ही संदेह के दायरे में खड़ा करतें हैं। महाकुंभ ने पूरी दुनिया को भारत की सनातन एकता का संदेश देकर प्रधानमंत्री के एक भारत श्रेष्ठ भारत के विजन को चरितार्थ करके दिखाया है।
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अब समाजवादी भी सनातनी हो गए
महाकुंभ को लेकर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए सीएम ने कहा कि अच्छा लगा कि आपने महाकुंभ, सनातन परंपरा व अयोध्या धाम को स्वीकार किया। सपा जब अंतिम पायदान पर खड़ी होती है तो उसे धर्म की याद आती है। महाकुंभ की व्यवस्थाओं पर विपक्ष के आरोपों पर तंज कसते हुए कहा कि बहुत अच्छा लगा कि समाजवादी भी अब सनातनी हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष को इस बारे में आपत्ति थी कि भाजपा ने अपने लोक कल्याण संकल्प पत्र में राज्यपाल के अभिभाषण में महाकुंभ को वैश्विक स्तर का आयोजन बनाने का उल्लेख क्यों किया और उस प्रकार की व्यवस्था क्यों नहीं की। यदि विश्वस्तरीय सुविधा नहीं होती तो अब तक 63 करोड़ श्रद्धालु महाकुंभ का हिस्सा नहीं बनते।

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हमने महाकुंभ जाने से किसी जाति को नहीं रोका
सीएम ने कहा कि विपक्ष द्वारा महाकुंभ में एक जाति विशेष को वहां जाने से रोकने की बात कही गई, लेकिन किसी जाति को रोका नहीं गया था। हमने कहा था कि जो सद्भावना से जाएगा उसका स्वागत है। वह सम्मान से कुंभ में आ सकते हैं, लेकिन जो दुर्भावना से जाएगा तो उसकी दुर्गति भी होगी। मुख्ममंत्री ने नेता प्रतिपक्ष से पूछा कि आपके समय में यूपी क्यों पिछड़ा था? हमने पांच वर्ष सफलतापूर्वक चलाने के बाद बहुमत से दोबारा सरकार बनाई और 2027 में फिर से आएंगे हैट्रिक लगाएंगे।


देव, दानव व महामानव का अंतर बताया
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की टिप्पणी से अपनी बात की शुरूआत करते हुए कहा कि डॉ. राधाकृष्णन ने कहा कि मानव का मानव होना उपलब्धि है, मानव का दानव होना पराजय और मानव का महामानव होना उसकी विजय है। मानव, दानव व महामानव (देव) तीनों श्रेणी सदा रही हैं। मान्यता है कि महर्षि कश्यप की दो रानियां थीं। एक से देव व दूसरे से दानव हुए। सीएम ने कहा कि कर्म, आचरण, व्यवहार उन्हें उस श्रेणी में पहुंचाता है। सीएम ने देव, दानव व महामानव का अंतर बताया।


विपक्ष ने गैर सनातनी को बनाया था कुंभ का प्रभारी

2013 में कुंभ का प्रभारी तत्कालीन आजम खां को बनाए जाने पर सीएम ने उनका नाम लिए बगैर कहा कि हमने सपा की तरह आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं किया। उनके समय में मुख्यमंत्री को फुर्सत नहीं थी कि वे उस आयोजन को देख सकें और उसकी समीक्षा कर सकें। यही वजह है कि उन्होंने एक गैर सनातनी को कुंभ का प्रभारी बनाया था, लेकिन यहां मैं स्वयं लगातार समीक्षा करा रहा हूं। यही वजह है कि 2013 के कुम्भ में जो भी गया, उसे अव्यवस्था, भ्रष्टाचार और प्रदूषण देखने को मिला।

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