यूपी बोर्ड के स्कूलों में गीता पढ़ेंगे विद्यार्थी, 'गीता रहस्य' पर होगी गायन प्रतियोगिता
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यूपी बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों के छात्रों के बीच श्रीमद्भगवद्गीता पर आधारित गायन प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। जिला स्तर पर चयनित टीमों की मंडल और उसके बाद राज्य स्तर पर प्रतियोगिता कराई जाएगी। राज्य स्तर पर चयनित गायन मंडली को मुख्यमंत्री सम्मानित करेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी विद्यालयों को इसकी तैयारी करने का निर्देश जारी किया है। जिलों में होने वाली प्रतियोगिता की तिथि जल्द घोषित की जाएगी।
‘स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और हम इसे लेकर रहेंगे’ का नारा देने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के सम्मान में प्रदेश सरकार के निर्देश पर यह प्रतियोगिता कराई जा रही है। उनकी पुस्तक ‘श्रीमद्भगवद्गीता रहस्य’ पर आधारित गायन प्रतियोगिता कराने के निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ के जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी विद्यालयों में प्रतियोगिता होगी। इसमें राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन विद्यालयों के योग्य विद्यार्थियों को प्रतिभाग कराने का निर्देश दिया गया है। विद्यालय अपने स्तर से गायन मंडली का चयन करेंगे।
जल्द ही जिला स्तर की प्रतियोगिता की तिथि घोषित कर दी जाएगी। यह प्रतियोगिता राजकीय जुबली इंटर कॉलेज में होगी। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर चयनित टीमों को मंडल स्तर पर प्रतिभाग करने का मौका मिलेगा।
यह है प्रतियोगिता का उद्देश्य
भगवद्गीता गायन प्रतियोगिता के जरिये योगी सरकार ने जहां अपने एजेंडे को धार देने का प्रयास किया है, वहीं इसे सपा द्वारा सैफई में श्रीकृष्ण की मूर्ति लगाने पर पलटवार भी माना जा रहा है। उधर, अधिकारियों का तर्क है कि विद्यार्थी जीवन में ही बच्चों को गीता के रहस्यों की जानकारी देने के लिए यह आयोजन कराया जा रहा है। पढ़ाई के अलावा विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति व धार्मिक ग्रंथों के बारे में जानना भी आवश्यक है ताकि वे संस्कारी बनें।
15 को मंडल और 29 को राज्य स्तर की प्रतियोगिता
माध्यमिक शिक्षा निदेशक अवध नरेश शर्मा ने बताया कि मंडल स्तर पर 15 दिसंबर को प्रतियोगिता कराने का निर्देश दिया गया है। इसमें जिले स्तर की प्रथम तीन विजयी टीमें भाग लेंगी। 29 -30 दिसंबर को राज्य स्तर पर राजधानी में प्रतियोगिता होगी। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित रहेंगे। दस विजेता टीमों को मुख्यमंत्री सम्मानित करेंगे।
तिलक ने बर्मा के मांडला जेल में की थी रचना
स्वतंत्रा सेनानी बाल गंगाधर तिलक ने श्रीमद्भगवद्गीता रहस्य की रचना बर्मा के मांडला जेल में रहते हुए की थी। ब्रिटिश शासन के दौरान 1910 में जब वह जेल में थे, तब उन्होंने इसका लेखन शुरू किया था। उन्हें बचपन से ही गीता से काफी लगाव था।