यूपी को निवेश के लिए पसंदीदा स्थान वाला राज्य बनाने पर मंथन, आईआईएम के साथ विचार-विमर्श
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प्रदेश में निवेश को किस तरह बढ़ावा दिया जाए, उद्योगों का किस तरह विस्तार हो? उद्यमियों की समस्याओं का कैसे संतोषपूर्ण समाधान हो। इस पर आईआईएम लखनऊ और अवस्थापना व औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को मंथन किया।
गोमतीनगर स्थित सीआईआई कार्यालय में इंडस्ट्री विभाग की ओर से आयोजित मंथन कार्यक्रम का उद्घाटन औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, प्रदेश में औद्योगिकीकरण का माहौल बनाने के लिए जमीन पर काम का दिखना जरूरी है। फाइल पर कितनी अच्छी नोटिंग है, इसका उतना महत्व नहीं है, जितना अहम यह है कि जमीन पर उसका असर क्या हुआ। कितनी परियोजनाएं जमीन पर उतरीं और कितने लोगों को रोजगार के अवसर मिले।
महाना ने पुराने उद्योगों की समस्याओं के समाधान पर विचार की जरूरत बताई। कहा, अधिकारियों को निर्णय लेने की जरूरत है ताकि काम में तेजी आए। अगर निवेशक को लगता है कि उनके काम में अड़चन आ रही है तो यह स्थिति ठीक नहीं है। हमारी सफलता तभी है, जब उद्यमी तक सभी सुविधाएं पहुंचे और प्रदेश पसंदीदा जगह बने।
मंथन में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के आयुक्त आलोक टंडन, प्रमुख सचिव आलोक कुमार, यूपीडा के सीईओ अवनीश कुमार अवस्थी, नोएडा अथॉरिटी की सीईओ रितु माहेश्वरी, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ नरेंद्र भूषण सहित यूपीसीडा, लीडा व सीडा सहित औद्योगिक विकास विभाग व औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के अधिकारी मौजूद थे।
इन विषयों पर हुई चर्चा
लैंड बैंक बढ़ाने, इंडस्ट्री के लिए आधारभूत ढांचे के विकास, निवेश प्रोत्साहन और सुविधाओं में सुधार जैसे विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में आईआईएम लखनऊ के प्रोफेसर संजय कुमार सिंह ने बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए बताया कि टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर फोकस कर बांग्लादेश ने विकास किया और इससे वहां 45 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला।