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यूपी: बांदा जेल के अधीक्षक और डिप्टी जेलर निलंबित, गैंगस्टर रवि काना को रिहा करने के मामले में हुई कार्रवाई

Wed, 04 Feb 2026 10:44 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 04 Feb 2026 10:44 PM IST
सार

Banda Jail Superintendent suspended: गैंगस्टर रविंद्र सिंह उर्फ रवि काना को रिहा करने के मामले में बुधवार को बांदा जेल के अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया। इसके पहले जेलर निलंबित हो चुके हैं। 
 

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UP: Banda Jail Superintendent and Deputy Jailer suspended over the release of gangster Ravi Kana; jailer remai
बांदा जेल का है मामला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गैंगस्टर रविंद्र सिंह उर्फ रवि काना को रिहा करने के मामले में बुधवार को बांदा जेल के अधीक्षक अनिल कुमार गौतम और डिप्टी जेलर निर्भय सिंह को निलंबित कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं। मामले में जेलर को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।

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दरअसल, कुख्यात बदमाश रवि काना बांदा जेल में बंद था। गौतमबुद्धनगर न्यायालय ने वसूली के मामले में उसको बी वारंट पर तलब किया था। 29 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उसकी पेशी हुई थी। उसी दिन शाम को जेल प्रशासन ने उसको रिहा कर दिया था। जानकारी पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गौतमबुद्ध नगर ने डीजी जेल व जेल अधीक्षक से जवाब मांगा था। कहा था कि क्यों न इसमें गैंगस्टर को फरार कराने का केस दर्ज किया जाएगा। इसके बाद आननफानन डीजी ने जेलर विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया था। डीजी जेल पीसी मीणा ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद डिप्टी जेलर निर्भय सिंह को निलंबित किया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन ने जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम को भी निलंबित कर दिया है।

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पहले बचाने का था प्रयास

मामले को पहले मैनेज करने में अफसर जुटे थे। चूंकि मामला सीधे न्यायालय से जुड़ा था इसलिए कार्रवाई शुरू हुई। इसमें पहले केवल एक जेलर को निलंबित किया गया था। अधीक्षक के खिलाफ केवल जांच का हवाला दिया जा रहा था। यहां तक कि उच्चाधिकारी बंदी को रिहा करने में अधीक्षक की किसी तरह की जिम्मेदारी ही नहीं बता रहे थे लेकिन जब मामले ने तूल पकड़ा तब जांच करवाकर रिपोर्ट शासन भेजी गई। इसके बाद अधीक्षक पर कार्रवाई हुई।

अभी काना का नाम केस में नहीं...

एफआईआर जेल अधीक्षक, जेलर व अन्य जेल अधिकारी व कर्मचारियों पर दर्ज की गई है। केस में रवि काना को आरोपी नहीं बनाया गया है। एसपी बांदा पलाश बंसल का कहना है कि रिहाई लिखापढ़ी में अफसराें ने की। इसलिए अभी रवि को आरोपी नहीं बनाया गया है। विवेचना में अगर अफसरों व बंदी के बीच सांठगांठ के साक्ष्य मिलते हैं तो उसको भी आरोपी बनाया जाएगा और एफआईआर में धाराएं भी बढ़ाई जाएंगी।

 

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