यूपी में दिसंबर में होंगे विधानसभा चुनाव: अखिलेश यादव
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि केंद्र सरकार विधानसभा के चुनाव जल्दी कराना चाहती है। चुनाव इसी साल दिसंबर में हो सकते हैं। ऐसे में उनकी सरकार ने विकास योजनाओं को जमीन पर पहुंचाने का काम तेज कर दिया है।
मुख्यमंत्री सोमवार को राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में लोगों के सवालों के जवाब दे रहे थे। मुख्यमंत्री ने एक सवाल पर कहा कि केंद्र सरकार यूपी के विधानसभा चुनाव दिसंबर में ही कराना चाहती है।
उन्हें केंद्र की योजना की पूरी खबर है। इसीलिए उन्होंने दो अक्तूबर को ही आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर गाड़ी चलाने का फैसला कर लिया है।
अगर गाड़ी चलने में कोई अड़चन होगी तो उनकी साइकिल कौन रोक लेगा? इसी तरह लखनऊ मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है। चुनाव के पहले उसका भी ट्रायल शुरू हो जाएगा।
हो रहा हमारा नुकसान, लोग कह रहे फैमिली ड्रामा
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि कुछ घटनाक्रमों से उनका नुकसान हो रहा है लेकिन लोग इसे भी उनकी छवि चमकाने के लिए फैमिली ड्रामा करार दे रहे हैं।
राजधानी में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से पूछा गया था कि आखिर उन्होंने बलराम यादव को मंत्रिपरिषद से क्यों निकाल दिया?
मुख्यमंत्री ने इसका सीधा जवाब नहीं दिया। कहा कि लोकतंत्र में ऊंची छलांग के लिए पीछे भी जाना पड़ता है। मुख्तार अंसारी को लेकर पारिवारिक कलह कैसे आगे आ गई?
इस सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि चुनाव के लिए पहले समीकरण बनाएं, विकास पीछे रखा जाए, जबकि हम चाहते हैं विकास को आगे रखें। इसलिए मेट्रो बनाई, एक्सप्रेस वे बनाया। और भी तमाम काम किए।
कौमी एकता दल पर विरोधी निकालने लगे दूसरा मतलब
अखिलेश ने कहा कि कौमी एकता दल के सपा में विलय को रद्द करने का फैसला पार्टी का था लेकिन विरोधी बड़े चतुर हैं, वह दूसरा मतलब निकालने लगे। नुकसान हमारा हो रहा है, चीजें हमारे खिलाफ हो रही हैं लेकिन कुछ लोग कह रहे हैं कि सीएम को हाईलाइट करने के लिए यह सब चल रहा है।
भाजपा सांसद ने कैराना में बुआ के समय की दे दी सूची
मुख्यमंत्री ने कैराना से हिंदुओं के पलायन से जुड़े सवाल का जवाब अपने अंदाज में दिया। अखिलेश ने कार्यक्रम में मौजूद भाजपा सांसद हुकुम सिंह की ओर इशारा करते हुए कहा कि इन्होंने गलत सूची दे दी। यह सूची तब की थी जब ये बुआ से राखी बंधवा रहे थे। कैराना से पलायन को धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। लोग आर्थिक व अन्य जरूरतों के मद्देनजर बाहर गए हैं।
सर्वे करके बसपा के टिकटों का रेट बढ़वा दिया
मुख्यमंत्री ने विधानसभा चुनाव के एक सर्वे में बसपा को आगे बताने पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हो रहा था, सर्वे यूपी का कर दिया गया।
सर्वे का सबसे तेज असर ये हुआ कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने बसपा छोड़ दी। दूसरा, सर्वे ने बसपा के टिकटों के भाव बढ़ा दिए। अखिलेश ने कहा कि यूपी के चुनाव में उनकी पार्टी नंबर एक पर है। किसी से कोई मुकाबला नहीं है।