यूपी ने किसानों के लिए केंद्र से मांगे दो हजार करोड़
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राज्य सरकार ने सूखा प्रभावित 50 में से 21 जिलों को राहत पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार से 2057.79 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है। राजस्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव की सहमति के बाद सोमवार को प्रमुख सचिव राजस्व सुरेश चंद्रा ने केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण सचिव सिराज हुसैन को केंद्र सरकार को मांगपत्र (मेमोरेंडम) भेज दिया।
प्रमुख सचिव राजस्व ने केंद्र को बताया है कि प्रदेश सरकार ने 50 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। पर, 33 फीसदी फसलों के नुकसान पर सहायता के नवीनतम मानक के हिसाब से 21 जिलों में 1427.17 करोड़ रुपये की फसलों की क्षति हुई है।
वहीं सूखे से निपटने के लिए विभिन्न विभागों ने 630.62 करोड़ की योजना पेश की है। लिहाजा सूखा राहत के लिए राज्य को तत्काल 2057.79 करोड़ रुपये की जरूरत है। चंद्रा ने राष्ट्रीय आपदा मोचक निधि से यह रकम मंजूर करने का आग्रह किया है।
इन 21 जिलों के लिए मांगी मदद
अंबेडकरनगर, बलरामपुर, इलाहाबाद, बांदा, चित्रकूट, देवरिया, फतेहपुर, गोरखपुर, झांसी, कानपुर नगर, महराजगंज, महोबा, मऊ, मिर्जापुर, सोनभद्र, उन्नाव, हमीरपुर, कुशीनगर, ललितपुर, संतकबीरनगर व जालौन।
इस तरह हुआ नुकसान
सूखे से कुल क्षेत्रफल में फसलों का नुकसान--21,97,352 हेक्टेयर
33 फीसदी से अधिक नुकसान का रकबा--15,08,455.08 हेक्टेयर
दो हेक्टेयर तक जोत वाले किसानों के लिए मांगी रकम--1156.72 करोड़ रुपये
दो हेक्टेयर से अधिक जोत वालों के लिए मांगी रकम--270.45 करोड़ रुपये
किस मद में कितनी रकम की मांग (रुपये में)
कृषि निवेश अनुदान--1427.17 करोड़ (सिर्फ 21 जिलों के लिए)
उद्यान विभाग--25.00 करोड़
ऊर्जा विभाग--192.00 करोड़
सिंचाई विभाग--60.00 करोड़
पशुपालन विभाग--04.68 करोड़
भूजल एवं लघु सिंचाई--10.18 करोड़
वन विभाग--05.00 करोड़
पेयजल व्यवस्था--328.42 करोड़
मत्स्यपालकों के लिए--05.34 करोड़
(सूखा प्रभावित सभी 50 जिलों के लिए)