{"_id":"68b3d7638fef180af507dd3b","slug":"up-arbitrariness-is-being-done-in-installing-smart-prepaid-meters-in-the-state-more-than-8500-crores-are-bei-2025-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने में हो रही है मनमानी, 8500 करोड़ से ज्यादा किया जा रहा है खर्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने में हो रही है मनमानी, 8500 करोड़ से ज्यादा किया जा रहा है खर्च
Sun, 31 Aug 2025 10:35 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 31 Aug 2025 10:35 AM IST
सार
UP electricity meter: यूपी में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने में मनमानी हो रही है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस बारे में गंभीर आरोप लगाए हैं।
विज्ञापन
स्मार्ट बिजली मीटर।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने में भी मनमानी का आरोप लगाया है। परिषद का कहना है कि ऑल इंडिया डिस्काॅम एसोसिएशन पूरी तरह प्रदेश के उपभोक्ताओं के घरों में जल्द से जल्द स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगवाने में जुटी है। क्योंकि उन्हें पता है कि प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर का टेंडर 8500 करोड़ अधिक दर पर हुआ है। मीटर लगेंगे तभी उनका भुगतान होगा।
विज्ञापन
प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के टेंडर के लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने 18885 करोड़ अनुमोदित किया था, लेकिन प्रदेश में टेंडर 27342 करोड़ का जारी किया गया है। ऐसे में करीब 8500 करोड़ ज्यादा खर्च किया जा रहा है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि मीटर की लागत प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं से नहीं वसूली जा सकती। इसके लिए केंद्र सरकार ने आदेश जारी कर रखा है।
विज्ञापन
बंद हो उत्पीड़नात्मक कार्रवाई : समिति
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने कहा कि निजीकरण की आड़ में बिजली कर्मचारियों पर लगातार उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है। इससे बिजली कर्मियों में आक्रोश बढ़ रहा है। संघर्ष समिति ने कहा कि तमाम कार्मिकों को 3 माह से वेतन नहीं दिया गया है जो पूरी तरह अमानवीय है। संविदा कर्मियों को 55 वर्ष की आयु के नाम पर निकाला जा रहा है।
विज्ञापन
सेवानिवृत्त कर्मियों को तत्काल सौंपे देय
पाॅवर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ आशीष गोयल एवं प्रबंध निदेशक पंकज कुमार ने शनिवार को सेवानिवृत होने वाले आठ कार्मिकों को उनके देयकों से संबंधी पपत्र सौंपे। इसमें मुख्य अभियंता जमुना प्रसाद विमल एवं विकास गुप्ता, अधीक्षण अभियंता मुनेंद्र कुमार, अनुभाग अधिकारी राम बहादुर यादव, लेखाकार पूनम कपूर तथा गिरीश चंद्र जोशी, अनुसेवक मन्नालाल वाल्मीकि तथा राम मनोहर शामिल है। गोयल ने कहा कि सभी निगमों के प्रबंध निदेशकों को निर्देशित किया कि सेवानिवृत्त होने वालों को तत्काल उनके देयकों का भुगतान कर दिया जाए।