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यूपी: पशुपालन विभाग ने जारी किए निर्देश, बैल व भैंसे पर 1400 किलो से ज्यादा न लादें भार; दोपहर में न लें काम
Tue, 27 May 2025 10:13 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Tue, 27 May 2025 10:13 PM IST
सार
Weight of buffalo and bull is fixed: प्रदेश में पशुपालन विभाग ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम को लेकर दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि बैल और भैंसे पर 1400 किलो से ज्यादा भार न लादें।
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दोपहर में पशुओं से काम न कराने के निर्देश।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
पशुपालन विभाग ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा है कि परिवहन के लिए पशुओं द्वारा छोटा बैल या छोटा भैंसा दो पहिया वाहन से 1000 किलोग्राम का भार दे सकेंगे। वहीं हवा वाले टायर लगे हो तो 750 किलोग्राम, हवा वाले टायर न लगे हो तो 500 किलोग्राम तक के भार निर्धारित है।
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इसी तरह मध्यम बैल या मध्यम भैंसा 1400 किलोग्राम से 700 किलोग्राम तक बड़ा बैल या बड़ा भैंसा 1350 किलोग्राग से 900 किलोग्राम, घोड़ा या खच्चर 750 किलोग्राग से 500 किलोग्राम तक टट्टू (पोनी) 600 से 400, ऊंट 1000 तथा भारवाहक पशुओं के लिए अधिकतम भार छोटा बैल या छोटा भैंसा 100 किलोग्राम दे सकेंगे।
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पशुपालन विभाग के निदेशक प्रशासन व विकास डॉ. जयकेश कुमार पांडेय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि मध्यम बैल या मध्यम भैंसा 150, बड़ा बैल या बड़ा भैंसा 175, टट्टू (पोनी) 70, खच्चर 200, गधा 50 एवं ऊंट 150 किलोग्राम भार निर्धारित है। इसी प्रकार पशुओं से चलने वाले वाहनों में अधिकतम सवारियां चालक और छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों को छोड़कर चार सवारी की अनुमति होगी।
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उन्होंने बताया कि भारवाहक और भार ढ़ोने वाले पशुओं, वाहन खींचने या भार ढ़ोने वाले एक दिन में 9 घंटे से अधिक पशुओं का प्रयोग नहीं करेंगे। पशुओं से लगातार पांच घंटे से अधिक काम नहीं कराए जाएंगे। जिन क्षेत्रों में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो वहां दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच पशुओं का प्रयोग नहीं करेंगे। इसके अतिरिक्त नुकीली लकड़ी आदि का प्रयोग भी नहीं करेंगे। उन्होंने सभी पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन नियमों का सख्ती से पालन कराएं और पशु क्रूरता की जानकारी मिलने पर नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें।