UP: अखिलेश यादव बोले- सिंधी समाज की दान की 200 किलो चांदी कहां गई? पारदर्शिता से जांच हो
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने राम मंदिर में दान की गई कथित 200 किलो चांदी को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि दान और उससे जुड़े अभिलेखों की पारदर्शी जांच होनी चाहिए। यह मुद्दा दान की रसीद और रिकॉर्ड को लेकर उठी शंकाओं के बाद चर्चा में आया है।
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या के राम मंदिर में दान में दी गई कथित 200 किलो चांदी के मुद्दे पर भाजपा और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को निशाने पर लिया है। मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर किए गए पोस्ट में उन्होंने सिंधी समाज द्वारा उठाए गए सवालों का हवाला देते हुए कहा कि अगर भाजपा नेताओं और उनके सहयोगियों के "महापाप" की परतें इसी तरह खुलती रहीं तो "जांच" की जगह "ढांक" का काम और तेजी से शुरू हो जाएगा।
एक परत और खुली… अगर भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों के महापाप की परतें यूँ ही खुलती रहीं तो ‘जाँच’ की जगह ‘ढाँक’ का काम और भी तेज़ी से शुरू हो जाएगा। pic.twitter.com/RSClRtqmqS
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 23, 2026
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट के साथ एक मीडिया रिपोर्ट साझा की, जिसमें दावा किया गया है कि सिंधी समाज ने राम मंदिर निर्माण के लिए दान में दी गई करीब 200 किलो चांदी की रसीद अब तक नहीं मिलने का सवाल उठाया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मामले की जांच एसआईटी कर रही है और सिंधी समाज ने दान की पारदर्शिता को लेकर जवाब मांगा है।
सपा प्रमुख ने कहा कि इस तरह के मामलों में पूरी पारदर्शिता के साथ जांच होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके। उन्होंने भाजपा पर परोक्ष रूप से आरोप लगाते हुए कहा कि तथ्यों के सामने आने से बचने की कोशिश की जा रही है।