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यूपी: पान मसाले के बाद आयरन-स्टील इकाइयों की भी नाकेबंदी, बड़ी और मध्यम फैक्ट्रियां जांच के दायरे में

Thu, 28 Nov 2024 07:44 AM IST
रोहित मिश्र अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Thu, 28 Nov 2024 07:44 AM IST
सार

Raids on iron factories: पान मसाले में सख्ती के साथ-साथ आयरन स्टील इकाइयों के बाहर चौबीस घंटे की रोस्टर ड्यूटी लगा दी गई है। ई वे बिल की स्कैनिंग के बिना एक भी गाड़ी निकलने की सूचना पर कठोर कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।

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UP: After pan masala, iron-steel units also blocked, big and medium factories under investigation
जांच के दायरे में फैक्ट्रियां। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

 पान मसाले के बाद आयरन और स्टील इकाइयों के बाहर भी राज्य कर विभाग ने नाकेबंदी कर दी है। संवेदनशील उत्पादों की फेहरिस्त में पान मसाले के बाद आयरन-स्टील का ही नंबर है। प्रदेश की बड़ी और मध्यम स्टील इकाइयों के बाहर चौबीस घंटे टीमों को तैनात करने का आदेश शासन से दिया गया है। इस बीच सूत्रों के मुताबिक तीन राज्यों से बिना टैक्स चुकाए पान मसाला के 20 से ज्यादा ट्रक रोज यूपी पहुंच रहे हैं।

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पान मसाले में सख्ती के साथ-साथ आयरन स्टील इकाइयों के बाहर चौबीस घंटे की रोस्टर ड्यूटी लगा दी गई है। ई वे बिल की स्कैनिंग के बिना एक भी गाड़ी निकलने की सूचना पर कठोर कार्यवाही की चेतावनी दी गई है। इस फैसले से जहां पान मसाला इकाइयों में उत्पादन लगभग बंद हो गया है, वहीं स्टील इकाइयों से भी निकलने वाले उत्पाद एकाएक घट गए हैं।
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दूसरी तरफ हाइवे और प्रमुख मार्गों में निगरानी घटने से टैक्स चोरी के उत्पादों की आवक एकाएक बढ़ गई है। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान से आने वाले कर अपवंचित उत्पादों की रफ्तार बढ़ गई है। खास तौर पर पान मसाला की खेप में तीन गुना तक तेजी आ गई है। खास बात ये है कि पहले करीब 40 वाहन अंदर के रास्तों से आते थे लेकिन अब मुख्य मार्गों से भी आ रहे हैं।
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तीन दिन में मांगा एक साल का हिसाब-किताब, निलंबन की चेतावनी
प्रमुख सचिव ने पिछली जांचों को लेकर भी दिशा निर्देश जारी किए हैं। एसआईबी और सचल दलों के पिछले कामकाज की समीक्षा करने के लिए मार्च-24 तक की गई कार्रवाई का पूरा ब्योरा मांगा है। पूरी रिपोर्ट के लिए कट-ऑफ तारीख 30 नवंबर तय की है। इस अवधि में सचल दलों और एसआईबी द्वारा मार्च-24 तक की गई जांच, जांच के दौरान पकड़ी गई अनियमितताएं, टैक्स चोरी का उत्पाद, उत्पाद में की गई टैक्स चोरी और पेनाल्टी व टैक्स जमा करने का पूरा ब्योरा मांगा गया है।

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