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यूपी: नोएडा-गाजियाबाद के बाद उन्नाव पर बड़े कारोबारियों की नजर, करीब नौ हजार करोड़ रुपये हो चुका है निवेश
Wed, 14 Oct 2026 11:56 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Wed, 14 Oct 2026 11:56 AM IST
सार
उन्नाव में पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और फूड प्रोसेसिंग में करीब नौ हजार करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। जिले में यूआईए के शाही परिवार के सदस्य और दुबई की कंपनियां निवेश कर रही हैं।
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- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
विस्तार
लखनऊ और कानपुर के बीच स्थित उन्नाव अब चमड़ा उद्योग और पारंपरिक कारोबार से आगे बढ़कर वैश्विक कंपनियों के निवेश का नया केंद्र बन रहा है। अमेरिकी कंपनी क्राउन होल्डिंग्स, पोलैंड की कैनपैक और संयुक्त अरब अमीरात से जुड़ी एक्वाब्रिज होल्डिंग्स जैसी कंपनियों की दिलचस्पी से जिले को औद्योगिक पहचान मिल रही है। यहां बड़ी कंपनियां करीब नौ हजार करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी हैं।
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इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद के मुताबिक, एक्सप्रेसवे व राष्ट्रीय राजमार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी, लखनऊ-कानपुर के बीच रणनीतिक स्थिति और औद्योगिक भूमि की उपलब्धता निवेश को आकर्षित कर रही है। इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (आईएमएलसी) और ट्रांसगंगा सिटी जैसी परियोजनाएं औद्योगिक विकास को गति दे रही हैं। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की मौजूदगी से जिले को शिक्षा के उभरते केंद्र के रूप में भी पहचान मिल रही है।
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एल्युमीनियम बेवरेज कैन निर्माता क्राउन होल्डिंग्स अपनी भारतीय विनिर्माण इकाई में 2,078.44 करोड़ रुपये निवेश करेगी। पोलैंड की कैनपैक आईएमएलसी में 1,300 से 1,575 करोड़ रुपये की लागत से ग्रीनफील्ड इकाई स्थापित कर रही है। करीब 26 हेक्टेयर में बनने वाली इस इकाई की सालाना उत्पादन क्षमता लगभग 130 करोड़ कैन होगी।
यूएई के शाही परिवार के सदस्य शेख अहमद बिन मना बिन खलीफा अल मकतूम से जुड़ी एक्वाब्रिज होल्डिंग्स मत्स्यपालन और फिश प्रोसेसिंग में करीब 4,000 करोड़ रुपये निवेश कर रही है। वहीं, दुबई की स्नैक फूडस्टफ्स ट्रेडिंग एलएलसी और एचएमए ग्रुप इंडिया के बीच कृषि उत्पाद क्षेत्र में लगभग 2,000 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता हुआ है।
लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी से बढ़ीं संभावनाएं
हीरानंदानी समूह भी जिले में लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में निवेश कर चुका है। करीब 135 हेक्टेयर में विकसित हो रहे आईएमएलसी और ट्रांसगंगा सिटी में 46 परियोजनाएं आ रही हैं। लखनऊ-कानपुर के बीच स्थिति, बेहतर सड़क संपर्क और बड़े औद्योगिक भूखंडों की उपलब्धता से माल ढुलाई, आपूर्ति शृंखला और कारोबार की लागत घटाने में मदद मिलेगी।