फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: 843 cases registered by marking 124 mining mafia, revenue of 12 thousand crores in four years

यूपी : 124 खनन माफिया चिह्नित कर 843 मुकदमे दर्ज, चार साल में 12 हजार करोड़ का राजस्व

Thu, 09 Sep 2021 09:46 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 09 Sep 2021 09:46 PM IST
सार

सपा, बसपा की सरकारों की तुलना में योगी सरकार के कार्यकाल में खनन से करीब दो गुना से अधिक राजस्व मिला है। वहीं सरकार ने 80 खनन माफियाओं को गिरफ्तार किया है। 14 खनन माफिया की 52 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की गई है।

विज्ञापन
UP: 843 cases registered by marking 124 mining mafia, revenue of 12 thousand crores in four years
अवैध रेत खनन - फोटो : amar ujala

विस्तार

प्रदेश में बीते सवा चार साल में खनन से सरकार को 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई है। सपा, बसपा की सरकारों की तुलना में योगी सरकार के कार्यकाल में खनन से करीब दो गुना से अधिक राजस्व मिला है। वहीं सरकार ने चाबूक चलाते हुए 124 खनन माफिया चिह्नित कर उनके खिलाफ 843 मुकदमे दर्ज कराए हैं और 80 खनन माफियाओं को गिरफ्तार किया है। 14 खनन माफिया की 52 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की गई है।

विज्ञापन


प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद मार्च 2017 के बाद भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की ओर से अवैध खनन और परिवहन पर रोक के लिए इंटीग्रेटेड माइनिंग सर्विलांस सिस्टम (आईएमएसएस) विकसित किया गया। खनन की अनुमति के लिए सिस्टम को ऑनलाइन किया गया। विभाग की ओर से जुलाई तक 213 खनन योजना को अनुमति दी गई है। विभाग की सचिव रोशन जैकब ने बताया कि विभाग की ओर से अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ  सख्त कार्रवाई की जा रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed