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यूपी: सड़क दुर्घटना रोकने के लिए लगाए जाएंगे 3510 सुरक्षा स्वयंसेवक, तहसीलवार होगी नियुक्ति; जानिए डिटेल
Sun, 05 Oct 2025 07:22 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो,लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो,लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 05 Oct 2025 07:22 PM IST
सार
Road accidents in UP: यूपी में सड़क दुर्घटना रोकने के लिए अब सड़क सुरक्षा स्वयंसेवकों को नियक्ति किया जाएगा। इनकी यह नियुक्ति तहसील स्तर पर होगी।
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सड़क सुरक्षा स्वयंसेवकों की होगी नियुक्ति।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
सड़क दुर्घटनाओं को पचास प्रतिशत तक कम करने के उद्देश्य से प्रत्येक तहसील में दस सड़क सुरक्षा स्वयंसेवकों को तैनात किया जाएगा। कुल 3510 स्वयंसेवक यह जिम्मेदारी संभालेंगे। इन्हें मानदेय दिया जाएगा।
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परिवहन विभाग की ओर से इस बाबत शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसकी मंजूरी इस हफ्ते मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसा होने पर सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने में खासी मदद मिलेगी। दरअसल, सड़क सुरक्षा में 50% कमी का लक्ष्य रखा गया है, जिसे हासिल करने के लिए परिवहन विभाग की ओर से ''5ई'' प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें इंफोर्समेंट(प्रवर्तन), इंजीनियरिंग, एजुकेशन, इमजरेंसी केयर व इवेल्यूएशन पर केंद्रित रोड सेफ्टी कार्यक्रम तैयार किया गया है। इस प्रस्ताव को पूर्व परिवहन आयुक्त बीएन सिंह ने तैयार किया था।
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उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं व मौतों में कमी लाने के लिए यह प्लान तैयार किया। इसके तहत प्रत्येक तहसील में 10 प्रशिक्षित स्वयंसेवक, कुल 3510 रोड सेफ्टी स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे। यह स्वयंसेवक स्कूल जोन मार्शलिंग, पैदलपथ, क्रॉसिंग सहायता, हेल्मेट-सीटबेल्ट काउंसलिंग, भीड़-प्रबंधन, वर्क-ज़ोन सुरक्षा-सहयोग, गुड-समैरिटन के बाबत जागरुकता फैलाएंगे। इसके अतिरिक्त जो प्रस्ताव भेजा गया है, उसमें एआरटीओ प्रवर्तन, पुलिस, शिक्षा, स्थानीय निकायों के बीच समन्वय बनाने, प्राथमिक उपचार, भीड़-प्रबंधन, ट्रैफिक-शिष्टाचार आदि को लेकर प्रशिक्षण देने का काम भी शामिल है। इसके अतिरिक्त स्वयंसेवकों को तीन हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा।
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गांवों-कस्बों तक नो हेलमेट, नो फ्यूल
5ई के तहत इंफोर्समेंट में नो हेलमेट, नो फ्यूल का विस्तार गांवों व कस्बों तक किया जाएगा। इसके अलावा इंजीनियरिंग के तहत ब्लैक व रेड स्पॉट पर कार्रवाई होगी। एजुकेशन में विद्यालयों, महाविद्यालयों गतिविधि-कैलेंडर, रोड सेफ्टी एंथम को लेकर जागरुकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इमरजेंसी केयर में 108 के साथ निजी एम्बुलेंस, ट्रॉमा-तत्परता तथा इवेल्यूएशन में ई दिशा, आईरैड, वाहन, सारथी, ई चालान आदि की समीक्षा होगी।