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यूपी: प्रदेश के 10 हजार प्राइमरी स्कूलों को मिलेंगे पर्याप्त शिक्षक, आठ साल के बाद तबादला नीति का होगा फायदा

Sun, 25 May 2025 09:25 AM IST
रोहित मिश्र अक्षय कुमार, अमर उजाला, लखनऊ
अक्षय कुमार, अमर उजाला, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sun, 25 May 2025 09:25 AM IST
सार

Primary schools of UP: यूपी के 10 हजार प्राइमरी स्कूलों को जल्द ही पर्याप्त शिक्षक मिलने जा रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार प्रदेश में 1700 से अधिक विद्यालय नियमित शिक्षकविहीन हैं।
 

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UP: 10 thousand primary schools of the state will get sufficient teachers, transfer policy will have this bene
यूपी के प्राइमरी स्कूल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बेसिक शिक्षा विभाग ने यूं ही नहीं आठ साल बाद जिले के अंदर सामान्य तबादले की प्रक्रिया शुरू की है। इसके पीछे विभाग का यह प्रयास है कि जो विद्यालय एकल या शिक्षकविहीन हैं और जहां ज्यादा शिक्षक हैं। इनका आपस में संतुलन बनाया जा सके। विभाग का यह प्रयास सफल रहा तो 10 हजार से अधिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर किया जा सकेगा।

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बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार प्रदेश में 1700 से अधिक विद्यालय नियमित शिक्षकविहीन हैं। यहां पर पास के शिक्षक या शिक्षामित्रों को तैनात कर पढ़ाई कराई जा रही है। इसी तरह 9100 से अधिक विद्यालय में एक नियमित शिक्षक हैं। इसके साथ ही शिक्षामित्र व अनुदेशक भी तैनात हैं। जबकि काफी स्कूल ऐसे भी हैं, जहां पर बच्चों की संख्या के अनुपात में अधिक शिक्षक तैनात हैं।
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ऐसे में विभाग यह प्रयास करेगा कि सामान्य तबादलों से इन शिक्षकविहीन व एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में ज्यादा शिक्षक वाले विद्यालयों का संतुलन बने। यही वजह है कि आठ साल बाद हो रहे जिले के अंदर व एक साल बाद हो रहे एक से दूसरे जिले में सामान्य तबादलों का मुख्य आधार यू-डायस पोर्टल पर उपलब्ध छात्र संख्या के आधार पर आरटीई के मानकों को बनाया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग कि इस कवायद से जहां उसकी दिक्कतें कम होंगी वहीं स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात भी सुधरेगा।
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इसका असर परिषदीय विद्यालयों की पठन-पाठन व्यवस्था पर पड़ेगा। शासन की ओर से जारी तबादला निर्देश में यह भी कहा गया है कि आवश्यकता से अधिक शिक्षक वाले स्कूलों व जिलों को चिह्नित किया जाएगा। इनकी सूचना भी पोर्टल पर ऑनलाइन जारी की जाएगी। इसके अनुसार शिक्षक अपना 10 प्राथमिकता वाला विकल्प देंगे। विभाग शिक्षकों का तबादला उनकी स्वेच्छा से ही ज्यादा से कम शिक्षक संख्या वाले विद्यालयों व जिलों में करेगा।

गर्मी की छुट्टियों में हो सकती है प्रक्रिया पूरी

बेसिक शिक्षा विभाग ने 2023 में एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले की प्रक्रिया 24 दिन में पूरी की थी। इसमें 16614 शिक्षकों को तबादले का अवसर मिला था। ऐसे में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस साल भी गर्मी की छुट्टियों में ही सामान्य तबादला करने की तैयारी है। बता दें कि वर्तमान में जिले के अंदर और एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले की प्रक्रिया पहले से चल रही है।

वर्तमान तबादलों में भी पड़ेगा असर

प्रदेश में चल रही परस्पर तबादले की प्रक्रिया के बीच शासन ने सामान्य तबादले का आदेश जारी कर दिया है। शिक्षक नेताओं की माने तो इसका असर वर्तमान में चल रही प्रक्रिया पर भी पड़ेगा। शिक्षक नेता निर्भय सिंह ने बताया कि सामान्य तबादले में कहा गया है कि आवश्यकता से अधिक शिक्षक वाले स्कूलों व जिलों को चिह्नित किया जाएगा। इसके अनुसार आवश्यकता वाले स्कूलों व जिलों में शिक्षकों का तबादला किया जाएगा। ऐसे में अगर परस्पर तबादला पाने वाला शिक्षक, जहां आ रहा है। वहां पहले से शिक्षकों की संख्या बेहतर है तो सामान्य तबादले में वह फिर कहीं भेजा जा सकता है। हालांकि शासन ने स्पष्ट किया है कि तबादला स्वेच्छा से ही किया जाएगा। वहीं सामान्य तबादले में जाने वाला शिक्षक संबंधित जिले में वरिष्ठता सूची में सबसे नीचे होगा। इसकी वजह से भी काफी शिक्षक तबादला नहीं लेना चाहेंगे। क्योंकि उनकी वरिष्ठता प्रभावित होगी।

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