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यूपी: ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने दिए निर्देश, नवरात्रि व गर्मी के मद्देनजर निर्बाध हो बिजली आपूर्ति
Sat, 02 Apr 2022 01:31 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 02 Apr 2022 01:31 PM IST
सार
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच अंतर कम करने को कहा है। उन्होंने नवरात्रि व गर्मी के मद्देनजर निर्बाध बिजली आपूर्ति करने का निर्देश दिया है।
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ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने नवरात्रि व गर्मी के मद्देनजर प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि बिजली की अधिकतम मांग और उपलब्धता के बीच अंतर को जल्द से जल्द कम करने का प्रयास किया जाए। उपभोक्ताओं की समस्याओं व शिकायतों के निस्तारण के लिए नई ऊर्जा शक्ति व्यवस्था शुक्रवार से शुरू हो गई।
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ऊर्जा मंत्री ने शुक्रवार को स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों को नवरात्रि व गर्मी में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राजधानी में बिजली व्यवस्था से जुड़े संयंत्रों की जानकारी लेने के बाद शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में बिजली के अनुबंधित भार और अधिकतम मांग के बीच के अंतर को जल्द कम किया जाए क्योंकि इससे आपूर्ति में बाधा आती है। बिजली की मांग और उपलब्धता में अंतर के कारण ट्रांसफार्मर व विद्युत उपकरण भी जलते हैं, जिससे विभाग को राजस्व का भी नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने सभी बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशकों को इस पर गंभीरता से कार्य करने को कहा है।
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ऊर्जा मंत्री ने शिकायतों के निस्तारण के लिए ऊर्जा शक्ति व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर देते हुए अधिकारियों से कहा कि इस व्यवस्था को जमीनी स्तर तक ले जाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।
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ऊर्जा मंत्री ने यह भी कहा है कि सभी उपकेंद्रों एवं फीडरों पर जिम्मेदार अधिकारियों के संपर्क नंबर भी प्रदर्शित किए जाएं। अधिकारियों व कर्मचारियों का प्रयास यह होना चाहिए कि शिकायत जिस स्तर की है उसी स्तर पर उसका निस्तारण कर दिया जाय। अगर शिकायतकर्ता को अपनी समस्या के समाधान के लिए राज्य स्तर के कंट्रोल रूम में शिकायत करना पड़े तो यह माना जाएगा कि निचले स्तर पर कार्य में शिथिलता रही है और इस स्थिति में संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।