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Lucknow News: बिहार से आने वाली बसों में बेहिसाब भरे जा रहे यात्री
Sun, 18 May 2025 01:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 18 May 2025 01:21 AM IST
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लखनऊ। मोहनलालगंज बस हादसे के बाद परिवहन विभाग की सक्रियता बढ़ गई है। शनिवार को प्रवर्तन की छह टीमों ने अभियान चलाकर 34 वाहनों का चालान किया। 29 वाहनाें को थानों में बंद करवाया। खास बात यह है कि बिहार से आने वाली बसों में ओवरलोडिंग के मामले मिल रहे हैं।
बेगुसराय से दिल्ली जा रही एसी स्लीपर बस में मोहनलालगंज के पास आग लग गई थी। इस हादसे में मां-बेटी सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी। मामले की जांच के दौरान बस में तमाम खामियां मिली थीं। एसी स्लीपर बसों को मुनाफे के लिए मोडिफाई कर दिया जाता है, इसलिए परिवहन विभाग की ओर से यात्री हित में अभियान शुरू किया गया है।
आरटीओ प्रवर्तन संदीप कुमार पंकज ने बताया कि डग्गामार, अनधिकृत बसों व अन्य वाहनों के खिलाफ शुरू किया गया अभियान निरंतर चलेगा। शनिवार को चलाए गए अभियान के तहत भिटौली चौराहा, अवध चौराहा, कमता, पॉलिटेक्निक, किसान पथ, शहीदपथ, कानपुर रोड, आईआईएम चौराहा तथा अन्य कई मार्गों पर सघन जांच की गई।
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कमाई के लिए अपनाते हैं ये हथकंडे
परिवहन विभाग के सूत्र बताते हैं कि एसी स्लीपर बसों के ऑपरेटर कमाई के कई हथकंडे अपनाते हैं। इसके तहत बसों को मोडिफाई कर सीटों की संख्या बढ़ा लेते हैं। सस्ते किराए पर तय क्षमता से अधिक यात्रियों को बिठाते हैं। ओवरलोडिंग करते हैं। बस की छत पर माल लाद देने से एसी की फंक्शनिंग प्रभावित होती है।
फिटनेस प्रमाणपत्रों की होगी जांच
परिवहन आयुक्त बीएन सिंह ने कमेटी गठित कर एनीवेयर फिटनेस प्रणाली से जारी प्रमाणपत्रों की जांच के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अधिकारी सोमवार से ऐसे प्रमाणपत्रों का ब्यौरा जुटाएंगे और उनकी जांच करेंगे। प्रमाणपत्रों के आधार पर वाहनों को भी जांचा जाएगा।
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बेगुसराय से दिल्ली जा रही एसी स्लीपर बस में मोहनलालगंज के पास आग लग गई थी। इस हादसे में मां-बेटी सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी। मामले की जांच के दौरान बस में तमाम खामियां मिली थीं। एसी स्लीपर बसों को मुनाफे के लिए मोडिफाई कर दिया जाता है, इसलिए परिवहन विभाग की ओर से यात्री हित में अभियान शुरू किया गया है।
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आरटीओ प्रवर्तन संदीप कुमार पंकज ने बताया कि डग्गामार, अनधिकृत बसों व अन्य वाहनों के खिलाफ शुरू किया गया अभियान निरंतर चलेगा। शनिवार को चलाए गए अभियान के तहत भिटौली चौराहा, अवध चौराहा, कमता, पॉलिटेक्निक, किसान पथ, शहीदपथ, कानपुर रोड, आईआईएम चौराहा तथा अन्य कई मार्गों पर सघन जांच की गई।
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कमाई के लिए अपनाते हैं ये हथकंडे
परिवहन विभाग के सूत्र बताते हैं कि एसी स्लीपर बसों के ऑपरेटर कमाई के कई हथकंडे अपनाते हैं। इसके तहत बसों को मोडिफाई कर सीटों की संख्या बढ़ा लेते हैं। सस्ते किराए पर तय क्षमता से अधिक यात्रियों को बिठाते हैं। ओवरलोडिंग करते हैं। बस की छत पर माल लाद देने से एसी की फंक्शनिंग प्रभावित होती है।
फिटनेस प्रमाणपत्रों की होगी जांच
परिवहन आयुक्त बीएन सिंह ने कमेटी गठित कर एनीवेयर फिटनेस प्रणाली से जारी प्रमाणपत्रों की जांच के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अधिकारी सोमवार से ऐसे प्रमाणपत्रों का ब्यौरा जुटाएंगे और उनकी जांच करेंगे। प्रमाणपत्रों के आधार पर वाहनों को भी जांचा जाएगा।