यूपीः एक ही बच्चे की निकली दो मां, कोर्ट पहुंचा मामला!
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फूल से बच्चे को धूल में फेंक दिया गया। उसकी खुशकिस्मती रही कि नई मां की ममता का आंचल मिला और वह खिल उठा। अब अचानक 20 माह बाद बच्चे की एक और दावेदार मां आ गई है। इस महिला का कहना है कि उसके साथ बलात्कार हुआ था। उसी से यह बेटा हुआ।
इस महिला के वकील ने बच्चा पाल रही साउथ की हाई-प्रोफाइल फैमिली को कोर्ट के माध्यम से समन भेजकर बच्चा मांगा है, जबकि बच्चे का लालन-पालन करने वाली महिला का कहना है कि कानूनी प्रकि्रया के बाद ही उसने बच्चे को गोद लिया है। ऐसे कैसे किसी और को सौंप दे। इस मामले पर कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी।
28 नवंबर 2013 को ग्राम चौबेपुर घाटमपुर में जगमोहन पांडेय के खेत में चार माह का लावारिस बच्चा मिला था। पुलिस ने इस बच्चे को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया था। दिसंबर 2013 में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नेहा शर्मा की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने गोविंद नगर के एक हाई-प्रोफाइल फैमिली को यह बच्चा गोद देने की प्रक्रिया पूरी कराई। तब से यह फैमिली इस बच्चे को पाल रही है।
जुलाई 2015 में इस फैमिली को एसीजेएम 3 कानपुर देहात की कोर्ट में लगे मुकदमे की सुनवाई करने वाली जेएम 1 कोर्ट से समन मिला। इसमें कहा गया कि चौबेपुर की एक महिला ने इस बच्चे को अपना बताते हुए इस फैमिली से वापस दिलाने की मांग की है।
कोर्ट की जानकारी में निकला चौंकाने वाला मामला
बच्चा पालने वाले परिवार के वकील शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि कोर्ट से जब पूरी जानकारी की गई तो मामला चौंकाने वाला निकला। इस महिला ने गांव के ही राजू के खिलाफ 11 अप्रैल 2014 को रेप की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें कहा गया था कि उसके पति का निधन हो गया था। उसके तीन बच्चे हैं। राजू ने उसे बताया था कि संतान न होने के कारण उसने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया है। वह उससे लव मैरिज करना चाहता है। इस पर वह उसके साथ रहने लगी।
इस दौरान उसके संबंध बने और एक बच्चा हुआ। बाद में राजू चार माह के बच्चे को लेकर भाग गया और कहा कि वह अपना बच्चा लेकर पहली पत्नी के साथ रहेगा। वकील का कहना है कि अब महिला कह रही है कि राजू ही उस बच्चे को लावारिस छोड़कर भाग गया था।