{"_id":"642301532bd66baa01000d33","slug":"two-doctors-sacked-on-charges-of-private-practice-deputy-chief-minister-warns-other-doctors-2023-03-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप में दो डॉक्टर बर्खास्त, उप मुख्यमंत्री ने अन्य डॉक्टरों को दी चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप में दो डॉक्टर बर्खास्त, उप मुख्यमंत्री ने अन्य डॉक्टरों को दी चेतावनी
Tue, 28 Mar 2023 08:31 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 28 Mar 2023 08:31 PM IST
सार
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि बाराबंकी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राम सनेही घाट में कार्यरत हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार वर्मा के खिलाफ प्राइवेट प्रैक्टिस करने की शिकायत मिली थी। गौतमबुद्ध नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दनकौर के चिकित्साधिकारी डॉ. विजय प्रताप के खिलाफ वर्ष 2015 में शिकायत मिली थी।
विज्ञापन
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश में प्राइवेट प्रैक्टिस करने के आरोप में दो डॉक्टरों को जांच के बाद बर्खास्त कर दिया गया है। इसमें एक बाराबंकी तो दूसरे गौतमबुद्ध नगर में कार्यरत थे। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मरीजों के हितों की किसी भी कीमत पर अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
विज्ञापन
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि बाराबंकी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राम सनेही घाट में कार्यरत हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार वर्मा के खिलाफ प्राइवेट प्रैक्टिस करने की शिकायत मिली थी। जांच कराई गई। वर्ष 2017 में निलंबित किया गया। इनसे बाद भी डाक्टर ने प्राइवेट प्रैक्टिस जारी रखी। ऐसे में दोबारा जांच में पुष्टि होने पर इन्हें बर्खास्त कर दिया गया है।
विज्ञापन
इसी तरह गौतमबुद्ध नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दनकौर के चिकित्साधिकारी डॉ. विजय प्रताप के खिलाफ वर्ष 2015 में शिकायत मिली थी। वह शासकीय सेवा में कार्यरत होने के बाद भी कई निजी चिकित्सालयों में कार्य करते रहे। विभाग से नॉन प्रैक्टिसिंग एलाउन्स (एनपीए) भी प्राप्त करते रहे। ऐसे में डॉ. विजय प्रताप के खिलाफ विभागीय जांच कराई गई। जांच में दोषी पाये जाने पर इन्हें भी बर्खास्त कर दिया गया है।
विज्ञापन