{"_id":"69cd88b01b9109d8c6035a28","slug":"two-days-of-recce-then-uncle-nephew-along-with-accomplices-committed-robbery-lucknow-news-c-13-lko1096-1671002-2026-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: दो दिन की रेकी, फिर मामा-भांजे ने साथियों के साथ डाली डकैती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: दो दिन की रेकी, फिर मामा-भांजे ने साथियों के साथ डाली डकैती
Thu, 02 Apr 2026 02:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 02 Apr 2026 02:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। शराब की दुकान के बगल में काम करने वाले सेल्समैन की मुखबिरी के बाद मामा-भांजे ने दो दिन रेकी की, फिर छह साथियों के साथ कारोबारी के कर्मचारी से छह लाख लूटे थे। मदेयगंज पुलिस ने मंगलवार रात सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
डीसीपी मध्य विक्रांत वीर ने बताया कि मंगलवार रात मदेयगंज पुलिस ने बंधा रोड से मुठभेड़ में हरदोई के अतरौली निवासी आलोक तिवारी और मगन को गिरफ्तार किया था। उसी रात मगन ने बताया कि डकैती में दुबग्गा की कांशीराम कॉलोनी निवासी निर्भय तिवारी, हरदोई के अतरौली का भूपेंद्र सिंह, मदेयगंज के पतौरागंज का राज पांडेय, मिलन द्विवेदी, सीतापुर के संदना का रहने वाला कन्हैया दीक्षित और आदर्श तिवारी शामिल थे। निर्भय आरोपी कन्हैया का भांजा है।
सेल्समैन ने की थी मुखबिरी
मगन के अनुसार, शराब कारोबारी मनीष जायसवाल के कर्मचारी हर्ष जायसवाल परवलपुर स्थित दुकान से भी कलेक्शन करते हैं। उसी दुकान में राज का रिश्तेदार सेल्समैन था। राज पास में ही दूसरी दुकान में सेल्समैन था। आए दिन शराब की दुकान में जाने पर राज को पता था कि हर्ष यहां से रकम उठाता है। इसकी जानकारी उसने कन्हैया को दी थी। फिर गैंगस्टर के आरोपी आलोक ने डकैती की योजना बना ली। रिश्तेदार के नौकरी छोड़ने पर राज और उसके साथियों ने 22 और 24 मार्च को हर्ष की रेकी की थी। साजिश के तहत 25 मार्च को राज ने साथियों को हर्ष के दुकान से निकलने की सूचना दी।
विज्ञापन
15 हजार रुपये दान करने के लिए गए थे खाटू श्याम
डीसीपी के अनुसार, रात करीब 11:30 बजे छह आरोपियों ने हर्ष से रुपये लूट लिए। इसके बाद वे कांशी राम कॉलोनी में पहले से खड़े निर्भय और कन्हैया के पास पहुंचे। वहां उन्होंने लूटी गई रकम में से 1.20 लाख निकालकर बांट लिए। 15 हजार मंदिर में दान करने के लिए और बची रकम कॉलोनी में छिपा दी। इसके बाद रकम दान करने के लिए राजस्थान स्थित खाटू श्याम मंदिर गए थे। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों के पास लूट के बचे हुए पांच लाख रुपये, चाकू और रॉड बरामद हुई है।
विज्ञापन
डीसीपी मध्य विक्रांत वीर ने बताया कि मंगलवार रात मदेयगंज पुलिस ने बंधा रोड से मुठभेड़ में हरदोई के अतरौली निवासी आलोक तिवारी और मगन को गिरफ्तार किया था। उसी रात मगन ने बताया कि डकैती में दुबग्गा की कांशीराम कॉलोनी निवासी निर्भय तिवारी, हरदोई के अतरौली का भूपेंद्र सिंह, मदेयगंज के पतौरागंज का राज पांडेय, मिलन द्विवेदी, सीतापुर के संदना का रहने वाला कन्हैया दीक्षित और आदर्श तिवारी शामिल थे। निर्भय आरोपी कन्हैया का भांजा है।
विज्ञापन
सेल्समैन ने की थी मुखबिरी
मगन के अनुसार, शराब कारोबारी मनीष जायसवाल के कर्मचारी हर्ष जायसवाल परवलपुर स्थित दुकान से भी कलेक्शन करते हैं। उसी दुकान में राज का रिश्तेदार सेल्समैन था। राज पास में ही दूसरी दुकान में सेल्समैन था। आए दिन शराब की दुकान में जाने पर राज को पता था कि हर्ष यहां से रकम उठाता है। इसकी जानकारी उसने कन्हैया को दी थी। फिर गैंगस्टर के आरोपी आलोक ने डकैती की योजना बना ली। रिश्तेदार के नौकरी छोड़ने पर राज और उसके साथियों ने 22 और 24 मार्च को हर्ष की रेकी की थी। साजिश के तहत 25 मार्च को राज ने साथियों को हर्ष के दुकान से निकलने की सूचना दी।
विज्ञापन
15 हजार रुपये दान करने के लिए गए थे खाटू श्याम
डीसीपी के अनुसार, रात करीब 11:30 बजे छह आरोपियों ने हर्ष से रुपये लूट लिए। इसके बाद वे कांशी राम कॉलोनी में पहले से खड़े निर्भय और कन्हैया के पास पहुंचे। वहां उन्होंने लूटी गई रकम में से 1.20 लाख निकालकर बांट लिए। 15 हजार मंदिर में दान करने के लिए और बची रकम कॉलोनी में छिपा दी। इसके बाद रकम दान करने के लिए राजस्थान स्थित खाटू श्याम मंदिर गए थे। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों के पास लूट के बचे हुए पांच लाख रुपये, चाकू और रॉड बरामद हुई है।