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कार समेत नहर में गिरे दो भाई
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लखनऊ। नगराम में इंदिरा नहर के रास्ते तेज रफ्तार में जा रहे दो सगे भाईकार समेत नहर में जा गिरे। नहर में कार समाते देख आसपास मौजूद ग्रामीणों ने दोनों को सकुशल बाहर निकाल लिया। पुलिस ने अपनी जीप से कार को खींचकर बाहर निकाला।
बाराबंकी शहर के विजयनगर निवासी अतुल वर्मा नगराम इलाके में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। शनिवार को वह अपने भाई अश्वनी कुमार के साथ कार ने इंदिरा नहर की पटरी से होकर नगराम से घर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों के अनुसार, इंदिरा नहर के हंसवा पुल के पास सामने से आ रही वैन की कार से मामूली टक्कर होने पर कार चला रहे चालक ने रफ्तार बढ़ा दी। इस बीच सामने से ही आ रहे एक बाइक सवार को बचाने में कार अनियंत्रित होकर समेसी गौशाला के पास नहर में गिर गई। कार डूबने से पहले दोनों कार सवार जान बचाने को शीशा खोल कर पानी में तैरने लगे। मौके पर मौजूद ग्रामीणों की मदद से दोनों युवकों को बाहर निकाला गया। सूचना पर पहुंचे इंस्पेक्टर नगराम शमीम खान ने बताया कि थाने की सरकारी जीप में रस्सा बांधकर ग्रामीणों की मदद से नहर में डूबी कार को खींचकर बाहर निकाला गया। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है। पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है।
सुरक्षा दीवार न होने से होते हैं हादसे
इंदिरा नहर की पटरी पर वाहनों का आवागमन रहता है। सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अभियंताओं की लापरवाही के चलते इंदिरा नहर के किनारे सुरक्षा दीवार न बनाए जाने से अक्सर हादसे हो रहे हैं। जून 2020 में समेसी के पटवाखेड़ा के पास सवारियों से भरा पिकअप डाला नहर में समा गया था जिसमें सात बच्चे की मौत हो गई थी। वहीं बीते 17 दिसंबर 2021 को अचलीखेड़ा और बोला पुल के बीच पीलीभीत से आ रहे कार सवार 9 लोग नहर में समा गए थे जिसमें मासूम समेत छह लोगों की मौत हो गई थी। इसमें एक मासूम अनन्या का शव अभी तक बरामद नहीं हो सका।
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बाराबंकी शहर के विजयनगर निवासी अतुल वर्मा नगराम इलाके में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। शनिवार को वह अपने भाई अश्वनी कुमार के साथ कार ने इंदिरा नहर की पटरी से होकर नगराम से घर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों के अनुसार, इंदिरा नहर के हंसवा पुल के पास सामने से आ रही वैन की कार से मामूली टक्कर होने पर कार चला रहे चालक ने रफ्तार बढ़ा दी। इस बीच सामने से ही आ रहे एक बाइक सवार को बचाने में कार अनियंत्रित होकर समेसी गौशाला के पास नहर में गिर गई। कार डूबने से पहले दोनों कार सवार जान बचाने को शीशा खोल कर पानी में तैरने लगे। मौके पर मौजूद ग्रामीणों की मदद से दोनों युवकों को बाहर निकाला गया। सूचना पर पहुंचे इंस्पेक्टर नगराम शमीम खान ने बताया कि थाने की सरकारी जीप में रस्सा बांधकर ग्रामीणों की मदद से नहर में डूबी कार को खींचकर बाहर निकाला गया। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है। पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है।
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सुरक्षा दीवार न होने से होते हैं हादसे
इंदिरा नहर की पटरी पर वाहनों का आवागमन रहता है। सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अभियंताओं की लापरवाही के चलते इंदिरा नहर के किनारे सुरक्षा दीवार न बनाए जाने से अक्सर हादसे हो रहे हैं। जून 2020 में समेसी के पटवाखेड़ा के पास सवारियों से भरा पिकअप डाला नहर में समा गया था जिसमें सात बच्चे की मौत हो गई थी। वहीं बीते 17 दिसंबर 2021 को अचलीखेड़ा और बोला पुल के बीच पीलीभीत से आ रहे कार सवार 9 लोग नहर में समा गए थे जिसमें मासूम समेत छह लोगों की मौत हो गई थी। इसमें एक मासूम अनन्या का शव अभी तक बरामद नहीं हो सका।
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