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सीएम आवास पर दो भाईयों ने किया आत्मदाह का प्रयास, अधिकारियों पर लगाया जमीन हड़पने का आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 18 Nov 2018 06:38 PM IST
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थाने में लाए गए दोनों भाई
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महोबा के महतवानापुरा निवासी दो सगे भाई रविवार दोपहर को मुख्यमंत्री आवास पर आत्मदाह करने पहुंच गये। पुलिस ने आत्मदाह करने से पहले दबोच लिया। पीड़ितों ने महोबा प्रशासन पर अरोप लगाया है कि रेलवे द्वारा जमीन अधिग्रहण करने के बाद बची हुई 1.56 एकड़ जमीन उनको वापस नहीं मिल रही है। यह जमीन प्रशासनिक अधिकारियों की मिली भगत से हड़प ली गई है। पुलिस ने महोबा प्रशासन से बातचीत कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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गौतमपल्ली प्रभारी निरीक्षक नंदलाल के मुताबिक महोबा के महतवानपुरा निवासी राजेन्द्र प्रसाद द्विवेदी और राजेश द्विवेदी को रविवार दोपहर मुख्यमंत्री आवास पर आत्मदाह करने के प्रयास में पकड़ा गया है। पीड़ितों के मुताबिक उनकी 7.91 एकड़ खेती की पैतृक जमीन थी।
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महोबा-खजराहू लाइन के लिए सरकार ने भूमि अधिग्रहण का गजट निकाला। जिसमें दोनों भाईयों की 6.35 एकड़ जमीन अधिग्रहित करने की बात कही गई। इस अधिग्रहण के बदले में उनको एक बार 490533 रुपये दिये गये। इसके अलावा 581189 रुपये देना शेष रह गया।
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यह रकम नहीं मिली। 2011 में अधिग्रहित की गई जमीन में 1.56 एकड़ जमीन बच गई। इस जमीन की वापसी के लिए दोनों भाइयों ने प्रशासन से गुहार लगाई। जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग से रिपोर्ट मांगी। विशेष भूति अध्याप्ति अधिकारी बांदा ने अधिग्रहित जमीन 6.35 एकड़ बताई और 1.56 एकड़ जमीन शेष होने की रिपोर्ट पेश की।
इसके बाद से ही जमीन वापस हासिल करने केलिए दोनों भाई सात साल से लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जिलाधिकारी ने 5 अक्तूबर 2018 को पैमाइश कराकर जमीन वापस देने का अश्वासन दिया गया। इसके एक महीने बाद एक लेखपाल द्वारा बुलाया गया। लेखपाल ने कहा कि उनकी पूरी जमीन अधिग्रहित हो चुकी है, ज्यादा शिकायत करोगे तो केस दर्ज कराकर जेल भिजवा दूंगा।
प्रशासन के इस गैरजिम्मेदाराना रवैये से क्षुब्ध होकर आत्मदाह करने जा रहा था। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पीड़ितों के आरोप और शिकायती पत्र को उच्चाधिकारियों को भिजवा दिया गया है। वहीं जिला प्रशासन को उचित कार्रवाई करने के लिए शासन स्तर पर निर्देश जारी किया गया है।