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बेइज्जत होने से नाराज दोस्त ने की थी प्रॉपर्टी डीलर की हत्या
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वकील की हत्या में उसके दोस्त समेत दो गिरफ्तार। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
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मड़ियांव से सप्ताहभर पहले लापता प्रॉपर्टी डीलर यासीन उर्फ मुन्ना की हत्या उसके दोस्त समरजीत सिंह ने ही की थी। पुलिस के मुताबिक, उधार की रकम वापस न करने पर सार्वजनिक बेइज्जती किए जाने से चिढ़कर ही आरोपी ने साजिश रची थी।
पुलिस ने सोमवार को मुन्ना की लाश बाराबंकी की इंदिरा नहर से बरामद कर उसके करीबी दोस्त सहित दो को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश कर रही है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बांका व मृतक की स्कूटी भी बरामद कर ली है।
एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह के मुताबिक, मड़ियांव श्रीनगर निवासी यासीन (54) प्रॉपर्टी डीलर था। परिवार में पत्नी महरुनिशा पांच बेटे और दो बेटियां हैं।
महरुनिशां के मुताबिक, तीन जनवरी को यासीन जमीन दिखाने की बात कहकर घर से निकले थे। कुछ पता न चलने पर पांच जनवरी को महरुनिशां ने मड़ियांव थाने पहुंचकर गुमशुदगी की सूचना दी थी। साथ ही कुछ लोगों से रुपयों को लेकर विवाद होने की जानकारी दी थी।
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यासीन के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने पर पुलिस को कुछ संदिग्ध नंबर मिले थे। जिन्हें खंगालते हुए पुलिस ने रविवार रात विकासनगर के बटहा सबौली निवासी समरजीत सिंह व आदित्य सोनकर को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
दोनों ने हत्या कर यासीन का शव बाराबंकी के इंदिरानहर में फेंकने की बात कुबूली। दोनों को साथ लेकर पुलिस टीम बाराबंकी के बदोसराय स्थित त्रिवेदीपुरवा पीठापुर पहुंची, जहां नहर से यासीन का शव बरामद कर लिया।
जमीन दिखाने के बहाने ले गए बाराबंकी
एडीसीपी उत्तरी के मुताबिक, समरजीत ने पूछताछ में कुबूला कि उसकी व यासीन पुरानी दोस्ती थी। साथ में जमीन खरीदने व बेचने का काम करते थे। यासीन से समरजीत ने तीन लाख रुपये उधार लिए थे। डेढ़ लाख रुपये यासीन को लौटा दिए थे। बाकी रकम के लिए यासीन लगातार तगादा कर रहा था और सार्वजनिक रूप से बेइज्जत भी किया था। जिस पर वह चिढ़ गया और यासीन की हत्या की साजिश रची। समरजीत ने आदित्य सोनकर व राज राजपूत से बातचीत की और बाराबंकी में बदोसराय में नहर किनारे जगह देखी। साजिश के मुताबिक, यासीन को तीन जनवरी को कॉल कर समरजीत ने जमीन देखने के लिए बुलाया।
बाइक की सीट के नीचे छिपा रखा था बांका
आगे पूछताछ में समरजीत ने कुबूला कि बाराबंकी तक जाने के लिए उसने यासीन को राजी कर लिया। यासीन स्कूटी से टेढ़ी पुलिया पहुंचा और समरजीत को साथ लेकर बाराबंकी के लिए निकला, जबकि साजिश के अनुसार आदित्य व राज अपनी बाइक से पहले ही निकल चुके थे। दोनों ने बाइक की सीट के नीचे बांका छिपा रखा था। बदोसराय के पीठापुर पहुंचने पर समरजीत ने नहर किनारे बहाने से स्कूटी रुकवाई। इस बीच बाइक से आदित्य व राज भी आ गए। इसके बाद बांके से उसके गले पर वारकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस हत्याकांड में फरार राज राजपूत की तलाश में जुटी है।
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पुलिस ने सोमवार को मुन्ना की लाश बाराबंकी की इंदिरा नहर से बरामद कर उसके करीबी दोस्त सहित दो को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश कर रही है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बांका व मृतक की स्कूटी भी बरामद कर ली है।
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एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह के मुताबिक, मड़ियांव श्रीनगर निवासी यासीन (54) प्रॉपर्टी डीलर था। परिवार में पत्नी महरुनिशा पांच बेटे और दो बेटियां हैं।
महरुनिशां के मुताबिक, तीन जनवरी को यासीन जमीन दिखाने की बात कहकर घर से निकले थे। कुछ पता न चलने पर पांच जनवरी को महरुनिशां ने मड़ियांव थाने पहुंचकर गुमशुदगी की सूचना दी थी। साथ ही कुछ लोगों से रुपयों को लेकर विवाद होने की जानकारी दी थी।
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यासीन के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने पर पुलिस को कुछ संदिग्ध नंबर मिले थे। जिन्हें खंगालते हुए पुलिस ने रविवार रात विकासनगर के बटहा सबौली निवासी समरजीत सिंह व आदित्य सोनकर को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
दोनों ने हत्या कर यासीन का शव बाराबंकी के इंदिरानहर में फेंकने की बात कुबूली। दोनों को साथ लेकर पुलिस टीम बाराबंकी के बदोसराय स्थित त्रिवेदीपुरवा पीठापुर पहुंची, जहां नहर से यासीन का शव बरामद कर लिया।
जमीन दिखाने के बहाने ले गए बाराबंकी
एडीसीपी उत्तरी के मुताबिक, समरजीत ने पूछताछ में कुबूला कि उसकी व यासीन पुरानी दोस्ती थी। साथ में जमीन खरीदने व बेचने का काम करते थे। यासीन से समरजीत ने तीन लाख रुपये उधार लिए थे। डेढ़ लाख रुपये यासीन को लौटा दिए थे। बाकी रकम के लिए यासीन लगातार तगादा कर रहा था और सार्वजनिक रूप से बेइज्जत भी किया था। जिस पर वह चिढ़ गया और यासीन की हत्या की साजिश रची। समरजीत ने आदित्य सोनकर व राज राजपूत से बातचीत की और बाराबंकी में बदोसराय में नहर किनारे जगह देखी। साजिश के मुताबिक, यासीन को तीन जनवरी को कॉल कर समरजीत ने जमीन देखने के लिए बुलाया।
बाइक की सीट के नीचे छिपा रखा था बांका
आगे पूछताछ में समरजीत ने कुबूला कि बाराबंकी तक जाने के लिए उसने यासीन को राजी कर लिया। यासीन स्कूटी से टेढ़ी पुलिया पहुंचा और समरजीत को साथ लेकर बाराबंकी के लिए निकला, जबकि साजिश के अनुसार आदित्य व राज अपनी बाइक से पहले ही निकल चुके थे। दोनों ने बाइक की सीट के नीचे बांका छिपा रखा था। बदोसराय के पीठापुर पहुंचने पर समरजीत ने नहर किनारे बहाने से स्कूटी रुकवाई। इस बीच बाइक से आदित्य व राज भी आ गए। इसके बाद बांके से उसके गले पर वारकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस हत्याकांड में फरार राज राजपूत की तलाश में जुटी है।