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पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़ा करने वाले दो गिरफ्तार
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लखनऊ। सरोजनीनगर पुलिस ने राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़ा कर लाखों रुपये डकारने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए जालसाज फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर उनके आश्रितों के खाते में सरकारी रुपये पहुंचाने के बदले में आधी रकम वसूलते थे। पुलिस तहसील और समाज कल्याण विभाग से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
प्रभारी निरीक्षक सरोजनीनगर संतोष कुमार आर्य के मुताबिक, पुलिस ने बंथरा के कुरौनी निवासी सहजराम और हमीरपुर के भगवती प्रसाद को गिरफ्तार किया है। सरोजनीनगर तहसील में कार्यरत लिपिक मयंक शुक्ला ने 28 जुलाई को बंथरा निवासी सहजराम के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज कराया था। आरोप था कि सहजराम ने कुछ लोगों के साथ मिलकर राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा किया है। आरोपियों ने कई लोगों के फर्जी दस्तावेज लगाकर इस योजना के तहत लाभ हासिल कर लोगों से रुपये वसूले हैं।
इस मामले में सरोजनीनगर थाने में तैनात एसएसआई चंद्र प्रकाश सिंह को जांच दी गई। एसएसआई में जांच शुरू की तो पता चला कि सहजराम और उसके साथी भगौती प्रसाद ने गांव की महिलाओं को बताया था कि सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता मिल रही है। इसके लिए उन लोगों ने घर में कमाने वाले व्यक्ति का आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज हासिल किए। इसके बाद कमाने वालों लोगों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के लिए तहसील में आवेदन कर दिया। इस आवदेन के बाद समाज कल्याण विभाग से 30 लोगों को इस योजना के तहत खाते में 25 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। खाते में रुपये आने के बाद आरोपितों ने लाभार्थियों से 15-15 हजार रुपये ले लिए और आपस में बांट लिए। इस तरह दोनों जालसाजों ने योजना के नाम पर हजारों रुपये का फर्जीवाड़ा किया। रविवार को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
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प्रभारी निरीक्षक सरोजनीनगर संतोष कुमार आर्य के मुताबिक, पुलिस ने बंथरा के कुरौनी निवासी सहजराम और हमीरपुर के भगवती प्रसाद को गिरफ्तार किया है। सरोजनीनगर तहसील में कार्यरत लिपिक मयंक शुक्ला ने 28 जुलाई को बंथरा निवासी सहजराम के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज कराया था। आरोप था कि सहजराम ने कुछ लोगों के साथ मिलकर राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा किया है। आरोपियों ने कई लोगों के फर्जी दस्तावेज लगाकर इस योजना के तहत लाभ हासिल कर लोगों से रुपये वसूले हैं।
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इस मामले में सरोजनीनगर थाने में तैनात एसएसआई चंद्र प्रकाश सिंह को जांच दी गई। एसएसआई में जांच शुरू की तो पता चला कि सहजराम और उसके साथी भगौती प्रसाद ने गांव की महिलाओं को बताया था कि सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता मिल रही है। इसके लिए उन लोगों ने घर में कमाने वाले व्यक्ति का आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज हासिल किए। इसके बाद कमाने वालों लोगों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के लिए तहसील में आवेदन कर दिया। इस आवदेन के बाद समाज कल्याण विभाग से 30 लोगों को इस योजना के तहत खाते में 25 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। खाते में रुपये आने के बाद आरोपितों ने लाभार्थियों से 15-15 हजार रुपये ले लिए और आपस में बांट लिए। इस तरह दोनों जालसाजों ने योजना के नाम पर हजारों रुपये का फर्जीवाड़ा किया। रविवार को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
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