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Lucknow News: अमेरिका में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की सप्लाई करने वाले दो गिरफ्तार
Wed, 12 Mar 2025 01:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 12 Mar 2025 01:33 AM IST
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अमेरिका में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की सप्लाई करने वाले दो गिरफ्तार
लखनऊ। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मेसर्स हत्श टेलीकम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड के संचालकों शांतनु गुप्ता और अब्दुल वहाब यासिर को मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में सोमवार को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। राजधानी स्थित प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डि्रंग एक्ट (पीएमएलए) की विशेष अदालत ने दोनों को 2 दिन के लिए ईडी की रिमांड पर भेजा है।
बता दें कि अमेरिका में साइकोट्रोपिक पदार्थों की तस्करी के मामले में आरोपी शांतनु गुप्ता, अब्दुल वहाब यासिर और अन्य शामिल आरोपियों के खिलाफ राजधानी स्थित नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने केस दर्ज किया था। इसके आधार पर ईडी ने भी वर्ष 2021 में मनी लॉन्डि्रंग का केस दर्ज किया था। जांच में पता चला कि आरोपी अमेरिकी नागरिकों को प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति कर रहे थे।
वह callcentreindia.com वेबसाइट से अमेरिकी नागरिकों का डाटा जुटाते थे। फिर स्काइप एप के जरिये कॉल करते थे। ग्राहकों से ऑर्डर व भुगतान लेकर भारतीय डाक से प्रतिबंधित दवाएं भेजते थे। वर्ष 2012 से 2017 की अवधि के दौरान मेसर्स हत्श टेलीकॉम सहित कई कंपनियों के 43 बैंक खातों में 23.67 करोड़ रुपये दवाओं को भेजकर हासिल किए। ईडी ने आरोपियों की लखनऊ, बाराबंकी और उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर की 3.22 करोड़ कीमत की चल-अचल संपत्तियों को 20 अक्तूबर 2023 को जब्त किया था।
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लखनऊ में चला रहे थे कॉल सेंटर
कंपनी के निदेशक शांतनु गुप्ता, शशांक गुप्ता, अब्दुल वहाब यासिर, मोहित हलदर, पुनीत दुबे व अन्य वर्ष 2013 से 2017 के मध्य लखनऊ में एक कॉल सेंटर के माध्यम से नशीले पदार्थों का कारोबार चला रहे थे। नौ फर्जी कंपनियां भी बनाई थीं और साॅफ्टवेयर का कारोबार करने का झांसा दे रहे थे। अमेरिका से ऑर्डर मिलने के बाद सागर अस्थाना और पुनीत दुबे डाक से ग्राहकों को पार्सल भेजते थे।
ये कंपनियां थी शामिल
मेसर्स एपिटोम टेलीकम्युनिकेशंस प्रा.लि., मेसर्स हत्श टेलीकॉम प्रा.लि., मेसर्स जिओ पार्डी टेलीकॉम प्रा.लि., मैसर्स मॉर्फियस टेलीकॉम प्रा.लि., मैसर्स स्काई ड्रीम्स टेलीकॉम प्रा.लि., मेसर्स स्काई हाई टेलीकम्युनिकेशन, मेसर्स सीजी टेलीकॉलर्स प्रा.लि., मेसर्स वाईएस टेलीकॉम प्रा.लि. और मेसर्स 99 स्टाइल रिटेल प्रा.लि.।
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बता दें कि अमेरिका में साइकोट्रोपिक पदार्थों की तस्करी के मामले में आरोपी शांतनु गुप्ता, अब्दुल वहाब यासिर और अन्य शामिल आरोपियों के खिलाफ राजधानी स्थित नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने केस दर्ज किया था। इसके आधार पर ईडी ने भी वर्ष 2021 में मनी लॉन्डि्रंग का केस दर्ज किया था। जांच में पता चला कि आरोपी अमेरिकी नागरिकों को प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति कर रहे थे।
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वह callcentreindia.com वेबसाइट से अमेरिकी नागरिकों का डाटा जुटाते थे। फिर स्काइप एप के जरिये कॉल करते थे। ग्राहकों से ऑर्डर व भुगतान लेकर भारतीय डाक से प्रतिबंधित दवाएं भेजते थे। वर्ष 2012 से 2017 की अवधि के दौरान मेसर्स हत्श टेलीकॉम सहित कई कंपनियों के 43 बैंक खातों में 23.67 करोड़ रुपये दवाओं को भेजकर हासिल किए। ईडी ने आरोपियों की लखनऊ, बाराबंकी और उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर की 3.22 करोड़ कीमत की चल-अचल संपत्तियों को 20 अक्तूबर 2023 को जब्त किया था।
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लखनऊ में चला रहे थे कॉल सेंटर
कंपनी के निदेशक शांतनु गुप्ता, शशांक गुप्ता, अब्दुल वहाब यासिर, मोहित हलदर, पुनीत दुबे व अन्य वर्ष 2013 से 2017 के मध्य लखनऊ में एक कॉल सेंटर के माध्यम से नशीले पदार्थों का कारोबार चला रहे थे। नौ फर्जी कंपनियां भी बनाई थीं और साॅफ्टवेयर का कारोबार करने का झांसा दे रहे थे। अमेरिका से ऑर्डर मिलने के बाद सागर अस्थाना और पुनीत दुबे डाक से ग्राहकों को पार्सल भेजते थे।
ये कंपनियां थी शामिल
मेसर्स एपिटोम टेलीकम्युनिकेशंस प्रा.लि., मेसर्स हत्श टेलीकॉम प्रा.लि., मेसर्स जिओ पार्डी टेलीकॉम प्रा.लि., मैसर्स मॉर्फियस टेलीकॉम प्रा.लि., मैसर्स स्काई ड्रीम्स टेलीकॉम प्रा.लि., मेसर्स स्काई हाई टेलीकम्युनिकेशन, मेसर्स सीजी टेलीकॉलर्स प्रा.लि., मेसर्स वाईएस टेलीकॉम प्रा.लि. और मेसर्स 99 स्टाइल रिटेल प्रा.लि.।