चुनाव आयोग सहमा, ढाई लाख सुरक्षाकर्मी होंगे तैनात
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कई पार्टियों के नेताओं ने पांचवें और छठे चरण के चुनाव में गड़बड़ी होने की आशंका जाहिर की है, वहीं इसी चरण में माफिया, दबंग और अपराधी भी उम्मीदवार हैं।
पांचवें व छठे चरण के मतदान में सत्तारूढ़ दल द्वारा बूथ कैप्चरिंग व गड़बड़ी कराने की विपक्षी दलों की ओर से आशंका जताने के बाद सुरक्षा प्रबंध और चौकस किए जा रहे हैं।
चुनाव आयोग ने बाकी दो चरणों के मतदान के दौरान मतदान केंद्रों पर पहले की अपेक्षा अधिक संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती के निर्देश दिए हैं।
खास तौर पर पांचवें दौर के मतदान को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है और चौथे चरण से अधिक केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की रणनीति बनाई जा रही है।
लगे ढ़ाई लाख सुरक्षाकर्मी
शुरू में केंद्र से 180 कंपनी अर्द्ध सैनिक सुरक्षा बल मिला था। इसके बाद पिछले दिनों लगभग 45 कंपनी केंद्रीय बल और मिल गया है।
साथ ही विभिन्न राज्यों में जहां चुनाव प्रक्रिया समाप्त हो गई, वहां तैनात बल में से कुछ बल यूपी को आवंटित किया गया है।
पांचवें चरण में ढाई लाख से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया जा रहा है।
निर्वाचन आयोग ने यूपी के अफसरों से स्पष्ट कर दिया है कि मतदान के दौरान अथवा मतगणना के मौके पर खास सतर्कता इंतजाम रहने चाहिए क्योंकि किसी भी तरह की गड़बड़ी भारी पड़ सकती है।
अधिकारियों की होगी जिम्मेदारी
भाजपा समेत अन्य विपक्षी दलों की शिकायतों व यूपी के शेष दोनों चरणों के चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए उप निर्वाचन आयुक्त विनोद जुत्शी व मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने शनिवार को फैजाबाद में और रविवार को वाराणसी में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की।
इसमें विपक्षियों की आशंका और मतदान से संबंधित जिलों में मौजूद सुरक्षा बल, वहां के संवेदनशील स्थलों और अन्य हालात का जायजा लिया गया।
अधिकारियों के मुताबिक आयोग ने सीधे तौर पर कहा है कि अगर किसी तरह की गड़बड़ होगी तो अफसरों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
ऐसे में कोई अफसर अब आयोग की नाराजगी का शिकार नहीं होना चाहता। वाराणसी में बैठक के बाद जुत्शी ने कहा कि पांचवें चरण का मतदान केंद्रीय सुरक्षा बलों की निगरानी में कराया जाएगा।
पांचवे चरण में दबंग मैदान में
डीजीपी मुख्यालय से भी अधिकारी चुनाव संबंधी सुरक्षा प्रबंधों को लेकर संबंधित जिलों के अफसरों से लगातार संपर्क में बने रहे।
रेंज व जोन के अधिकारियों से कहा गया है कि वे जिलों में किए गए सुरक्षा प्रबंधों पर लगातार नजर रखें और आयोग व मुख्यालय के निर्देशों का अनुपालन किया जाए।
विपक्षी दलों की आशंका के अलावा इस बार अधिक सावधानी बरतने के लिए अलर्ट भी जारी किया गया है। इसकी खास वजह यह है कि पांचवें व छठे चरणों में विभिन्न दलों के जो उम्मीदवार मैदान में ताल ठोंक रहे हैं, उनमें अपराधी, माफिया और दबंग शामिल हैं।
ये लोग जीतने के लिए कोई भी पैंतरा आजमा सकते हैं। इनके पक्ष में तमाम गिरोह भी सक्रिय हैं। छठे चरण में नक्सलियों का दखल भी रहेगा। ऐसे में बूथ कैप्चरिंग का अंदेशा बना रहेगा।
फोर्स तैनात
इस मामले पर एडीजी मुकुल गोयल का कहना है कि ‘सतर्कता के सभी कदम उठाए जा रहे हैं। अधिक से अधिक तादाद में फोर्स भी तैनात की गई है। अधिकारियों से लेकर थाने में तैनात कर्मियों तक को इस बात की ताकीद कर दी गई है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी न होने दी जाए।’
गौरतलब है कि पांचवे और छठे चरण में गड़बड़ी होने की आशंका पहले कई राजनेता भी जता चुके हैं। जिसके बाद से ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजामात किये गए हैं।
यूपी में पांचवे चरण और छठे चरण में 33 लोकसभा सीटों पर 7 मई और 12 मई को मतदान होना है।