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'अपना' निदेशक रखवाने के लिए हुआ 'कथक' संग्राम
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 19 Jul 2013 04:04 PM IST
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कथक केंद्र निदेशक की नियुक्ति को लेकर विरोध गुरुवार को बढ़ गया।
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एक तरफ संगीत नाटक अकादमी में सचिव के कक्ष में चयन समिति आवेदक का साक्षात्कर ले रही थी और कमरे के बाहर अन्य आवेदक इस साक्षात्कार के विरोध में नारे लगा रहे थे। उनका आरोप है कि चयन प्रकिया ही गलत है।
कथक केन्द्र के ही गुरु सुरेंद्र सैकिया, कथक डांसर सुरभि टंडन, अनुज मिश्रा और सुरभि शुक्ला ने आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया सिर्फ एक दिखावा है।
विरोध की आवाज तेज होने लगी तो पुलिस को भी मौके पर आ गई। चयन समिति में मिश्री लाल पासवान अध्यक्ष, सुभाष चंद्र यादव सदस्य, अजय अग्रवाल सदस्य, राजेन्द्र गंगानी विशेषज्ञ, मधुमिता राय विशेषज्ञ, सरिता श्रीवास्त सदस्य के तौर पर शामिल थे।
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केन्द्र निदेशक के लिए नवंबर 2012 में नियुक्तियां निकाली गई थीं। इसमें 30 आवेदकों ने अवेदन किया था। समिति ने तीस अवेदकों में रेनु श्रीवास्तव, सुरभि शुक्ला, दीपक कुमार और आकांक्षा श्रीवास्तव को चुना।
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अब सुरभि कहती हैं कि मुझे जब कमरे में बुलाया गया तो मैंने कोई साइन नहीं किया और कोई इंटरव्यू नहीं दिया क्योंकि मैंने अपना नाम वापस ले लिया है।
इंटरव्यू के दौरान अकदामी में सचिव के कमरे के दरवाजे पर ताला था, लेकिन घुंघरुओं की आवाजों से लग रहा था कि अंदर नृत्य हो रहा है। पता चला कि अंदर इंटरव्यू चल रहा है।
इस बारे में जब अकादमी की सचिव वीना विद्यार्थी से बात हुई तो उन्होंने बताया कि मैं इस समिति में शामिल नहीं हूं। मेरे कमरे में इंटरव्यू होना था सो मैं बाहर आकर बैठ गई हूं।