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विपक्ष हावी, नहीं चलने दी विधानसभा की कार्यवाही
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Tue, 10 Dec 2013 11:34 AM IST
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गन्ना मूल्य, किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान तथा किसानों की अन्य समस्याओं को लेकर विपक्ष ने सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही नहीं चलने दी।
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भाजपा व रालोद के सदस्यों ने वेल में आकर जमकर हंगामा व नारेबाजी की जबकि बसपा, कांग्रेस व पीस पार्टी के सदस्यों ने अपनी सीटों पर खड़े होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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विपक्षी दलों के सदस्यों ने गन्ना व धान किसानों की समस्याओं पर सरकार हमला बोला। हंगामे के चलते प्रश्न प्रहर नहीं हो सका।
दिन में 12.20 बजे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अनुपूरक बजट पेश करते हुए विपक्ष पर पलटवार कर दिया। मुख्यमंत्री के आक्रामक रुख को देखते हुए विपक्ष के तेवर नरम पड़ गए।
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अनुपूरक बजट पेश होने के बाद विधानमंडल के दोनों सदनों में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और फिर सदन की कार्यवाही मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
विधानसभा में कार्यवाही शुरू होने से 10 मिनट पहले ही भाजपा के सदस्य वेल में आकर बैठ गए थे जबकि बसपा, कांग्रेस, रालोद व पीस पार्टी के सदस्य अपनी-अपनी सीटों पर नारे लिखे बैनरों के साथ सरकार पर हमला बोलने की तैयारी में थे।
बसपा सदस्य नारे लिखी टोपियां लगाए थे। 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई संपूर्ण विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने 2013-14 का 3620 करोड़ रुपये का दूसरा अनुपूरक बजट पेश किया।
अनुपूरक बजट पेश करते समय मुख्यमंत्री ने विपक्ष के प्रति आक्रामक रुख अपना लिया और बसपा तथा भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जानबूझकर सदन नहीं चलने देना चाहते। जहां तक भाजपा का सवाल है तो उसने अपनी सरकार में किसानों पर गोलियां चलवा दी थी।