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मुंह के रास्ते दूरबिन से निकाला ट्यूमर, एसजीपीजीआई के प्रो ज्ञानचंद ने बिना चीरा लगाए की सर्जरी
Fri, 05 Mar 2021 08:14 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 05 Mar 2021 08:14 PM IST
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- फोटो : सोशल मीडिया
एसजीपीजीआई के इंडोक्राइन सर्जन प्रो ज्ञानचंद ने पैरा थायराइड ग्रंथि के ट्यूमर को मुंह के रास्ते निकालने में सफलता पाई है। इससे मरीज के गले पर किसी तरह का निशान भी नहीं पड़ा है। प्रोफेसर का दावा है कि इस तरह की सर्जरी संस्थान में पहली बार की गई है।
रायबरेली में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत महिला को गुर्दे मे बार -बार पथरी हो जा रही थी। कई जगह उपचार कराने के बाद भी आराम नहीं मिला तो वह एसजीपीजाई आई। यहां इंडोक्राइन सर्जरी विभाग के प्रो ज्ञानचंद ने जांच कराई। पता चला कि उसके गुर्दे में पथरी बनने का कारण पैरा थायराइड ग्रंथि में बना हुआ टयूमर है, जिसे निकालने के बाद ही उसे पथरी से निजात मिल पाएगी।
अविवाहित महिला कांस्टेबल ने गुजारिश की कि उसके गले पर निशान ना पड़े। इसे ध्यान में रखते हुए मुंह के रास्ते इस टयूमर को निकालने की योजना बनाई गई। फिर मुंह के रास्ते दूरबीन से सर्जरी प्लान की गई। अब गुर्दे में होने वाली पथरी से उन्हें छुटकारा मिल जाएगा। मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। निदेशक प्रो आरके धीमान ने इस उपलब्धि पर प्रो ज्ञानचंद को बधाई दी।
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रायबरेली में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत महिला को गुर्दे मे बार -बार पथरी हो जा रही थी। कई जगह उपचार कराने के बाद भी आराम नहीं मिला तो वह एसजीपीजाई आई। यहां इंडोक्राइन सर्जरी विभाग के प्रो ज्ञानचंद ने जांच कराई। पता चला कि उसके गुर्दे में पथरी बनने का कारण पैरा थायराइड ग्रंथि में बना हुआ टयूमर है, जिसे निकालने के बाद ही उसे पथरी से निजात मिल पाएगी।
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अविवाहित महिला कांस्टेबल ने गुजारिश की कि उसके गले पर निशान ना पड़े। इसे ध्यान में रखते हुए मुंह के रास्ते इस टयूमर को निकालने की योजना बनाई गई। फिर मुंह के रास्ते दूरबीन से सर्जरी प्लान की गई। अब गुर्दे में होने वाली पथरी से उन्हें छुटकारा मिल जाएगा। मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। निदेशक प्रो आरके धीमान ने इस उपलब्धि पर प्रो ज्ञानचंद को बधाई दी।
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