अयोध्या: 32 करोड़ से हाईटेक होगा तुलसी उद्यान, मठ-मंदिरों का भी होगा सौंदर्यीकरण
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राजकीय तुलसी उद्यान अब हाईटेक होगा। साथ ही साथ उद्यान से सटे प्राचीन भवनों, मठ-मंदिरों का सौंदर्यीकरण कर सजाया-संवारा जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने 32 करोड़ रुपये की लागत का प्रोजेक्ट तैयार किया है।
पांच बीघा परिसर में विकसित पांच दशक पुराने तुलसी उद्यान में भक्तों व पर्यटकों को हमेशा म्यूजिक सिस्टम से मानस की धुनें सुनने को मिलेगी। साथ ही वाई-फाई सुविधा भी दी जाएगी। इससे तुलसी उद्यान का स्वरूप खूब निखरेगा।
तुलसी उद्यान गोस्वामी तुलसीदास को समर्पित एक बगीचा है। बगीचे को पहले विक्टोरिया पार्क रूप में जाना जाता था। पार्क के मध्य में रानी विक्टोरिया की एक मूर्ति थी। बाद में 1960 में इसे तुलसी उद्यान का नाम दिया गया और गोस्वामी तुलसीदास की एक मूर्ति स्थापित की गई।
समाजसेवी के.रानी शर्मा ने तुलसीदास की मूर्ति भेंट की थी जिसका अनावरण 28 दिसंबर 1963 को राज्यपाल विश्वनाथ दास द्वारा किया गया था। पांच बीघा परिसर के उद्यान के ठीक मध्य में स्थापित सफेद संगमरमर के शानदार मंडप में गोस्वामी तुलसीदास जी की प्रतिमा है।
हालांकि मंडप के ही पीछे गोस्वामी जी की एक प्राचीन आदमकद प्रतिमा दशकों से खुले आकाश के नीचे खड़ी है। लेकिन अब तुलसी उद्यान 32 करोड़ से हाईटेक होगा। यहां वाई-फाई की सुविधा भी दी जाएगी। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से पहले फेज में 133 करोड़ की दी गई पर्यटन विकास योजना के अंतर्गत तुलसी उद्यान को सजाने का कुछ काम हुआ है।
अब नगर निगम ने नए सिरे से तैयारी की है। राम की पैड़ी परिसर में प्रतिदिन लाइट एवं साउंड शो की भी तैयारी हो रही है। नगर निगम ने इसके लिए कार्ययोजना तैयार की है। नगर आयुक्त नीरज शुक्ल ने बताया कि रोजाना राम की पैड़ी पर लेजर शो होगा।