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एमएलसी के निरस्त पास से सचिवालय में घुसने की कोशिश, गिरफ्तार
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फर्जी पास से सचिवालय में प्रवेश करने पर आरोपी को गिरफ्तार कर दर्ज की गई एफआईआर। (फोटो ः प्रतीकात्?
- फोटो : ??? ?????
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कार में निरस्त पास लगाकर कुछ लोगों ने सचिवालय में घुसने कोशिश की। गेट नंबर-7 पर मौजूद अधिकारियों ने जांच की तो पता चला कि पास 13 महीने पहले एमएलसी के वाहन के लिए जारी किया गया था।
जिसे सात महीने पहले प्रमुख सचिव ने निरस्त कर दिया गया था। एडीसीपी दिगंबर कुशवाहा ने बताया कि पूछताछ में कार चालक ने कबूला कि पास एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने दिया था।
हजरतगंज पुलिस ने सचिवालय सुरक्षा दल के दरोगा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने कार चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
सचिवालय सुरक्षा दल के उपनिरीक्षक हृदयनाथ सिंह की मंगलवार को ड्यूटी सचिवालय के गेट नंबर-7 पर थी। विधानसभा सुरक्षा में एडीसीपी दिगंबर कुशवाहा, मुख्य सुरक्षा अधिकारी भगत सिंह समेत तमाम अफसर मौजूद थे।
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करीब 12 बजे एक कार (यूपी 45 ईई 8472) गेट से प्रवेश करने लगी। वाहन पर विधान परिषद सचिवालय की ओर से जारी वर्ष 2021 तक का वाहन प्रवेश पत्र लगा हुआ था।
शुरुआती जांच में प्रवेश पत्र जाली लगा तो दरोगा ने विधान परिषद सचिवालय के पटल कार्यालय में जानकारी की। पता चला कि प्रवेश पत्र जाली है।
इस वाहन संख्या पर प्रवेश पत्र कभी जारी नहीं किया गया था। यह प्रवेश पत्र विधान परिषद सदस्य शैलेंद्र प्रताप सिंह के लिए 1 मार्च 2021 को वाहन (यूपी 44 एके 1234) के लिए जारी किया गया था।
जिसे 1 अक्तूबर 2021 को प्रमुख सचिव ने निरस्त कर दिया था। इस जानकारी के बाद पुलिस ने कार सवार को पकड़ा।
पूछताछ में उसने अपना नाम राकेश कुमार निवासी अंबेडकरनगर बताया। पूछताछ में उसने बताया कि पास एमएलसी शैलेंद्र सिंह ने दिया है। राकेश कुमार को हजरतगंज पुलिस को सौंप दिया।
उपनिरीक्षक हृदयनाथ सिंह ने हजरतगंज थाने में आरोपित राकेश कुमार के खिलाफ जाली दस्तावेज के आधार पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।
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जिसे सात महीने पहले प्रमुख सचिव ने निरस्त कर दिया गया था। एडीसीपी दिगंबर कुशवाहा ने बताया कि पूछताछ में कार चालक ने कबूला कि पास एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने दिया था।
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हजरतगंज पुलिस ने सचिवालय सुरक्षा दल के दरोगा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने कार चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
सचिवालय सुरक्षा दल के उपनिरीक्षक हृदयनाथ सिंह की मंगलवार को ड्यूटी सचिवालय के गेट नंबर-7 पर थी। विधानसभा सुरक्षा में एडीसीपी दिगंबर कुशवाहा, मुख्य सुरक्षा अधिकारी भगत सिंह समेत तमाम अफसर मौजूद थे।
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करीब 12 बजे एक कार (यूपी 45 ईई 8472) गेट से प्रवेश करने लगी। वाहन पर विधान परिषद सचिवालय की ओर से जारी वर्ष 2021 तक का वाहन प्रवेश पत्र लगा हुआ था।
शुरुआती जांच में प्रवेश पत्र जाली लगा तो दरोगा ने विधान परिषद सचिवालय के पटल कार्यालय में जानकारी की। पता चला कि प्रवेश पत्र जाली है।
इस वाहन संख्या पर प्रवेश पत्र कभी जारी नहीं किया गया था। यह प्रवेश पत्र विधान परिषद सदस्य शैलेंद्र प्रताप सिंह के लिए 1 मार्च 2021 को वाहन (यूपी 44 एके 1234) के लिए जारी किया गया था।
जिसे 1 अक्तूबर 2021 को प्रमुख सचिव ने निरस्त कर दिया था। इस जानकारी के बाद पुलिस ने कार सवार को पकड़ा।
पूछताछ में उसने अपना नाम राकेश कुमार निवासी अंबेडकरनगर बताया। पूछताछ में उसने बताया कि पास एमएलसी शैलेंद्र सिंह ने दिया है। राकेश कुमार को हजरतगंज पुलिस को सौंप दिया।
उपनिरीक्षक हृदयनाथ सिंह ने हजरतगंज थाने में आरोपित राकेश कुमार के खिलाफ जाली दस्तावेज के आधार पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।