फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Trauma centre management failed

ये लखनऊ का ट्रॉमा सेंटर है...यहां इलाज के लिए जाएं तो ग्लूकोज की बोतल पकड़ने वाला साथ ले जाएं

Mon, 22 Feb 2021 01:34 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 22 Feb 2021 01:34 AM IST
विज्ञापन
Trauma centre management failed
ट्रॉमा सेंटर का ये हाल है। - फोटो : LKO CITY
लखनऊ। केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में इलाज कराने आए तो ग्लूकोज की बोतल पकड़ने के लिए एक तीमारदार का होना जरूरी है। यदि आपके साथ एक ही तीमारदार है और वह दवा लेने या पर्ची कटवाने में व्यस्त है तो ग्लूकोज की बोतल खुद मरीज को ही पकड़नी पड़ती है। जांच के लिए भी लंबी लाइन लगानी पड़ती है।
विज्ञापन

ग्राउंड फ्लोर पर गंभीर मरीजों के लिए एक्सरे, सीटी स्कैन, एमआरआइ व अल्ट्रासाउंड मशीनें लगी हुई हैं। यहां जांच के लिए आए झांसी निवासी शुभम सिंह के पेट में नली लगी है। उनके साथ मौजूद भाई दवा लेने गया था। ऐसे में उन्हें खुद अपने हाथ से ग्लूकोज की बोतल पकड़नी पड़ी। वह एक्सरे कराने के लिए घंटे भर से लाइन में लगे हैं। करीब-करीब यही स्थिति दूसरे मरीजों की भी है। जबकि नियमानुसार ट्रॉमा सेंटर में पेशेंट अटेंडेंट के तौर पर दर्जन भर से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं। इस संबंध में मीडिया प्रभारी डॉॅ. सुधीर सिंह का कहना है कि ट्रॉमा में स्ट्रेचर और स्टैंड की कमी नहीं है। मरीज किन परिस्थितियों में ग्लूकोज की बोतल पकड़े हुए हैं, इसे दिखवाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed