...तो मोदी लहर में बह जाएगी टीपू की ये फौज!
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लोकसभा चुनाव के नतीजों का असर सूबे की नौकरशाही पर भी पड़ना तय है।
नतीजों के बाद जहां नौकरशाही में बड़े पैमाने पर फेरबदल की चर्चाएं हैं तो कई नौकरशाह दिल्ली की राह पकड़ सकते हैं।
इनमें मुख्य सचिव से लेकर कई ऐसे वरिष्ठ नौकरशाह शामिल हैं जिनके भाजपा नेताओं से अच्छे संबंध हैं।
चार दर्जन से ज्यादा आईएएस व आईपीएस अफसरों ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए पहले से ही आवेदन कर रखा है।
इनमें से कई आईएएस को केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने संयुक्त सचिव व अपर सचिव पद के लिए सूचीबद्ध (एम्पैनलमेंट) भी कर लिया है।
जावेद उस्मानी भी जा सकते हैं
एग्जिट पोल के रुझान में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन को देखते हुए ब्यूरोक्रेसी में यह चर्चा काफी तेज है कि बहुत से अफसरों पर गाज गिर सकती है।
अखिलेश सरकार के बाकी ढाई साल के कार्यकाल में अपने भविष्य को लेकर भी अफसर आशंकित हैं और दिल्ली की राह पकड़ना बेहतर मानते हैं।
सूत्रों के मुताबिक मुख्य सचिव जावेद उस्मानी भी अब दिल्ली जाने के इच्छुक हैं लेकिन अभी वह अपने पत्ते नहीं खोल रहे।
इन अफसरों को एनओसी का इंतजार
जहां तक अन्य अफसरों का सवाल है तो मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव राकेश गर्ग, नेतराम, नवनीत कुमार सहगल, जीवेश नंदन, कुमार अरविंद सिंह देव, एसपी सिंह को दिल्ली की हरी झंडी मिल चुकी है। इन अफसरों को राज्य सरकार की एनओसी का इंतजार है।
एनडीए सरकार बनने के बाद दिल्ली की ओर रुख करने वालों में कृषि उत्पादन व औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक रंजन, अनंत कुमार सिंह, आनंद मिश्रा भी शामिल बताए जा रहे हैं।
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रवीर कुमार को कुछ दिन पहले केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए रिलीव किया जा चुका है।
नए मुख्य सचिव को लेकर कयास
जावेद उस्मानी के केंद्र में जाने की चर्चाओं के बीच नए मुख्य सचिव को लेकर भी कयास लगाए जाने लगे हैं।
हालांकि नौकरशाही का एक धड़ा इन कयासों को यह कहते हुए खारिज कर रहा है कि अभी कुछ तय नहीं है जबकि मुख्य सचिव की कुर्सी के दावेदार सक्रिय हो गए हैं।
लंबे समय से इस कुर्सी पर बैठने की तमन्ना रखने वाले एक वरिष्ठ आईएएस ने तो बाकायदा लॉबिंग भी शुरू कर दी है।
जहां तक वरिष्ठता का सवाल है तो 1978 बैच के आलोक रंजन का दावा सबसे मजबूत है। इस लिहाज से भी कि उस्मानी की अनुपस्थिति के दौरान वे कई बार कार्यवाहक मुख्य सचिव का जिम्मा संभाल चुके हैं।
दावेदारों में 1979 बैच के अनिल कुमार गुप्ता भी हैं जो फिलहाल प्रमुख सचिव गृह के पद पर तैनात हैं।