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UP News: ट्रेनें बढ़ीं पर जीआरपीकर्मी नहीं, जिलों से मांगे गए 2740 पुलिसकर्मी; अब निकाला गया यह विशेष रास्ता

Wed, 11 Feb 2026 08:20 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अशोक मिश्रा, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अशोक मिश्रा, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Wed, 11 Feb 2026 08:20 AM IST
सार

देश में ट्रेनें तो बढ़ीं पर जीआरपीकर्मी नहीं बढ़ाए गए। यूपी में अब जिलों से 2740 पुलिसकर्मी मांगे गए हैं। 28 वर्ष से जीआरपी में जनशक्ति नहीं बढ़ी। रेल मंत्रालय संख्या बढ़ाने को तैयार नहीं है। इसलिए दूसरा रास्ता निकाला गया है। जीआरपी में भेजे जाने वाले पुलिसकर्मी एक वर्ष के लिए गृह जिले में विशेष ड्यूटी पर तैनात होंगे।

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Trains increased but GRP personnel did not 2740 police personnel were requisitioned from districts
रेलवे स्टेशन पर सामान की चेकिंग करते जीआरपी पुलिस। (सांकेतिक) - फोटो : संवाद

विस्तार

उत्तर प्रदेश में ट्रेनों और यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है लेकिन बीते 28 वर्ष से जीआरपी कर्मियों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत अब कमिश्नरेट और जिलों में तैनात 2740 कर्मियों को जीआरपी में एक वर्ष के लिए विशेष ड्यूटी पर तैनात करने का फैसला लिया गया है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। खास बात यह है कि इन कर्मियों को उनके गृह जिले के जीआरपी थानों में तैनात किया जाएगा। इनमें महिला कर्मी भी शामिल होंगी।
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वर्तमान में जीआरपी में वर्ष 1998 से डीजी से लेकर सिपाही तक कुल 6000 अफसर और कर्मचारियों की जनशक्ति (नियतन) है। इसमें अब तक करीब 28 वर्ष से कोई इजाफा नहीं हुआ है। कई बार रेल मंत्रालय को जनशक्ति बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिली। इस दौरान प्रदेश में ट्रेनों की संख्या बढ़कर 3050 और यात्रियों की संख्या रोजाना 30 लाख तक हो गई है। 
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ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अब दूसरा रास्ता निकाला गया है। कमिश्नरेट और जिलों में तैनात इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही रैंक के 2740 कर्मियों को अब एक वर्ष के लिए जीआरपी में भेजा जाएगा। उनकी तनख्वाह उनके कमिश्नरेट और जिले से ही जारी होगी। बाद में उनका कार्यकाल बढ़ाया भी जा सकता है। यह वर्तमान में जीआरपी में तीन साल के लिए नागरिक पुलिस के कर्मियों की तैनाती की प्रचलित व्यवस्था से अलग होगा।

रेल मंत्रालय ने नहीं दी मंजूरी

दरअसल, जीआरपी कर्मियों की आधी तनख्वाह रेल मंत्रालय वहन करता है। यूपी पुलिस द्वारा जीआरपी कर्मियों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव को रेल मंत्रालय द्वारा बार-बार ठुकरा देता है। इसकी वजह है कि यदि यूपी में जनशक्ति को बढ़ाया जाएगा तो अन्य प्रदेश भी इसकी मांग करेंगे। इससे रेलवे पर आधी तनख्वाह देने का अतिरिक्त बोझ आएगा।
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हर शाखा में बढ़ी जनशक्ति

पुलिस की हर शाखा में बीते कुछ दशकों के दौरान जनशक्ति में इजाफा होता रहा है। कुछ शाखाओं में तो दो से तीन गुना अधिक जनशक्ति है। हालांकि, जीआरपी को अपनी वर्तमान जनशक्ति के बूते ही ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा करनी पड़ रही है। बड़े पर्वों एवं महत्वपूर्ण आयोजनों के दौरान ट्रेनों और यात्रियों की संख्या बढ़ने से सुरक्षा व्यवस्था करने में मुश्किल आती है।

एडीजी, रेलवे प्रकाश डी. ने बताया कि  डीजीपी द्वारा प्रस्ताव मंजूर करने के बाद सभी कमिश्नेट और जिलों से 2740 पुलिसकर्मी एक वर्ष की विशेष ड्यूटी के लिए मांगे गए हैं। श्रावस्ती में कोई रेलवे लाइन नहीं होने से उसे इसमें शामिल नहीं किया गया है। इन कर्मियों के मिलने से ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा कार्य बेहतर तरीके से हो सकेगा।
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