मेट्रो के आने के बाद खत्म हो जाएगी शहर से ट्रैफिक की समस्या
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लखनऊ मेट्रो के रूट को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि शहर के बड़े चौराहों से ट्रैफिक की समस्या खत्म हो जाएगी। मेट्रो रेल परियोजना के 23 किलोमीटर के नार्थ-ईस्ट कॉरिडोर के लिए नया डवलपमेंट प्लान बनेगा।
इसे कुछ इस तरह बनाया जाएगा कि रिहायशी,व्यावसायिक और कार्यालय से संबंधित सभी काम मेट्रो स्टेशनों के वॉकिंग डिस्टेंस (पैदल दूरी) पर ही उपलब्ध हों। जिससे अधिकांश लोग अपने वाहनों को घरों में छोड़ कर मेट्रो की सवारी करें।
यह संबंधित एजेंसियां करेंगी लेकिन इसके लिए कंसलटेंट लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन चुनेगा। फीडर सर्विस की व्यवस्था सुनिश्चित करने वाला कंसलटेंट ही ये डवलपमेंट प्लान भी बनाएगा।
ये प्लानिंग अगले छह महीने में कर ली जाएगी। जिसमें से तीन महीने का समय कंसलटेंट चुनने के लिए किया जाएगा। टीपी नगर से मुंशी पुलिया के बीच 20 से 22 स्थानों पर बड़े कांप्लेक्स के लिए जगह चिह्नित की जाएगी।
ट्रांसपोर्ट नगर से मुंशी पुलिया के बीच ये पूरा विकास स्टेशन के आसपास किया जाना है।
मेट्रो स्टेशनों के पास बनेंगे शॉपिंग मॉल
मिसाल के तौर पर सचिवालय का कोई कर्मचारी अगर कानपुर रोड की किसी कॉलोनी में रहता है तो उसको अपनी गाड़ी का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
उसे कानपुर रोड से मेट्रो रेल मिल जाएगी और वह सचिवालय के स्टेशन पर उतर जाएगा। इसी तरह से स्टेशनों के पास अधिक से अधिक शॉपिंग मॉल बनाए जाएंगे। ग्रुप हाउसिंग बिल्डिंग हों या ऑफिशियल कांप्लेक्स सभी इसी डवलपमेंट प्लान का हिस्सा होगा।
आउट साइड स्टेशन डवलपमेंट और फीडर सर्विस को लेकर किए जा रहे कंसलटेंट के टेंडर में छह कंपनियों ने रुचि दिखाई है। प्री बिड कांफ्रेंस में इन कंपनियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया है।
23 किलोमीटर में अभी भी कई जगह ऐसी हैं,जहां पर नये तरह से विकास किया जा सकता है। कंपनी इन जगहों को चयनित कर के उनका लैंडयूज डिफाइन कर देगी। इस संबंध में पूरी रिपोर्ट अगले छह महीने में आ जाएगी। जिसके आधार पर आवास विकास परिषद,एलडीए,यूपीएसआईडीसी और एयरपोर्ट अथॉरिटी जैसी एजेंसियों के जरिए विकास कार्य करवाए जाएंगे।
एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव कहते हैं कि अधिक से अधिक लोग मेट्रो की सवारी करें,इसलिए ये व्यवस्था की जा रही है। स्टेशन आउटर डवलपमेंट होगा। जिससे अधिक से अधिक लोग पैदल ही मेट्रो स्टेशन से अपने गंतव्यों तक पहुंच सकेंगे। इसके लिए कंसलटेंट चुना जा रहा है।