रेलवे का हाल: दफ्तर व अफसरों के बंगलों में कौन-सा ‘जोखिम’ उठा रहे ट्रैकमैन, हर महीने पा रहे भत्ता
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पटरियों की मरम्मत करने वाले ट्रैकमैन से रेलवे अधिकारी दफ्तर व बंगलों में काम करवा रहे हैं। यही नहीं, ट्रैक मेंटेनेंस के एवज में 2700 रुपये प्रतिमाह मिलने वाला जोखिम भत्ता भी उन्हें दिलवाया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि दफ्तरों व बंगलों में ट्रैकमैन कौन-सा जोखिम उठा रहे हैं?
गर्मी, बरसात, सर्दी, कोई भी मौसम हो, गैंगमैनों की पैनी निगाहें पटरियों की मरम्मत के साथ-साथ लगातार इसकी देखरेख करती हैं ताकि ट्रेनें सुरक्षित रफ्तार भर सकें। इसके लिए उन्हें जोखिम भत्ता भी मिलता है। गत तीन दिसंबर को पूर्वोत्तर रेलवे के डालीगंज-बादशाहनगर रेलवे स्टेशन के बीच 308 पेंड्रोल क्लिपों के गायब होने के मामले में गैंगमैनों की सक्रियता से हादसा टल गया था।
यह सक्रियता बनी रहे, इसके लिए जरूरी है कि ट्रैकमैन मेंटेनेंस के काम में लगे रहें, लेकिन रेलवे अधिकारी उनसे घर व दफ्तरों का काम ले रहे हैं। इससे ट्रैक की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
मंत्री के निर्देश का भी असर नहीं
उत्कल एक्सप्रेस व कैफियत एक्सप्रेस के डिरेलमेंट के बाद रेलमंत्री पीयूष गोयल ने सभी रेलवे जोनों को निर्देश दिए थे कि अफसरों के घरों व दफ्तरों में काम कर रहे गैंगमैनों को तत्काल रिलीज कर उन्हें ट्रैक पर भेजा जाए। दक्षिण व मध्य रेलवे के जोनों ने इस पर तुरंत कार्रवाई की। सुल्तानपुर में ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई भी हुई, लेकिन उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे के अफसरों ने गैंगमैनों को अपने कामों में ही लगाए रखा है।
50 प्रतिशत गैंगमैन इंजीनियरिंग विभाग की सेवा में
रेलवे कर्मचारी ट्रैक मेंटेनर एसोसिएशन के सहायक सचिव विश्वनाथ सिंह यादव के मुताबिक जो गैंगमैन अफसरों की ड्यूटी बजा रहे हैं, उनमें 50 प्रतिशत से अधिक गैंगमैन इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों की सेवा में लगे हैं। इनमें एसएसई पीवे-1 के अंडर में 30 से 40 गैंगमैन हैं।
एएसई, बाराबंकी के दफ्तर में गैंगमैन प्रभाकर कुमार, निहालगढ़ एएसई दफ्तर में रंजीत मीणा, एसएसई पीवे-3 के ऑफिस में फिटर राजेश कुमार यादव व राज नारायण तिवारी, एडीईएन थ्री के ऑफिस में फिटर मुकेश, एसएसई लाइन के ऑफिस में ट्रैकमैन रमेश, आलोक, विजय, सनी, मुकेश, एडीईएन-2 के दफ्तर में परमिंदर, तबरेज, प्रेमनारायण, एसएसई पीवे-1 के आवास पर तरुण, प्रदीप लगे हुए हैं।
ट्रैक से उठाया, ट्रेनिंग स्कूल में भेजा
रेलवे ट्रेनिंग स्कूल में पांच ट्रैकमैन की ड्यूटी लगाई गई है। ट्रैक मेंटेनेंस में लगे गैंगमैनों को भी यहां गत नवंबर में स्थानांतरित किया गया है, जिसे लेकर विरोध जताया जा रहा है। इसके अलावा कई ऐसे गैंगमैन भी हैं, जिनसे अफसर अपनी जी हुजूरी करवा रहे हैं और रजिस्टर में उनकी ड्यूटी ऑन साइट दिखाई जा रही है। अमौसी स्थित रेलवे स्टोर में ऐसा मामला सामने आया तो डीआरएम से इसकी शिकायत की गई।
रेलवे बोर्ड तक पहुंचा मामला, लगी फटकार
विश्वनाथ सिंह यादव ने बताया कि ट्रैक मेंटेनरों से घरों पर ड्यूटी करवाने वाले अफसरों की शिकायतों का पुलिंदा डीआरएम सतीश कुमार, सीनियर डीईएन कोऑर्डिनेशन सहित रेलवे बोर्ड चेयरमैन अश्विनी लोहानी को भेजा था। इस पर अधिकारियों को फटकार लगी है। हालांकि इसके बावजूद गैंगमैनों को ट्रैक पर भेजे जाने की प्रक्रिया काफी सुस्त है।
लखनऊ मंडल--वर्किंग गैंगमैन--रिक्त पद--दफ्तर व घरों में
उत्तर रेलवे--3,400--1,800--250
पूर्वोत्तर रेलवे--4,000--1,500--150
(ट्रैक मेंटेनर एसोसिएशन से मिली जानकारी के अनुसार)