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Top News of UP : योगी ने संघ से कहा था- इससे बेहतर तो मैं इस्तीफा ही दे दूं, पढ़ें संघ, सीएम और भाजपा के बीच सुलह की पूरी कहानी

Fri, 11 Jun 2021 06:23 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 11 Jun 2021 06:23 PM IST
सार

आज यूपी की टॉप फाइव खबर में भाजपा में मचे सियासी तूफान समेत डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं की चर्चा रही।

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Top News of UP : Yogi had told the Sangh - better I resign than this, read the full story of the reconciliation between the Sangh, the CM and the BJP

विस्तार

आज दिन भर उत्तर प्रदेश में सरकार में किसकी गद्दी बचेगी किसकी जाएगी, इसी पर चर्चा होती रही। इस पर विशेष खबर 'योगी ने संघ से कहा था- इससे बेहतर तो मैं इस्तीफा ही दे दूं, पढ़ें संघ, सीएम और भाजपा के बीच सुलह की पूरी कहानी' के साथ यूपी की टॉप फाइव खबर में गोरखपुर में नाबालिग छात्रा से संबंध पर शादीशुदा शिक्षक को निकाह का फरमान, गांव के पंचों ने सुनाया फैसला, अखिलेश यादव बोले, आबादी के हिसाब से टीकाकरण में पिछड़ा हुआ है यूपी, सपा ने 15 जिला एवं महानगर अध्यक्षों की सूची जारी की, पहली बार होगी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सीधी भर्ती, 15 विशेषज्ञताओं के 3620 पदों के लिए मांगे गए आवेदन और डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू के गिरफ्तार करने की खबर चर्चा में रही। पढ़िए विस्तृत खबर...

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योगी ने संघ से कहा था- इससे बेहतर तो मैं इस्तीफा ही दे दूं, पढ़ें संघ, सीएम और भाजपा के बीच सुलह की पूरी कहानी

भारतीय जनता पार्टी के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुशासन की लाठी एक बार फिर भारी पड़ी और उत्तर प्रदेश को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दिल्ली में तीन दिन के विचार मंथन के बाद अपनी जो राय भाजपा नेतृत्व को दी थी, पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने उस पर अमल शुरु कर दिया है।

गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ जो विस्तृत चर्चा हुई उसकी जानकारी देते हुए सूत्रों ने बताया कि संघ के आशीर्वाद से योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने रहेंगे और जल्दी ही राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार और फेरबदल होगा। जिसके तहत पूर्व आईएएस अरविंद कुमार शर्मा और भाजपा में नए नवेले गए पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद को मंत्री बनाया जा सकता है। लेकिन इनमें से कोई भी उप मुख्यमंत्री नहीं बनेगा।

संभावना है कि मौजूदा उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और केशव प्रसाद मौर्य अपने-अपने पदों पर बने रहेंगे औऱ उनके विभाग भी उनके पास रहेंगे। लेकिन मंत्रिमंडल में पिछड़ों और दलितों का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जाएगा ताकि हिंदुत्व के संरक्षण में सामाजिक संतुलन बना रहे। इसलिए मुमकिन है कि अपना दल से अनुप्रिया पटेल को केंद्र में या उनके पति डा.आशीष पटेल को राज्य मंत्रिमंडल में जगह मिल जाए।

अनुप्रिया पटेल ने भी गृह मंत्री अमित शाह से गुरुवार भाजपा नेताओं से मुलाकात भी की थी। गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली आकर गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात में उन सारे जटिल मुद्दों पर बात की जिन्हें लेकर पिछले कई दिनों से उत्तर प्रदेश को लेकर भाजपा में घमासान मचा हुआ था।

यह जानकारी देने वाले सूत्रों के मुताबिक इसके पहले योगी सर संघचालक संघ के अपने करीबी शीर्ष पदाधिकारियों से बात करके अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुके थे और इसीलिए उन्होंने संघ के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले की लखनऊ यात्रा के दौरान उनसे भेंट नहीं की जबकि होसबोले तीन दिन तक लखनऊ में रहे और उन्होंने मुख्यमंत्री को मिलने का संदेश भिजवाया लेकिन योगी तब मिर्जापुर और गोरखपुर की यात्रा पर थे।

सूत्रों के अनुसार योगी पर अरविंद शर्मा को विधान परिषद सदस्य बनाने के बाद केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से उप मुख्यमंत्री बनाकर गृह नियुक्ति एवं गोपन जैसे अति महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील विभाग देने का दबाव बढ़ रहा था और योगी उसे टालते जा रहे थे। लेकिन जब भाजपा के संगठन महासचिव बीएल संतोष और प्रभारी राधा मोहन सिंह लखनऊ गए और उन्होंने विधायकों मंत्रियों से बात करके दबाव बढ़ाया और योगी को बदलने तक की चर्चाएं चल पड़ीं जिनको राधामोहन सिंह की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और विधानसभा अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीक्षित से की गई मुलाकातों से और बल मिला तब योगी ने सीधे सर संघचालक से संपर्क किया और उनसे अपनी स्थिति स्पष्ट की।

योगी के एक बेहद करीबी सूत्र के मुताबिक मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि पिछले साढ़े चार साल से मेरी सरकार ने केंद्र के हर निर्देश का पालन किया। यहां तक कि राज्यसभा, विधान परिषद चुनावों के लिए पार्टी के उम्मीदवारों की सूची केंद्रीय नेतृत्व बिना उनकी सलाह के तैयार करके भेजता रहा है और वह उसे मानते रहे हैं। राज्य के अधिकारियों को भी सीधे केंद्र से निर्देश मिलते रहे और उन्होंने उसे भी चलने दिया। संगठन के नाम पर सरकारी कामकाज और नियुक्तियों में दखल दिया जाता रहा। और अब असफलता का ठीकरा उनके सिर फोड़ा जा रहा है।

योगी ने भागवत से यह भी कहा कि अगर किसी मुख्यमंत्री से गृह गोपन और नियुक्ति विभाग भी ले लिए जाएं तो फिर उस मुख्यमंत्री का रहना न रहना बराबर है। इससे तो अच्छा है संघ प्रमुख अगर उन्हें निर्देश देते हैं तो वो अपना इस्तीफा ही दे देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि संघ प्रमुख के आशीर्वाद से ही वह मुख्यमंत्री बनकर अपने दायित्व का पूरी निष्ठा से पालन कर रहे हैं।
सूत्र के अनुसार योगी आदित्यनाथ की इस बात को संघ प्रमुख ने बेहद गंभीरता से लिया। वैसे भी उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री पद योगी आदित्यनाथ को भाजपा नेतृत्व की इच्छा से नहीं संघ नेतृत्व की इच्छा से मिला था। क्योंकि संघ योगी को मोदी के बाद भाजपा के भावी नेता के रूप में विकसित करने की दूरगामी योजना पर काम कर रहा है।

बताया जाता है कि इसके बाद दिल्ली में संघ के सभी प्रकल्पों और अनुषांगिक संगठनों के प्रभारी और अन्य शीर्ष पदाधिकारियों की तीन दिवसीय बैठक में एक दिन उत्तरप्रदेश पर चर्चा हुई जिसमें सर कार्यवाहर दत्तात्रेय होसबोले और भाजपा के संगठन महासचिव बीएल संतोष की रिपोर्ट पर विचार हुआ। उसके बाद संघ की सर्वसम्मति से राय बनी कि योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने रहेंगे। लेकिन उन्हें अपनी इस जिद से पीछे हटना होगा कि वह अरविंद शर्मा को ज्यादा से ज्यादा राज्य मंत्री बनाएंगे।

उन्हें अरविंद शर्मा को कैबिनेट मंत्री बनाना चाहिए और जहां तक मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार की बात है तो भाजपा नेतृत्व को मुख्यमंत्री को विश्वास में लेकर आपस में बातचीत करके उस पर निर्णय लेना चाहिए और मंत्रियों के विभागों के मामले में भी मुख्यमंत्री को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। इस तरह संघ ने एक तरह से बीच का रास्ता निकाला और केंद्रीय नेतृत्व तथा योगी दोनों को ही अपने अपने रुख से कुछ पीछे हटने की सलाह दी।

संघ से योगी को अभयदान मिलने के बाद ही केंद्रीय नेतृत्व ने ऑपरेशन जितिन प्रसाद को अंजाम दिया। इसके जरिए भाजपा नेतृत्व ने एक तरफ कांग्रेस को झटका देकर यह संदेश दिया कि भाजपा उत्तर प्रदेश में अपने मूल जनाधार वर्ग ब्राह्णणों की नाराजगी दूर करने की हर मुमकिन कोशिश करेगी तो दूसरी तरफ जितिन के भाजपा प्रवेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह को भी विश्वास में नहीं लिया गया क्योंकि आशंका थी जितिन प्रसाद जो पिछले दो तीन सालों से ब्राह्रणों की उपेक्षा उत्पीड़न और हत्याओं को लेकर लगातार योगी सरकार पर हमले कर रहे थे, कि भाजपा प्रवेश में कहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अडंगा न लगा दें।

इसीलिए जितिन के प्रवेश कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा को कोई नेता मंच पर नहीं था। सूत्रों के मुताबिक योगी इससे असहज तो थे, लेकिन वक्त की नजाकत देखकर उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी बल्कि ट्वीट करके जितिन का भाजपा में स्वागत किया। गृह मंत्री और भाजपा अध्यक्ष से बातचीत के बाद उन्हें जितिन को अपने मंत्रिमंडल में लेने में कोई परहेज भी नहीं रह गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से योगी आदित्यनाथ की मुलाकात के बाद भाजपा में 'सब कुछ ठीक है' का संदेश देकर चुनाव की अगली तैयारियों में जुट जाएगी।

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नाबालिग छात्रा से संबंध पर शादीशुदा शिक्षक को निकाह का फरमान, गांव के पंचों ने सुनाया फैसला

गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पिपराइच थाना क्षेत्र के एक गांव में दसवीं की छात्रा से अवैध संबंध बनाने वाले शिक्षक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए पुलिस को सौंपने की जगह गांव के पंचों ने शिक्षक के पक्ष में छात्रा से शादी का फैसला सुना दिया। 

बेटी की उम्र की नाबालिक छात्रा से शिक्षक को निकाह करने का फरमान पंचों ने सुनाया। वह भी तब जब यह पता है कि नाबालिग से शादी करना और कराना भी एक जुर्म है। बेटी की संबंधों की चर्चा और गांव में हो रही बदनामी से पीड़ित परिवार ने तो पंचों का फैसला मान लिया पर शिक्षक के पिता ने प्रॉपर्टी में बंटवारे की आशंका पर अपनी आपत्ती दर्ज करा दी। उन्होंने कहा कि शिक्षक अगर अपनी पहली पत्नी के बच्चों के नाम आधी प्रॉपर्टी की रजिस्टर्ड वसीयत करता है तब ही वह शादी करने देंगे।

जानकारी के मुताबिक, पिपराइच थाना क्षेत्र के एक गांव में मदरसा स्थित है। मदरसे में गांव का ही एक 50 साल का व्यक्ति शिक्षक के तौर पर बच्चों को पढ़ाता है। इसी मदरसे में गांव की एक लड़की दसवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही थी। पहले से शादीशुदा व दो बच्चों के पिता शिक्षक ने छात्रा को अपने जाल में फंसा लिया। अपनी बेटी की उम्र की नाबालिग छात्रा से शिक्षक का बीते दो साल से अवैध संबंध चल रहा था। जब इसकी चर्चा पूरे गांव में फैल गई और गांव के लोगों को रहा नहीं गया तो गुरुवार को इस मामले में एक पंचायत बुलाई गई। 

खास बात यह है कि थाना क्षेत्र के अस्थाई पुलिस पिकेट से चंद कदम की दूरी पर ही दोनों पक्ष के लोगों की पंचायत हुई। पंचायत में पंचों ने नाबालिग से शिक्षक की शादी का फरमान सुना दिया। शिक्षक के पिता ने इसका विरोध किया। नाबालिग होने की वजह नहीं बल्कि इस बात से की शादी के बाद छात्रा और उससे होने वाले बच्चों को उनकी सारी प्रॉपर्टी मिल जाएगी। 

उन्होंने पंचों से कहा कि अपने हिस्से की आधी संपत्ति को शिक्षक को अपनी पहली पत्नी के बच्चे के नाम रजिस्टर्ड वसीयत करनी होगी उसके बाद ही वह निकाह की सहमति देंगे। शिक्षक तैयार हो गया और नाबालिग छात्रा से निकाह करने की बात तय होने पर पंचायत खत्म हुई।

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अखिलेश बोले, आबादी के हिसाब से टीकाकरण में पिछड़ा हुआ है यूपी, 15 जिला एवं महानगर अध्यक्षों की सूची जारी

सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि बंदरबांट में उलझी भाजपा सरकार से जनता को कोई उम्मीद नहीं बची है। आंकडे़ बताते हैं कि आबादी के हिसाब से टीकाकरण में यूपी पिछड़ा हुआ है। अखिलेश यादव ने कहा कि कोरोना संक्रमण, जानलेवा ब्लैक फंगस के महंगे इलाज में सरकार की लापरवाही रही है। जीवन रक्षक दवाइयों के अकाल और ठप विकास कार्यों के साथ हर मोर्चे पर विफल भाजपा सरकार में गरीब, किसानों, नौजवानों और समाज के शोषित वंचित तथा पिछड़े वर्गो के हितों पर कुठाराघात ही होता रहा है। समय से प्रभावी कदम न उठाने, स्थितियों के सही आकलन में विफलता और गलत प्रबंधन के चलते उत्तर प्रदेश में आंकडे़ बताते हैं कि आबादी के हिसाब से टीकाकरण में यूपी पिछड़ा हुआ है। नीति आयोग के रिकॉर्ड में उत्तर प्रदेश को सबसे फिसड्डी राज्य का दर्जा मिला हुआ है। भुखमरी, गरीबी, भेदभाव और इंडस्ट्री तथ इंफ्रास्ट्रक्चर आदि सूचकांक रैंकिंग में राज्य बदहाल है।

फाइनेंशियल एक्सप्रेस में दर्शाया गया है कि किस तरह कोरोना के नमूनों की जांच में हेरा-फेरी की गई। मसलन उप्र में 21 अप्रैल को 2,25,570 नमूनों की जांच की गई। अगर उनमें 20 फीसदी या 45,114 लोग कोविड संक्रमित थे तो उनमें करीब 22,000 मामलों को सरकारी रिकॉर्ड से निकाल दिया गया और केवल 33,106 संक्रमण केस दर्ज किए गए। इस तरह उस दिन जांच संक्रमण दर 14.7 फीसदी ही रही। इसी तरह की धोखाधड़ी से संक्रमण के पुष्ट मामलों में उत्तर प्रदेश को चौथा स्थान मिल गया है। सच तो यह है कि भाजपा राज में बेकारी-बेरोजगारी रिकार्ड तोड़ रही है। मंहगाई थमने का नाम नहीं ले रही है। पेट्रोल-डीजल-रसोई गैस सबके दाम आसमान छू रहे है। न मनरेगा में काम है, न स्किल मैपिंग का कहीं अता-पता है। व्यापार, कारोबार, दुकानदारी सब ठप्प है। लघु-मध्यम उद्योग बर्बाद हो रहे हैं। उनका संकल्प पत्र झूठ का पुलिंदा साबित हुआ है। वादाखिलाफी का उनका रिकॉर्ड जनता के सामने है।

उधर, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अनुमति से समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डा.  राजपाल कश्यप ने 15 जिला एवं महानगर अध्यक्षों की सूची जारी की है। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष सुरेन्द्र मौर्य (जिलाध्यक्ष, गोरखपुर), रामकान्त निषाद (जिलाध्यक्ष देवरिया), ज्ञानचन्द्र चौधरी (जिलाध्यक्ष बस्ती), राजेश वर्मा (महानगर अध्यक्ष फिरोजाबाद), आई0पी0 कश्यप (महानगर अध्यक्ष अलीगढ़), मोरध्वज लोधी (जिलाध्यक्ष बुलन्दशहर), जय यादव (जिलाध्यक्ष गौतमबुद्धनगर), दिनेश कुमार बघेल (महानगर अध्यक्ष नोएडा नगर), रणधीर चैधरी (गुर्जर) (जिलाध्यक्ष नोएडा ग्रामीण), चैधरी हरेन्द्र सिंह (जिलाध्यक्ष गाजियाबाद), विजयपाल कश्यप (महानगर अध्यक्ष मेरठ नगर), रामकिशन लोधी (जिलाध्यक्ष उन्नाव), सुरेश कश्यप (जिलाध्यक्ष पीलीभीत), के0पी0 यादव (महानगर अध्यक्ष गाजियाबाद) और शिवकुमार जायसवाल (महानगर अध्यक्ष लखनऊ नगर) पदाधिकारी नियुक्त हुए हैं।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू गिरफ्तार, डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों को लेकर कर रहे थे प्रदर्शन    

डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों को लेकर लखनऊ में धरना प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लखनऊ स्थित लल्लू के सरकारी आवास से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है। लल्लू के साथ उनके तमाम कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया गया है।

 उधर, पूरे प्रदेश में कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और प्रदर्शन किया। कहीं साइकिल रैली निकाली गई तो कहीं ऑटो को रस्सी से खींच कर विरोध जताया गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवम पूर्व विधायक अजय राय ने पिंडरा क्षेत्र के कुवार बाजार में साइकिल रैली निकाली। सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर पेट्रोल एवं डीजलों की कीमतों को कम करने का आह्वान किया। बाजार में स्थित एक पेट्रोल पंप पर जनसभा को संबोधित करते हुए सरकार पर हमला बोला।

कहा कि डबल इंजन की इस सरकार को जनता की तकलीफों से कोई लेना देना नहीं है। डीजल के दाम बढ़ने से किसानों के आगे जोताई की समस्या आ गई है। गैस सिलेंडर के दाम भी आसमान छू रहे हैं लेकिन सरकार सिर्फ मीटिंग कर रही है। ऑक्सीजन की कमी से प्रदेश में कितनी जानें चली गईं, लाशें गंगा में बह रही हैं लेकिन सरकार का इस और ध्यान ना देकर आगामी विधानसभा के चुनावों की रणनीति में लगी हुई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर महानगर कांग्रेस कमेटी ने बेतहाशा महंगाई व सार्वजनिक लूट के खिलाफ गोदौलिया स्थित गिरजाघर चौराहा स्थित पेट्रोल पंप पर प्रदर्शन किया गया। ईंधन की कीमतों में वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की। 

पहली बार होगी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सीधी भर्ती, 15 विशेषज्ञताओं के 3620 पदों के लिए मांगे गए आवेदन

प्रदेश में पहली बार स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सीधे लेवल-टू से भर्ती की जाएगी। कुल 15 विशेषज्ञताओं में 3620 पद भरे जाएंगे। इसके लिए उप्र लोक सेवा आयोग ने विज्ञापन जारी कर दिया है। पहले एमबीबीएस और विशेषज्ञ डॉक्टरों को सीधे लेवल वन से ही भर्ती की जाती थी। एमबीबीएस स्नातक स्तर की डिग्री है जबकि विशेषज्ञ डॉक्टरों की परास्नातक स्तर की डिग्री होती है। इसलिए लेवल वन से नियुक्ति मिलने के कारण विशेषज्ञ चिकित्सक स्वास्थ्य विभाग में ज्वाइन करने के बहुत इच्छुक नहीं रहते थे।

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों को लेवल टू से नियुक्ति के लिए पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री या डिप्लोमा के साथ एक साल का अनुभव होना जरूरी होगा। इन्हें लेवल टू में सीधे 67700-208700 पे ग्रेड मिलेगा। इनकी नियुक्ति सीएचसी या इससे उच्च श्रेणी के अस्पतालों में ही की जाएगी। आवेदन की अंतिम तिथि 28 जून 2021 रखी गई है। अपर मुख्य सचिव ने सभी मेडिकल कॉलेजों, डॉक्टर्स एसोसिएशन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) को इसकी जानकारी दे दी है। 

इन पदों पर होगी भर्ती
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट, जनरल सर्जन, फिजीशियन के 590-590 पद, रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट के 75-75 पद, बाल रोग विशेषज्ञ के 600 पद, नेत्र रोग विशेषज्ञ, नाक कान गला विशेषज्ञ, चर्म रोग विशेषज्ञ, मानसिक रोग विशेषज्ञ, फोरेंसिक स्पेशलिस्ट के 75-75 पद, माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट और पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट के 30-30 पदों पर भर्ती की जाएगी।

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