Top News Of Up : टीईटी की वैधता आजीवन करने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री योगी ने दी हरी झंडी और अखिलेश पर मायावती का हमला
एक जुलाई से खुलेंगे 1.5 लाख विद्यालय और इंजीनियरिंग और डिप्लोमा छात्रों को बड़ी राहत देते हुए शासन ने निर्देश दिया कि कॉलेजों में शुल्क वृद्धि नहीं होगी। पढ़िए यूपी की आज की टॉप फाइव खबरें...
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बड़ा फैसला लेते हुए टीईटी की वैधता आजीवन करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी। इससे करीब 21 लाख छात्रों को राहत मिलेगी। वहीं, बसपा से नाराज विधायकों के सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात करने पर बयानबाजी जारी रही। मायावती ने कहा कि सपा का चरित्र हमेशा ही दलित विरोधी रहा है। उधर, एक जुलाई से प्रदेश के 1.5 लाख विद्यालयों को खोलने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा, इंजीनियरिंग और डिप्लोमा छात्रों को बड़ी राहत देते हुए शासन ने निर्देश दिया कि कॉलेजों में शुल्क वृद्धि नहीं होगी। एक अन्य सनसनीखेज घटना में आजमगढ़ में तालाब किनारे एक नवजात मिला है। वहीं, कल गाजीपुर में गंगा में तैरते बॉक्स में 21 दिन की एक बच्ची मिली थी।
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टीईटी की वैधता आजीवन करने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री योगी ने दी हरी झंडी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-09 के साथ बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की और जरूरी दिशा निर्देश दिए। योगी ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) का प्रमाणपत्र को आजीवन वैधता प्रदान करने के निर्देश दिए। अब अभ्यर्थियों को एक बार परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद दोबारा देने की आवश्यकता नहीं होगी। इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी करने को कहा। साथ ही कोविड संक्रमण से बचाव के लिए प्रदेशवासियों को टीका-कवर प्रदान करने की प्रक्रिया और तेज करने की बात कही।
कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी के दिशा-निर्देश :
● लगातार नियोजित कोशिशों से अब ज्यादातर जिलों में संक्रमण के नए मामले नहीं मिल रहे, तो कई जिलों में नए केस इकाई में आ रहे हैं। लखनऊ छोड़ शेष 74 जिलों में 300 से कम एक्टिव केस शेष हैं। 25 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में महामारी पर नियंत्रण, बेहतर टीमवर्क का परिणाम है। उत्तर प्रदेश ने यह साबित करके दिखाया है कि कोरोना महामारी हो या कोई भी चुनौती, अगर दृढ़ इच्छाशक्ति और सामूहिकता के साथ हर कोई अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेगा तो सकारात्मक परिणाम आने में देर नहीं लगेगी।
● विगत 24 घंटों में 02 लाख 86 हजार 396 सैम्पल जांचे गए। इसी अवधि में संक्रमण के 310 नए केस सामने आए हैं और 927 मरीज कोरोना संक्रमण से मुक्त हुए हैं। वर्तमान में कुल 6,496 एक्टिव हैं। इसमें 3,920 लोग घर पर उपचाराधीन हैं। बीते 24 घंटों में कुल पॉजिटिविटी दर मात्र 0.1% रही, जबकि रिकवरी दर 98.3% हो गई है। प्रदेश में अब तक 05 करोड़ 41 लाख 45 हजार 947 सैम्पल टेस्ट हो चुके हैं। कोरोना महामारी के बीच अब तक 16 लाख 74 हजार 999 प्रदेशवासी कोविड संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं।
● कोविड संक्रमण से बचाव के लिए प्रदेशवासियों को टीका-कवर प्रदान करने की प्रक्रिया और तेज करने की आवश्यकता है। ब्लॉक स्तर पर गांवों के अलग-अलग क्लस्टर बनाकर सघन टीकाकरण अभियान चलाया जाए। लोगों को ग्राम पंचायत भवन अथवा निकटतम सीएचसी पर ही वैक्सीनेशन की सुविधा दी जाए।जिस दिन टीकाकरण होना है, उस तिथि के बारे में लोगों को पहले से जानकारी हो।
● पढ़ाई, नौकरी अथवा खेल प्रतिस्पर्धाओं के कारण विदेश यात्रा पर जाने वाले ऐसे लोग, जिन्होंने कोविशील्ड वैक्सीन की पहली डोज प्राप्त कर ली है और 28 दिन का समय पूर्ण हो चुका है, वह दूसरी डोज लगवा सकते हैं। ऐसे लोगों के लिए जिला अस्पतालों में विशेष टीकाकरण बूथ बनाए जाएं। इनके प्रपत्रों की पड़ताल कर सुगमतापूर्वक टीकाकरण कराया जाए।
● गाजीपुर जिले में गंगा नदी में लकड़ी के बक्से में एक नवजात बच्ची मिली है। सरकार बच्ची की देखभाल करेगी । नाविक द्वारा बालिका को बचाना मानवता का अनुपम उदाहरण है। प्रदेश सरकार उन्हें धन्यवाद ज्ञापित की करते हुए आवास की सुविधा देगी। इसके अलावा, अन्य पात्र योजनाओं से भी उसे तत्काल लाभान्वित कराया जाए।
● कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों के भरण-पोषण व शिक्षा-दीक्षा के प्रबंधन के लिए प्रारंभ "मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना" में ₹4,000 मासिक सहायता राशि प्रॉप्त करने के लिए परिवार की न्यूनतम आय को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹3 लाख किया जाए। यही नहीं, यदि बच्चे की माता जीवित हैं तो उन्हें निराश्रित महिला पेंशन व अन्य पात्र योजनाओं से भी लाभान्वित कराया जाए।
● भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) का प्रमाणपत्र को आजीवन वैधता प्रदान की जाए। एक बार परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद दोबारा देने की आवश्यकता नहीं होगी। इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाए। डीएलएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए पूर्व प्रचलित व्यवस्था ही लागू रखी जाए।
● बाढ़ की आशंका के दृष्टिगत राहत संबंधी सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएँ। ड्राई राशन जिस पैकेट में दें, उसकी गुणवत्ता भी अच्छी हो। आपदा से पीड़ित लोगों को 24 घंटे के भीतर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के हाथों अनुमन्य सहायता राशि प्रदान कराई जाए।
● टीकाकरण की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। बीते 24 घंटों में 4,08,731 लोगों ने वैक्सीन लगाई गई। अब तक 02 करोड़ 38 लाख से अधिक वैक्सीन डोज दिए जा चुके हैं। जबकि, अगस्त की समाप्ति तक 10 करोड़ लोगों को वैक्सीनेट करने का लक्ष्य है।
● सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ कठोरता से कार्रवाई की जाए। फेक वीडियो, फेक न्यूज के प्रसार करने वालों से सख्ती से निपटें। साम्प्रदायिक उन्माद बढ़ाने की एक भी कोशिश स्वीकार नहीं कि जाएगी।
● ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना राज्य सरकार प्राथमिकता में है। यह सुखद है कि बीते 24 घंटे में 14 नए प्लांट शुरू हो गए हैं। इस तरह अब 99 प्लांट क्रियाशील हैं। शेष स्वीकृत प्लांट के संबंध में स्थापना की प्रक्रिया तेज की जाए।
● सीएचसी और पीएचसी से जुड़े मार्गों के सुदृढ़ीकरण की कार्यवाही की जानी चाहिए।
● बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से घर-घर मेडिकल किट वितरण का विशेष अभियान शुरू हो गया है। जिलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से निगरानी समितियों को दवाइयों का पैकेट दिलाया जाए। लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। अभियान के सुचारू क्रियान्वयन के लिए सतत मॉनीटरिंग की जाए।
बसपा विधायकों की अखिलेश से मुलाकात पर मायावती का हमला, कहा-सपा का चरित्र व चेहरा हमेशा ही दलित विरोधी
मायावती ने लिखा कि-घृणित जोड़तोड़, द्वेष व जातिवाद आदि की संकीर्ण राजनीति में माहिर समाजवादी पार्टी द्वारा मीडिया के सहारे यह प्रचारित करना कि बीएसपी के कुछ विधायक टूट कर सपा में जा रहे हैं घोर छलावा है। उन्होंने आगे लिखा कि जबकि उन्हें काफी पहले ही सपा व एक उद्योगपति से मिलीभगत के कारण राज्यसभा के चुनाव में एक दलित के बेटे को हराने के आरोप में बीएसपी से निलंबित किया जा चुका है।
सपा में अगर इन निलंबित विधायकों के प्रति थोड़ी भी ईमानदार होती तो अब तक इन्हें अधर में नहीं रखती। क्योंकि इनको यह मालूम है कि बीएसपी के यदि इन विधायकों को लिया तो सपा में बगावत व फूट पड़ेगी, जो बीएसपी में आने को आतुर बैठे हैं। जगजाहिर तौर पर सपा का चाल, चरित्र व चेहरा हमेशा ही दलित-विरोधी रहा है, जिसमें थोड़ा भी सुधार के लिए वह कतई तैयार नहीं। इसी कारण सपा सरकार में बीएसपी सरकार के जनहित के कामों को बंद किया। खासकर भदोई को नया संत रविदास नगर जिला बनाने को भी बदल डाला, जो अति-निन्दनीय।
वैसे बीएसपी के निलंबित विधायकों से मिलने आदि का मीडिया में प्रचारित करने के लिए कल किया गया सपा का यह नया नाटक यूपी में पंचायत चुनाव के बाद अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुख के चुनाव के लिए की गई पैंतरेबाजी ज्यादा लगती है। यूपी में बीएसपी जन आकांक्षाओं की पार्टी बनकर उभरी है जो जारी रहेगा।
1 जुलाई से खुलेंगे 1.5 लाख विद्यालय, यहां पढ़िए राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश
देश में हाल ही में लगे लॉकडाउन के बाद से कोरोना संक्रमण के मामलों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 जुलाई से विद्यालयों को खोलने के निर्देश दिए हैं। इसके मुताबिक राज्य भर के 1.5 लाख सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को फिर से शुरू किया जाएगा। हालांकि जारी आदेश के मुताबिक केवल प्रशासनिक कार्यों के लिए विद्यालयों को शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए ही खोला जाएगा। विद्यार्थियों को अगले आदेश तक स्कूल आने की अनुमति नहीं होगी।
शिक्षकों को विद्यालयों से ही ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के आदेश
बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल द्वारा जारी आदेश को प्रदेश भर के संभागीय सहायक शिक्षा निदेशकों और बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेज दिया गया है। जबकि पिछले महीने छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं फिर से शुरू की जा चुकी हैं। शिक्षकों को स्कूलों से ही ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा बेसिक शिक्षा परिषद ने मध्याह्न भोजन के लिए स्वीकृत राशि सीधे छात्रों या उनके अभिभावकों के खाते में जमा करने का निर्णय लिया है। बता दें कि राज्य सरकार द्वारा जारी यह आदेश केवल यूपी बोर्ड के सरकारी स्कूलों से संबद्ध स्कूलों के लिए ही है। शिक्षक छात्र नामांकन, मध्याह्न भोजन योजना के अनुसार खाद्य सुरक्षा भत्ते और मुफ्त पुस्तकों के वितरण से संबंधित कार्य को पूरा करने के लिए कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक के विद्यालयों को खोला जा रहा है। वहीं कक्षा नौवीं से लेकर बारहवीं तक के लिए अभी तक कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। हालांकि 1 जुलाई से माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों को भी खोलने की संभावना जताई जा रही है।
यूपी : इंजीनियरिंग और डिप्लोमा छात्रों को बड़ी राहत, कॉलेजों में नहीं होगी शुल्क वृद्धि
सचिव व अध्यक्ष प्रवेश फीस नियमन समिति के अनुसार कोरोना के कारण पैदा हुई असाधारण परिस्थितियों के दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया है कि एकेटीयू से संबद्ध निजी क्षेत्र के 750 इंजीनियरिंग कॉलेजों व प्राविधिक शिक्षा परिषद से संबद्ध निजी क्षेत्र के 1247 डिप्लोमा स्तरीय व 19 अनुदानित संस्थानों में चल रहे पाठ्यक्रमों में पिछले सत्रों में निर्धारित शुल्क ही सत्र 2021-22 के लिए भी प्रभावी होगा।
पूर्व निर्धारित शुल्क में किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं की गई है। इससे संबंधित शासनादेश जारी कर दिया गया है। शासन के इस निर्णय से एकेटीयू के लगभग 2.50 लाख व डिप्लोमा के 02 लाख विद्यार्थी प्रभावित होंगे। कोविड संक्रमण काल में यह उनके लिए बड़ी राहत होगी। हालांकि विद्यार्थी उन शुल्क में भी कटौती की मांग कर रहे हैं, जिनका प्रयोग उन्होंने साल भर नहीं किया है।
अब आजमगढ़ में तालाब किनारे मिला नवजात, कल गाजीपुर में गंगा में तैरते बॉक्स में मिली थी 21 दिन की बच्ची
आजमगढ़ रानी की सराय थाना क्षेत्र के दिलौरी गांव स्थित तालाब के पास झाड़ियों में एख नवजात बच्चा रोता हुआ मिला। सुबह पोखरे के पास घूम रहे कुछ युवकों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी। मौके पर जाकर देखा तो एक नवजजात जमीन पर पड़ा रो रहा था। देखते-देखते वहां ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
गांव में तैनात चौकीदार ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चे को कब्जे में लेकर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। जहां बच्चे का उपचार चल रहा है। थाना प्रभारी रानी की सराय दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि दिलौरी गांव में बच्चा मिला है, किसी ने लोकलाज के डर से बच्चा वहां छोड़ दिया है। बच्चे का उपचार चल रहा है। बच्चा स्वस्थ है, उसकी देखभाल की जा रही है।
गाजीपुर में मिली बच्ची
गाजीपुर जिले के सदर कोतवाल ने विमल मिश्रा ने बताया कि ददरी घाट पर गंगा किनारे एक लकड़ी के बक्से से बच्चे के रोने की आवाज आई। एक नाविक ने आवाज सुनी और पास जाकर देखा तो बक्से में एक बच्ची रो रही थी। लोग भी जुट गए। लोगों को हैरानी तब हुई जब बक्से पर देवी-देवताओं के लगे फोटो पर नजर गई। साथ ही बक्से में एक जन्म कुंडली भी मिली है। मासूम को नाविक अपने घर ले गया। उसके परिजन बच्ची को पालना चाहते थे, लेकिन लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस बच्ची को आशा ज्योति केंद्र ले गई।