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Top News Of Up : यूपी कैबिनेट के कई महत्वपूर्ण फैसले, चित्रकूट व विंध्य धाम को मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय पहचान
Sat, 26 Jun 2021 12:40 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 26 Jun 2021 12:40 AM IST
सार
यूपी : बलरामपुर में बाइक से टकराकर पानी भरे गड्ढे कार गिरने से छह लोगों की मौत हो गई। वहीं प्रदेश में कोरोना की रफ्तार थम गई है। पढ़िए यूपी की आज की टॉप फाइव खबरें...
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विस्तार
आज योगी कैबिनेट में जहां 12 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। वहीं राष्टपति आज चार दिवसीय दौरे पर यूपी पहुंच रहे हैं। इसके अलावा एक दर्दनाक हादसे में बलरामपुर में बाइक से टकराकर पानी भरे गड्ढे में कार गिरने से छह लोगों की मौत हो गई। उधर, आज राहत की खबर यह है कि कोरोना के केस में भारी कमी देखने को मिली है। उधर, उप मुख्यमंत्री ने कुलपतियों को 15 अगस्त तक सभी विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं कराने के निर्देश दिए हैं। पढ़िए यूपी की आज टॉप फाइव खबरें विस्तार से...
चित्रकूट व विंध्य धाम को मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय पहचान
राज्य सरकार बृज तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद के बाद अब चित्रकूट धाम व विंध्याचल धाम को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए तीर्थ विकास परिषद का गठन करने जा रही है। इसके जरिए दोनों तीर्थ स्थलों का समग्र विकास कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे दोनों ही स्थानों पर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में उप्र. चित्रकूट धाम तीर्थ विकास परिषद विधेयक 2021 तथा उप्र. विंध्य धाम तीर्थ विकास परिषद विधेयक 2021 के मसौदे को हरी झंडी दे दी गई। प्रस्तावित विधेयकों को अब विधानमंडल में रखा जाएगा। कैबिनेट ने तीर्थ विकास परिषद के गठन के संबंध में आगे आवश्यक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है।
सरकार का कहना है कि चित्रकूट व विंध्य धाम की सभी प्रकार की सांस्कृतिक, पारिस्थितिकीय तथा स्थापत्य संबंधी विरासत की सौंदर्यपरक गुणवत्ता को सहेजने, विकसित करने तथा अनुरक्षित करने की योजना तैयार करने के लिए तीर्थ विकास परिषद का गठन किया जाना प्रस्तावित है। परिषद तीर्थ स्थल से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन का समन्वय एवं अनुश्रवण करने के साथ क्षेत्र में एकीकृत पर्यटन विकास तथा विरासत-संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए नीतियां तैयार करेगी। परिषद चित्रकूट व मिर्जापुर जिले के किसी विभाग, स्थानीय निकाय, प्राधिकरण को चित्रकूट क्षेत्र के विरासतीय संसाधनों को प्रभावित करने वाली किसी योजना, परियोजना या किसी विकासगत प्रस्ताव के संबंध में मार्गदर्शन भी प्रदान करेगी। तीर्थ विकास परिषद का गठन होने पर पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के लिए उच्च स्तरीय पर्यटक अवस्थापना सुविधा भी उपलब्ध हो सकेगी।
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102 एंबुलेंस संचालक कंपनी को 47.39 करोड़ का राहत पैकेज
प्रदेश कैबिनेट ने गर्भवती महिलाओं और बच्चों को अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस सेवा 102 को 47.39 करोड़ रुपये के राहत पैकेज को मंजूरी दे दी है। एंबुलेंस संचालन कंपनी जीवीके ईएमआरआई ने मार्च 2020 से जून 2020 के बीच लॉकडाउन के कारण यह छूट मांगी थी। लॉकडाउन के दौरान कंपनी ने स्वास्थ्य विभाग के साथ हुए एमओयू के लक्ष्य को पूरा नहीं किया था। इसके चलते उस पर कई करोड़ का जुर्माना भी लगा था। इसी के चलते कंपनी ने 108 और 102 सेवा के संचालन को बंद करने की नोटिस दी थी।
यूपी लघु उद्योग निगम के कर्मचारियों को मिलेगा सातवां वेतनमान
कैबिनेट ने यूपी लघु उद्योग निगम के कर्मचारियों को सातवां वेतनमान देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। निगम में कुल 90 कर्मचारी कार्यरत हैं। इस फैसले से ये कर्मचारी लाभान्वित होंगे। निगम कर्मचारी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे।
राजकीय नलकूपों की जल वितरण प्रणाली का होगा आधुनिकीकरण
कैबिनेट ने विभिन्न जिलों में स्थापित 6600 राजकीय नलकूपों की जल वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण व उपकरणों की स्थापना की परियोजना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की कुल लागत 285.79 करोड़ रुपये जीएसटी सहित है। परियोजना को 2022-23 तक पूरा किया जाना है।
सरकार के प्रवक्ता के अनुसार परियोजना के पूरा होने से 11.53 हेक्टेयर प्रति नलकूप के हिसाब से लगभग 76082 हेक्टेयर सिंचन क्षमता की पुनर्स्थापना होगी। इससे लगभग 70 हजार कृषक परिवारों को लाभ मिलेगा। यह परियोजना लघु एवं सीमांत किसानों के लिए विशेष लाभप्रद है। इससे खाद्यान्न उत्पादन में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।
जेवर एयरपोर्ट को लीज पर भूमि देने पर नहीं लगेगा स्टांप शुल्क
गौतमबुद्ध नगर के जेवर में बन रहे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास के लिए नागरिक उड्डयन विभाग के नाम दर्ज 1334 हेक्टेयर भूमि ज्वाइंट वेंचर कंपनी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड को लीज पर दी जाएगी, लेकिन लीज पर दी जाने वाली भूमि पर स्टांप शुल्क एवं निबंधन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। कैबिनेट में इस परियोजना के संबंध में समय-समय पर जरूरत के मुताबिक निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है। माना जा रहा है कि सरकार के इस फैसले से जेवर एयरपोर्ट के निर्माण में तेजी आएगी।
वृंदावन में यमुना नदी पर दो लेन पुल बनाने के लिए 251 करोड़ मंजूर
कैबिनेट ने मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे से वृंदावन (पागल बाबा मंदिर) तक मार्ग निर्माण के लिए यमुना नदी पर दो लेन पुल निर्माण की लागत 251.55 करोड़ रुपये के व्यय को अनुमोदित कर दिया है। इस फोरलेन मार्ग की लंबाई 7.278 किलोमीटर होगी। प्राचीन स्थलों में वृंदावन धाम एक अद्वितीय स्थान है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और तीर्थयात्री इस मार्ग से आते हैं। धार्मिक आयोजनों पर इस मार्ग पर यातायात अत्यधिक बढ़ जाता है। उपलब्ध मार्ग की चौड़ाई यातायात के दबाव को देखते हुए उपयुक्त नहीं है। इसलिए यह निर्णय लिया गया है।
सहारनपुर में बाईपास निर्माण की लागत को मंजूरी
कैबिनेट ने सहारनपुर में एनएच-709 बी (चुनहेटी) से अंबाला रोड होते हुए दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग के (किमी 171) देवला तक बाईपास निर्माण के लिए 200.22 करोड़ रुपये के व्यय प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फोरलेन बाईपास मार्ग 19.25 किलोमीटर लंबा होगा। सहारनपुर के एक ओर हरियाणा का यमुना नगर व अंबाला जिला और दूसरी ओर उत्तराखंड के देहरादून व हरिद्वार जिले हैं। सहारनपुर में यह मार्ग पौराणिक मां शाकुंभरी देवी शक्तिपीठ आने-जाने का एक मात्र रास्ता है। यह परियोजना सहारनपुर को जाम से मुक्ति दिलाने और श्रद्धालुओं के लिए पर्यटन की लिहाज से अतिमहत्वपूर्ण है।
किसानों व निजी शिक्षण संस्थाओं समेत सरकारी विभागों को मिलेंगे मुफ्त पौधे
कैबिनेट ने 30 करोड़ पौधरोपण अभियान के तहत वन विभाग की पौधशालाओं से निशुल्क पौधे देने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इनमें सिर्फ यूकेलिप्टस और पापुलर के पौधे शामिल नहीं रहेंगे। निशुल्क पौधे सभी शासकीय विभागों, न्यायालय परिसरों, कृषकों, संस्थाओं, व्यक्तियों, निजी एवं शासकीय शिक्षण संस्थाओं, केंद्र सरकार के विभाग व उपक्रम, स्थानीय निकाय, प्राधिकरण, औद्योगिक इकाइयों और सहकारी समितियों आदि को दिए जा सकेंगे। यह निर्णय बेहतर पर्यावरण और किसानों के लाभ के लिए लिया गया है। इस साल 30 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें 10.80 करोड़ पौधे वन विभाग और 19.20 करोड़ पौधे अन्य राजकीय विभागों के माध्यम से रोपे जाएंगे। इसमें जन सहभागिता भी सुनिश्चित कराई जाएगी।
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चित्रकूट व विंध्य धाम को मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय पहचान
राज्य सरकार बृज तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद के बाद अब चित्रकूट धाम व विंध्याचल धाम को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए तीर्थ विकास परिषद का गठन करने जा रही है। इसके जरिए दोनों तीर्थ स्थलों का समग्र विकास कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे दोनों ही स्थानों पर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में उप्र. चित्रकूट धाम तीर्थ विकास परिषद विधेयक 2021 तथा उप्र. विंध्य धाम तीर्थ विकास परिषद विधेयक 2021 के मसौदे को हरी झंडी दे दी गई। प्रस्तावित विधेयकों को अब विधानमंडल में रखा जाएगा। कैबिनेट ने तीर्थ विकास परिषद के गठन के संबंध में आगे आवश्यक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है।
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सरकार का कहना है कि चित्रकूट व विंध्य धाम की सभी प्रकार की सांस्कृतिक, पारिस्थितिकीय तथा स्थापत्य संबंधी विरासत की सौंदर्यपरक गुणवत्ता को सहेजने, विकसित करने तथा अनुरक्षित करने की योजना तैयार करने के लिए तीर्थ विकास परिषद का गठन किया जाना प्रस्तावित है। परिषद तीर्थ स्थल से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन का समन्वय एवं अनुश्रवण करने के साथ क्षेत्र में एकीकृत पर्यटन विकास तथा विरासत-संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए नीतियां तैयार करेगी। परिषद चित्रकूट व मिर्जापुर जिले के किसी विभाग, स्थानीय निकाय, प्राधिकरण को चित्रकूट क्षेत्र के विरासतीय संसाधनों को प्रभावित करने वाली किसी योजना, परियोजना या किसी विकासगत प्रस्ताव के संबंध में मार्गदर्शन भी प्रदान करेगी। तीर्थ विकास परिषद का गठन होने पर पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के लिए उच्च स्तरीय पर्यटक अवस्थापना सुविधा भी उपलब्ध हो सकेगी।
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102 एंबुलेंस संचालक कंपनी को 47.39 करोड़ का राहत पैकेज
प्रदेश कैबिनेट ने गर्भवती महिलाओं और बच्चों को अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस सेवा 102 को 47.39 करोड़ रुपये के राहत पैकेज को मंजूरी दे दी है। एंबुलेंस संचालन कंपनी जीवीके ईएमआरआई ने मार्च 2020 से जून 2020 के बीच लॉकडाउन के कारण यह छूट मांगी थी। लॉकडाउन के दौरान कंपनी ने स्वास्थ्य विभाग के साथ हुए एमओयू के लक्ष्य को पूरा नहीं किया था। इसके चलते उस पर कई करोड़ का जुर्माना भी लगा था। इसी के चलते कंपनी ने 108 और 102 सेवा के संचालन को बंद करने की नोटिस दी थी।
यूपी लघु उद्योग निगम के कर्मचारियों को मिलेगा सातवां वेतनमान
कैबिनेट ने यूपी लघु उद्योग निगम के कर्मचारियों को सातवां वेतनमान देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। निगम में कुल 90 कर्मचारी कार्यरत हैं। इस फैसले से ये कर्मचारी लाभान्वित होंगे। निगम कर्मचारी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे।
राजकीय नलकूपों की जल वितरण प्रणाली का होगा आधुनिकीकरण
कैबिनेट ने विभिन्न जिलों में स्थापित 6600 राजकीय नलकूपों की जल वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण व उपकरणों की स्थापना की परियोजना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की कुल लागत 285.79 करोड़ रुपये जीएसटी सहित है। परियोजना को 2022-23 तक पूरा किया जाना है।
सरकार के प्रवक्ता के अनुसार परियोजना के पूरा होने से 11.53 हेक्टेयर प्रति नलकूप के हिसाब से लगभग 76082 हेक्टेयर सिंचन क्षमता की पुनर्स्थापना होगी। इससे लगभग 70 हजार कृषक परिवारों को लाभ मिलेगा। यह परियोजना लघु एवं सीमांत किसानों के लिए विशेष लाभप्रद है। इससे खाद्यान्न उत्पादन में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।
जेवर एयरपोर्ट को लीज पर भूमि देने पर नहीं लगेगा स्टांप शुल्क
गौतमबुद्ध नगर के जेवर में बन रहे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास के लिए नागरिक उड्डयन विभाग के नाम दर्ज 1334 हेक्टेयर भूमि ज्वाइंट वेंचर कंपनी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड को लीज पर दी जाएगी, लेकिन लीज पर दी जाने वाली भूमि पर स्टांप शुल्क एवं निबंधन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। कैबिनेट में इस परियोजना के संबंध में समय-समय पर जरूरत के मुताबिक निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है। माना जा रहा है कि सरकार के इस फैसले से जेवर एयरपोर्ट के निर्माण में तेजी आएगी।
वृंदावन में यमुना नदी पर दो लेन पुल बनाने के लिए 251 करोड़ मंजूर
कैबिनेट ने मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे से वृंदावन (पागल बाबा मंदिर) तक मार्ग निर्माण के लिए यमुना नदी पर दो लेन पुल निर्माण की लागत 251.55 करोड़ रुपये के व्यय को अनुमोदित कर दिया है। इस फोरलेन मार्ग की लंबाई 7.278 किलोमीटर होगी। प्राचीन स्थलों में वृंदावन धाम एक अद्वितीय स्थान है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और तीर्थयात्री इस मार्ग से आते हैं। धार्मिक आयोजनों पर इस मार्ग पर यातायात अत्यधिक बढ़ जाता है। उपलब्ध मार्ग की चौड़ाई यातायात के दबाव को देखते हुए उपयुक्त नहीं है। इसलिए यह निर्णय लिया गया है।
सहारनपुर में बाईपास निर्माण की लागत को मंजूरी
कैबिनेट ने सहारनपुर में एनएच-709 बी (चुनहेटी) से अंबाला रोड होते हुए दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग के (किमी 171) देवला तक बाईपास निर्माण के लिए 200.22 करोड़ रुपये के व्यय प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फोरलेन बाईपास मार्ग 19.25 किलोमीटर लंबा होगा। सहारनपुर के एक ओर हरियाणा का यमुना नगर व अंबाला जिला और दूसरी ओर उत्तराखंड के देहरादून व हरिद्वार जिले हैं। सहारनपुर में यह मार्ग पौराणिक मां शाकुंभरी देवी शक्तिपीठ आने-जाने का एक मात्र रास्ता है। यह परियोजना सहारनपुर को जाम से मुक्ति दिलाने और श्रद्धालुओं के लिए पर्यटन की लिहाज से अतिमहत्वपूर्ण है।
किसानों व निजी शिक्षण संस्थाओं समेत सरकारी विभागों को मिलेंगे मुफ्त पौधे
कैबिनेट ने 30 करोड़ पौधरोपण अभियान के तहत वन विभाग की पौधशालाओं से निशुल्क पौधे देने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इनमें सिर्फ यूकेलिप्टस और पापुलर के पौधे शामिल नहीं रहेंगे। निशुल्क पौधे सभी शासकीय विभागों, न्यायालय परिसरों, कृषकों, संस्थाओं, व्यक्तियों, निजी एवं शासकीय शिक्षण संस्थाओं, केंद्र सरकार के विभाग व उपक्रम, स्थानीय निकाय, प्राधिकरण, औद्योगिक इकाइयों और सहकारी समितियों आदि को दिए जा सकेंगे। यह निर्णय बेहतर पर्यावरण और किसानों के लाभ के लिए लिया गया है। इस साल 30 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें 10.80 करोड़ पौधे वन विभाग और 19.20 करोड़ पौधे अन्य राजकीय विभागों के माध्यम से रोपे जाएंगे। इसमें जन सहभागिता भी सुनिश्चित कराई जाएगी।
राष्ट्रपति का कानपुर दौरा: इटावा पहुंची महाराजा एक्सप्रेस, झींझक स्टेशन पर सजा दरबार
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज से तीन दिवसीय कानपुर यात्रा पर हैं। राष्ट्रपति दिल्ली के सफरदजंग रेलवे स्टेशन से प्रेसिडेंट ट्रेन महाराजा एक्सप्रेस से रवाना हो चुके हैं। इस दौरान उनकी पत्नी भी मौजूद रहीं। ट्रेन की स्पीड 110 तय की गई है। शाम पांच बजे महाराजा एक्सप्रेस इटावा पहुंची। रेलवे ट्रैक के आसपास बने घरों के लोग इस शाही ट्रेन को देखने के लिए छतों पर आ गए।
सुरक्षा के चलते दिल्ली हावड़ा रूट पर मालगाड़ियों का आवागमन रोका गया है। प्रेसिडेंट ट्रेन अलीगढ़ की सीमा पार कर चुकी है। सोमना स्टेशन से ट्रेन नॉन स्टॉप गुजरी। इस दौरान क्षेत्र के सभी ओवर ब्रिज, अंडरपास, रेलवे ट्रैक पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम रहे। अलीगढ़ जंक्शन के प्लेटफार्म तीन से राष्ट्रपति की स्पेशल ट्रेन दोपहर 2:30 बजे काफी स्पीड से मात्र दस सेकेंड में ही गुजर गई। इस दौरान अलीगढ़ जंक्शन पर एडीएम सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, सीएफओ सहित कई अधिकारी मौके पर रहे।
ट्रेन शाम को सात बजे तक कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंचेगी। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर अधिकारी तैयारियों में जुटे हैं। हेलीकॉप्टर से लैंडिंग ट्रायल भी कराया जा रहा है। इसी के साथ उन सभी स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौंबद की जा रही है जहां राष्ट्रपति पहुंचेंगे।
पहले वह झींझक और रूरा रेलवे स्टेशनों पर रुकेंगे और परिजनों-संबंधियों से मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ठीक 18 माह बाद अपने शहर आ रहे हैं। वह कानपुर में तीन दिन रहेंगे। आज शाम साढ़े सात बजे वह प्रेसिडेंट ट्रेन महाराजा एक्सप्रेस से सेंट्रल स्टेशन पहुंचेंगे। यहां राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनकी अगवानी करेंगे।
इसके बाद राष्ट्रपति और राज्यपाल सर्किट हाउस जाएंगे, जबकि मुख्यमंत्री लखनऊ लौट जाएंगे। राष्ट्रपति बनने के बाद कोविंद पहली बार तीन दिन के प्रवास पर कानपुर आ रहे हैं। इस प्रवास में वे कानपुर देहात स्थित अपने पैतृक गांव परौंख भी जाएंगे। 25 जून को कानपुर आते समय राष्ट्रपति की विशेष ट्रेन उनके गृह जनपद के झींझक और रूरा रेलवे स्टेशनों पर 15-15 मिनट रुकेगी।
यहां वे कुछ परिजनों और मित्रगणों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति सीधे कानपुर उतरेंगे। 26 जून को राष्ट्रपति का पूरा दिन रिजर्व है। इस दौरान वह शहर के 50 से ज्यादा लोगों से मुलाकात करेंगे। 27 जून को राष्ट्रपति सुबह नौ बजे हेलीकॉप्टर से अपने पैतृक गांव परौंख पहुंचेंगे। यहां अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
साथ ही परिजनों, मित्रों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से मुलाकात करेंगे। शाम करीब छह बजे तक राष्ट्रपति फिर से कानपुर नगर स्थित सर्किट हाउस पहुंचेंगे। यहां रात्रि विश्राम के बाद 28 जून की सुबह 10 बजे विशेष ट्रेन से लखनऊ रवाना हो जाएंगे। मुख्यमंत्री 27 जून को राष्ट्रपति के गांव परौंख भी आ सकते हैं हालांकि, गुरुवार रात तक उनका सिर्फ 25 जून का कार्यक्रम जारी हुआ।
सुरक्षा के चलते दिल्ली हावड़ा रूट पर मालगाड़ियों का आवागमन रोका गया है। प्रेसिडेंट ट्रेन अलीगढ़ की सीमा पार कर चुकी है। सोमना स्टेशन से ट्रेन नॉन स्टॉप गुजरी। इस दौरान क्षेत्र के सभी ओवर ब्रिज, अंडरपास, रेलवे ट्रैक पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम रहे। अलीगढ़ जंक्शन के प्लेटफार्म तीन से राष्ट्रपति की स्पेशल ट्रेन दोपहर 2:30 बजे काफी स्पीड से मात्र दस सेकेंड में ही गुजर गई। इस दौरान अलीगढ़ जंक्शन पर एडीएम सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, सीएफओ सहित कई अधिकारी मौके पर रहे।
ट्रेन शाम को सात बजे तक कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंचेगी। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर अधिकारी तैयारियों में जुटे हैं। हेलीकॉप्टर से लैंडिंग ट्रायल भी कराया जा रहा है। इसी के साथ उन सभी स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौंबद की जा रही है जहां राष्ट्रपति पहुंचेंगे।
पहले वह झींझक और रूरा रेलवे स्टेशनों पर रुकेंगे और परिजनों-संबंधियों से मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ठीक 18 माह बाद अपने शहर आ रहे हैं। वह कानपुर में तीन दिन रहेंगे। आज शाम साढ़े सात बजे वह प्रेसिडेंट ट्रेन महाराजा एक्सप्रेस से सेंट्रल स्टेशन पहुंचेंगे। यहां राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनकी अगवानी करेंगे।
इसके बाद राष्ट्रपति और राज्यपाल सर्किट हाउस जाएंगे, जबकि मुख्यमंत्री लखनऊ लौट जाएंगे। राष्ट्रपति बनने के बाद कोविंद पहली बार तीन दिन के प्रवास पर कानपुर आ रहे हैं। इस प्रवास में वे कानपुर देहात स्थित अपने पैतृक गांव परौंख भी जाएंगे। 25 जून को कानपुर आते समय राष्ट्रपति की विशेष ट्रेन उनके गृह जनपद के झींझक और रूरा रेलवे स्टेशनों पर 15-15 मिनट रुकेगी।
यहां वे कुछ परिजनों और मित्रगणों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति सीधे कानपुर उतरेंगे। 26 जून को राष्ट्रपति का पूरा दिन रिजर्व है। इस दौरान वह शहर के 50 से ज्यादा लोगों से मुलाकात करेंगे। 27 जून को राष्ट्रपति सुबह नौ बजे हेलीकॉप्टर से अपने पैतृक गांव परौंख पहुंचेंगे। यहां अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
साथ ही परिजनों, मित्रों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से मुलाकात करेंगे। शाम करीब छह बजे तक राष्ट्रपति फिर से कानपुर नगर स्थित सर्किट हाउस पहुंचेंगे। यहां रात्रि विश्राम के बाद 28 जून की सुबह 10 बजे विशेष ट्रेन से लखनऊ रवाना हो जाएंगे। मुख्यमंत्री 27 जून को राष्ट्रपति के गांव परौंख भी आ सकते हैं हालांकि, गुरुवार रात तक उनका सिर्फ 25 जून का कार्यक्रम जारी हुआ।
बलरामपुर में बाइक से टकराकर पानी भरे गड्ढे में गिरी कार, छह की मौत
बलरामपुर थाना क्षेत्र के शिवा नगर चयपुरवा गांव के पास तेज रफ्तार कार बाइक से टकराकर सड़क के किनारे पानी भरे गड्ढे में गिर गई। कार में सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई। यह लोग देवी पाटन शक्तिपीठ तुलसीपुर दर्शन के लिए जा रहे थे।
शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे गोंडा से देवीपाटन शक्तिपीठ जा रही तेज रफ्तार कार शिवा नगर चयपुरवा गांव के पास बाइक सवार के टकराकर सड़क के किनारे पानी भरे गड्ढे में गिर गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद कार में सवार छह लोगों को बाहर निकाला। यह सभी लोग डूबने की वजह से बेहोश थे।
एंबुलेंस की मदद से सभी को जिला अस्पताल बलरामपुर भेजा गया। परीक्षण के उपरांत डॉक्टर ने सभी लोगों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान उसी गांव के इन्द्रसेन सिंह ने की है। मृतकों में शत्रुघ्न सिंह 52 वर्ष, कृष्ण कुमार सिंह 45 वर्ष, स्नेह लता 44 वर्ष, तनु 15 वर्ष, मिली 14 वर्ष तथा उत्कर्ष 12 वर्ष शामिल हैं। सभी ग्राम मनियाए मन्हना थाना तरबगंज जनपद गोंडा के निवासी थे। घायल बाइक सवार लाले उम्र 21 वर्ष निवासी ग्राम रानी जोत थाना महाराजगंज तराई को इलाज के लिए बहराइच रेफर किया गया है। प्रभारी थानाध्यक्ष संतोष सिंह ने बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे गोंडा से देवीपाटन शक्तिपीठ जा रही तेज रफ्तार कार शिवा नगर चयपुरवा गांव के पास बाइक सवार के टकराकर सड़क के किनारे पानी भरे गड्ढे में गिर गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद कार में सवार छह लोगों को बाहर निकाला। यह सभी लोग डूबने की वजह से बेहोश थे।
एंबुलेंस की मदद से सभी को जिला अस्पताल बलरामपुर भेजा गया। परीक्षण के उपरांत डॉक्टर ने सभी लोगों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान उसी गांव के इन्द्रसेन सिंह ने की है। मृतकों में शत्रुघ्न सिंह 52 वर्ष, कृष्ण कुमार सिंह 45 वर्ष, स्नेह लता 44 वर्ष, तनु 15 वर्ष, मिली 14 वर्ष तथा उत्कर्ष 12 वर्ष शामिल हैं। सभी ग्राम मनियाए मन्हना थाना तरबगंज जनपद गोंडा के निवासी थे। घायल बाइक सवार लाले उम्र 21 वर्ष निवासी ग्राम रानी जोत थाना महाराजगंज तराई को इलाज के लिए बहराइच रेफर किया गया है। प्रभारी थानाध्यक्ष संतोष सिंह ने बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
थम गई कोरोना की रफ्तार, 20 जिलों में केस शून्य, 226 नए मामले, सीएम ने दिए ये निर्देश...
यूपी में बीते 24 घंटे में 2 लाख 69 हजार 672 कोविड टेस्ट किए गए। इसी अवधि में संक्रमण के 226 नए मामले आये हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को संबोधित करते हुए कहा कि लगातार कोशिशों से उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर की स्थिति नियंत्रण में है। संक्रमण दर न्यूनतम स्थिति में है। वर्तमान में 3500 से कम कोरोना मरीज उपचाराधीन हैं। 20 जिलों में शून्य केस मिले हैं, जबकि पूरे प्रदेश में सिर्फ 226 नए मामले सामने आए हैं। 50 जिलों में सिंगल डिजिट में केस हैं, जबकि पांच जिलों में 50 से कम केस मिले हैं।
कोविड-19 प्रबंधन के लिए गठित टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी ने शुक्रवार को दिए ये निर्देश...
● देश के कई राज्यों में कोरोना वायरस का नया वैरिएंट 'डेल्टा+' से संक्रमित मरीज पाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। विशेषज्ञों के अनुसार इस बार का वैरिएंट पहले की अपेक्षा कहीं अधिक खतरनाक है। राज्य स्तरीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ परामर्श समिति ने इससे बचाव के लिए विस्तृत अनुशंसा रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के अनुसार, अपेक्षाकृत अन्य आयु के लोगों के, बच्चों पर कहीं अधिक दुष्प्रभाव डालने वाला हो सकता है। विशेषज्ञों के परामर्श के अनुरूप बिना देर किए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। लोगों को सही जानकारी प्राप्त हो इसके लिए राज्य स्तरीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ परामर्श समिति के सदस्यों व अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों के माध्यम से जनजागरूकता के प्रयास किए जाएं। मीडिया जगत से भी सहयोग लिया जाना चाहिए।
● कोविड के डेल्टा+ वैरिएंट की गहन पड़ताल के लिए अधिकाधिक सैम्पल की जीनोम सिक्वेंसिंग कराई जाए। रेलवे, बस , वायु मार्ग से प्रदेश में आ रहे लोगों के सैम्पल लेकर सिक्वेंसिंग कराई जानी चाहिए। जिलों से भी सैम्पल लिए जाएं। रिजल्ट के अनुसार डेल्टा+ प्रभावी क्षेत्रों की मैपिंग कराई जाए। इससे बचाव के प्रयासों में सुविधा होगी। प्रदेश में जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा के लिए केजीएमयू और बीएचयू में आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं।
● विगत दिनों कराये गए सीरो सर्वे के प्रारंभिक परिणाम अच्छे संकेत देने वाले हैं। शुरुआती नतीजों के मुताबिक सर्वेक्षण में लोगों में हाई लेवल एंटीबॉडी की पुष्टि हुई है। हमें यह समझना होगा कि वायरस से इस लड़ाई में सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है। डबल मास्क, सैनिटाइजेशन, दो गज की दूरी जैसे कोविड बचाव संबंधी व्यवहार को हमें अपनी जीवनशैली में शामिल करना ही होगा। भीड़भाड़ से बचें। थोड़ी सी भी लापरवाही, बहुत भारी पड़ सकती है।
● कोरोना से बचाव के लिए टीका-कवर उपयोगी है। जून माह में हमने एक करोड़ प्रदेशवासियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा था, 24 जून को 06 दिन शेष रहते ही, इस लक्ष्य को पूर्ण कर लिया गया। उत्तर प्रदेश में अब तक 02 करोड़ 90 लाख से अधिक वैक्सीन डोज लगाए जा चुके हैं। करीब 42 लाख लोगों ने टीके के दोनों डोज प्राप्त कर लिए हैं।
● आगामी 01 जुलाई से हर दिन न्यूनतम 10 लाख लोगों को टीका-कवर देने के लक्ष्य के साथ काम किया जाए। विकास खंडों को क्लस्टर में बांटकर वैक्सीनेशन की हमारी नीति के अच्छे परिणाम मिले हैं। अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह एक तिहाई विकास खंडों में लागू है, 01 जुलाई से इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाए।
● कोरोना महामारी के दृष्टिगत प्रदेश की स्थिति हर दिन के साथ बेहतर होती जा रही है। संक्रमण दर 0.1% से भी कम स्तर पर आ चुका है, जबकि रिकवरी दर 98.5% है। ज्यादातर जिलों में संक्रमण के नए केस इकाई अंकों में आ रहे हैं, तो 50-52 से अधिक जिलों में 50 से कम एक्टिव केस ही हैं। वर्तमान में कुल एक्टिव केस घटकर 3,423 रह गए हैं। 2,078 लोग होम आइसोलेशन में उपचाराधीन हैं। अब तक कुल 16 लाख 79 हजार 416 प्रदेशवासी कोरोना से लड़ाई जीत कर स्वस्थ हो चुके हैं।
● बीते 24 घंटे में एक ओर जहां 02 लाख 69 हजार 272 सैम्पल टेस्ट हुए, वहीं मात्र 226 नए पॉजिटिव केस आये और 320 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज भी हुए। उत्तर प्रदेश में अब तक 05 करोड़ 65 लाख 40 हज़ार 503 कोविड टेस्ट हो चुके हैं।
● विशेष पदों को छोड़कर, अस्पताल प्रशासन/प्रबंधन में चिकित्सकों की तैनाती अपरिहार्य स्थिति में की जानी चाहिए। चिकित्सक का प्रथम और प्रमुख कार्य मरीज का उपचार करना है, उन्होंने इसी सेवा के लिए अध्ययन और प्रशिक्षण प्राप्त किया है। अन्य कार्यों में उनकी तैनाती, चिकित्सकों को उनके मूल कर्तव्य से विमुख करती है। अस्पताल प्रशासन/प्रबंधन के कार्यों के लिए मास्टर इन हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन अथवा हॉस्पिटल मैनेजमेंट में एमबीए उपाधिधारक युवाओं को अवसर दिया जाना चाहिए। इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।
● उत्तर प्रदेश ऑक्सीजन जेनेरेशन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो रहा है। कल 05 और प्लांट की स्वीकृति दी गई है। लगातार प्रयासों से अब 114 ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हो चुके हैं। भारत सरकार के सहयोग से पीएम केयर्स के माध्यम से निर्माणाधीन ऑक्सीजन प्लांट्स को 15 अगस्त तक क्रियाशील कर लिया जाए। मॉनीटरिंग के लिए नोडल अधिकारी तैनात किया जाए। प्लांट स्थापना से जुड़े कार्यों की सतत समीक्षा की जाए।
कोविड-19 प्रबंधन के लिए गठित टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी ने शुक्रवार को दिए ये निर्देश...
● देश के कई राज्यों में कोरोना वायरस का नया वैरिएंट 'डेल्टा+' से संक्रमित मरीज पाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। विशेषज्ञों के अनुसार इस बार का वैरिएंट पहले की अपेक्षा कहीं अधिक खतरनाक है। राज्य स्तरीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ परामर्श समिति ने इससे बचाव के लिए विस्तृत अनुशंसा रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के अनुसार, अपेक्षाकृत अन्य आयु के लोगों के, बच्चों पर कहीं अधिक दुष्प्रभाव डालने वाला हो सकता है। विशेषज्ञों के परामर्श के अनुरूप बिना देर किए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। लोगों को सही जानकारी प्राप्त हो इसके लिए राज्य स्तरीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ परामर्श समिति के सदस्यों व अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों के माध्यम से जनजागरूकता के प्रयास किए जाएं। मीडिया जगत से भी सहयोग लिया जाना चाहिए।
● कोविड के डेल्टा+ वैरिएंट की गहन पड़ताल के लिए अधिकाधिक सैम्पल की जीनोम सिक्वेंसिंग कराई जाए। रेलवे, बस , वायु मार्ग से प्रदेश में आ रहे लोगों के सैम्पल लेकर सिक्वेंसिंग कराई जानी चाहिए। जिलों से भी सैम्पल लिए जाएं। रिजल्ट के अनुसार डेल्टा+ प्रभावी क्षेत्रों की मैपिंग कराई जाए। इससे बचाव के प्रयासों में सुविधा होगी। प्रदेश में जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा के लिए केजीएमयू और बीएचयू में आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं।
● विगत दिनों कराये गए सीरो सर्वे के प्रारंभिक परिणाम अच्छे संकेत देने वाले हैं। शुरुआती नतीजों के मुताबिक सर्वेक्षण में लोगों में हाई लेवल एंटीबॉडी की पुष्टि हुई है। हमें यह समझना होगा कि वायरस से इस लड़ाई में सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है। डबल मास्क, सैनिटाइजेशन, दो गज की दूरी जैसे कोविड बचाव संबंधी व्यवहार को हमें अपनी जीवनशैली में शामिल करना ही होगा। भीड़भाड़ से बचें। थोड़ी सी भी लापरवाही, बहुत भारी पड़ सकती है।
● कोरोना से बचाव के लिए टीका-कवर उपयोगी है। जून माह में हमने एक करोड़ प्रदेशवासियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा था, 24 जून को 06 दिन शेष रहते ही, इस लक्ष्य को पूर्ण कर लिया गया। उत्तर प्रदेश में अब तक 02 करोड़ 90 लाख से अधिक वैक्सीन डोज लगाए जा चुके हैं। करीब 42 लाख लोगों ने टीके के दोनों डोज प्राप्त कर लिए हैं।
● आगामी 01 जुलाई से हर दिन न्यूनतम 10 लाख लोगों को टीका-कवर देने के लक्ष्य के साथ काम किया जाए। विकास खंडों को क्लस्टर में बांटकर वैक्सीनेशन की हमारी नीति के अच्छे परिणाम मिले हैं। अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह एक तिहाई विकास खंडों में लागू है, 01 जुलाई से इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाए।
● कोरोना महामारी के दृष्टिगत प्रदेश की स्थिति हर दिन के साथ बेहतर होती जा रही है। संक्रमण दर 0.1% से भी कम स्तर पर आ चुका है, जबकि रिकवरी दर 98.5% है। ज्यादातर जिलों में संक्रमण के नए केस इकाई अंकों में आ रहे हैं, तो 50-52 से अधिक जिलों में 50 से कम एक्टिव केस ही हैं। वर्तमान में कुल एक्टिव केस घटकर 3,423 रह गए हैं। 2,078 लोग होम आइसोलेशन में उपचाराधीन हैं। अब तक कुल 16 लाख 79 हजार 416 प्रदेशवासी कोरोना से लड़ाई जीत कर स्वस्थ हो चुके हैं।
● बीते 24 घंटे में एक ओर जहां 02 लाख 69 हजार 272 सैम्पल टेस्ट हुए, वहीं मात्र 226 नए पॉजिटिव केस आये और 320 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज भी हुए। उत्तर प्रदेश में अब तक 05 करोड़ 65 लाख 40 हज़ार 503 कोविड टेस्ट हो चुके हैं।
● विशेष पदों को छोड़कर, अस्पताल प्रशासन/प्रबंधन में चिकित्सकों की तैनाती अपरिहार्य स्थिति में की जानी चाहिए। चिकित्सक का प्रथम और प्रमुख कार्य मरीज का उपचार करना है, उन्होंने इसी सेवा के लिए अध्ययन और प्रशिक्षण प्राप्त किया है। अन्य कार्यों में उनकी तैनाती, चिकित्सकों को उनके मूल कर्तव्य से विमुख करती है। अस्पताल प्रशासन/प्रबंधन के कार्यों के लिए मास्टर इन हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन अथवा हॉस्पिटल मैनेजमेंट में एमबीए उपाधिधारक युवाओं को अवसर दिया जाना चाहिए। इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।
● उत्तर प्रदेश ऑक्सीजन जेनेरेशन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो रहा है। कल 05 और प्लांट की स्वीकृति दी गई है। लगातार प्रयासों से अब 114 ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हो चुके हैं। भारत सरकार के सहयोग से पीएम केयर्स के माध्यम से निर्माणाधीन ऑक्सीजन प्लांट्स को 15 अगस्त तक क्रियाशील कर लिया जाए। मॉनीटरिंग के लिए नोडल अधिकारी तैनात किया जाए। प्लांट स्थापना से जुड़े कार्यों की सतत समीक्षा की जाए।
15 अगस्त तक होंगी सभी विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं, उप मुख्यमंत्री ने कुलपतियों को दिए निर्देश
उत्तर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं जल्द शुरू होने वाली हैं। दरअसल उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने राज्य से संबद्ध विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को 15 अगस्त, 2021 तक परीक्षाएं पूरी करने का निर्देश दिया है। इसलिए यह संभावना जताई जा रही है कि विश्वविद्यालय द्वारा जल्द ही परीक्षाएं शुरू करने के आदेश दिए जा सकते हैं।
अगस्त के अंत तक जारी होंगे परिणाम
उपमुख्यमंत्री ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि यूपी विश्वविद्यालय परीक्षा 2021 के परिणाम अगस्त के अंत तक घोषित किए जाने चाहिए। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों द्वारा परीक्षा आयोजित करते समय कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है। कोरोना महामरी की वजह से इस बार परीक्षाओं की अवधि डेढ़ घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए।
सितंबर माह तक नया सत्र शुरू करने की तैयारी
उप मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में यूजी और पीजी के सभी पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया 15 अगस्त से शुरू कर दी जाए। प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होनी चाहिए। बता दें कि विद्यार्थियों की पढ़ाई शुरू करने के उद्देश्य से सितंबर माह से शैक्षणिक सत्र 2021-22 को शुरू करने पर सहमति जताई गई है।
अगस्त के अंत तक जारी होंगे परिणाम
उपमुख्यमंत्री ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि यूपी विश्वविद्यालय परीक्षा 2021 के परिणाम अगस्त के अंत तक घोषित किए जाने चाहिए। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों द्वारा परीक्षा आयोजित करते समय कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है। कोरोना महामरी की वजह से इस बार परीक्षाओं की अवधि डेढ़ घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए।
सितंबर माह तक नया सत्र शुरू करने की तैयारी
उप मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में यूजी और पीजी के सभी पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया 15 अगस्त से शुरू कर दी जाए। प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होनी चाहिए। बता दें कि विद्यार्थियों की पढ़ाई शुरू करने के उद्देश्य से सितंबर माह से शैक्षणिक सत्र 2021-22 को शुरू करने पर सहमति जताई गई है।