कानपुर में छिपा है बाघ, मिले पंजों के ताजा निशान
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कई दिनों से वन विभाग का सिर दर्द बना छुट्टा बाघ पहाड़ीपुर गांव के आस-पास ही छिपा है लेकिन किसी को नजर नहीं आ रहा और न ही शिकंजे में फंस रहा है।
शुक्रवार को वन विभाग की टीम को बाघ के पंजों के ताजा निशान मिले हैं। टीम का दावा है कि बाघ उसी एरिया में है, जहां गुरुवार को था।
शुक्रवार को भी पूरे दिन वन विभाग की टीम कांबिंग करती रही। हाथी भी आ गए हैं। जिला वन अधिकारी डॉ रामकुमार ने बताया कि सुबह बाघ के पंजों के ताजा निशान मिले हैं।
इससे तय है वह पहाड़ीपुर एरिया छोड़कर नहीं गया है। मंगलवार के बाद से बाघ ने किसी को अपना शिकार नहीं बनाया है।
खाने की तलाश में निकल सकता है बाघ
उसके लिए गुरुवार को बांधा गया पड़वा अभी भी सुरक्षित है। पूरी संभावना है कि बाघ देर रात भोजन की तलाश में जरूर पाड़वा को शिकार बनाएगा।
शासन की ओर से बाघ को जिंदा पकड़ने के निर्देश वन विभाग को जारी हुए हैं। जिला वन अधिकारी डॉ रामकुमार ने बताया कि नियमानुसार जब तक बाघ आदमखोर न हो जाए तब तक उसे नहीं मारते। यह बाघ अभी तक आदमखोर नहीं है। इसलिए इसे जिंदा ही पकड़ना है।
वन विभाग गुपचुप तरह से बाघ को पकड़ने की तैयारी में जुट गई है। विभाग के सूत्रों की माने तो अब बाघ को पकड़ने के लिए गड्डा खोदा जा रहा है।
साथ ही जाल भी मंगवा लिया गया है। सूत्रों की मानें तो अगर बाघ गड्डे में गिर गया तो उसे बेहोश करने के बाद कब्जे में किया जा सकेगा।