फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   tiger come for listening akhilesh yadav lecture.

...तो क्या अखिलेश का भाषण सुनने आया है बाघ!

Tue, 09 Dec 2014 08:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 09 Dec 2014 08:55 AM IST
विज्ञापन
tiger come for listening akhilesh yadav lecture.

बाघ फिर कटरी में लौट आया है। ट्रांसगंगा सिटी परियोजना के शुभारंभ के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 11 दिसंबर को जिस जगह कन्हवापुर आ रहे हैं, वहां बाघ के पंजों के ताजा निशान देखे गए हैं। 11 दिसंबर को नरकुल के जंगल से महज सौ मीटर पहले सरैंया की ओर कन्हवापुर के एक खेत में सीएम का कार्यक्रम तय है।

विज्ञापन


इसी क्षेत्र में बाघ होने की आशंका से अधिकारियों के हाथ-पांव फूल रहे हैं। सोमवार को वन विभाग और वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ  की टीम ने कन्हवापुर के नरकुल के जंगल में बाघ के पग चिन्ह देखने के बाद बाघिन के मूत्र का छिड़काव कराया। साथ ही पिंजड़ा भी लगाया गया है जिसमें चारे के रूप में पड़वा बांधा गया है।
विज्ञापन


लखनऊ से आए वन विभाग के डा. उत्कर्ष शुक्ल ने बताया कि बीते करीब एक सप्ताह से बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिल रही थी लेकिन अब उसके पग चिन्ह फिर से कन्हवापुर के नरकुल के जंगल में मिले हैं। इससे तय है कि बाघ यहीं कहीं आस-पास डेरा डाले है।

विज्ञापन
विज्ञापन

चारों तरफ लगेंगे पिंजड़े

tiger come for listening akhilesh yadav lecture.

इस जंगल में उसे खाने-पीने की कोई दिक्कत नहीं है इसीलिए उसके लिए यह उपयुक्त स्थान साबित हो रहा है। बाघ को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए अगले दो दिन के अंदर दो और पिंजड़े आ जाएंगे। वन विभाग के डिप्टी रेंजर एस.के.श्रीवास्तव ने बताया कि बाघ की लोकेशन लगभग मिल चुकी है।

जिसे पकड़ने के लिए और पिंजड़े मंगाए जा रहे हैं। बाघ को पकड़ने के लिए लगी टीमों के सदस्यों ने इस बार नई रणनीति बनाई है क्योंकि ये वही नरकुल का जंगल है जहां करीब दस दिन पूर्व बाघ ने एक नीलगाय को दिन में मार गिराया था और टीमों को गच्चा देकर निकल गया था।

इस बार कहीं कोई चूक न हो इसके लिए गोपनीय तरीके से नई रणनीति तैयार की गई है। वहीं कन्हवापुर, शंकरपुर, सराय, सरैंया, मुरलीपुर, लक्ष्मीखेड़ा सहित आस-पास के अन्य गांवों में ग्रामीण फिर दहशत में आ गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed