वन डे मैच का टिकट न मिलने पर मिल रही हैं ये धमकियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भइया क्रिकेट मैच तो 11 को खत्म हो जाएगा। इसके बाद 12 तारीख भी आएगी। यदि टिकट या पास नहीं दिया तो ठीक नहीं होगा। ये धमकियां गुरुवार को दिनभर जिला प्रशासन के अधिकारी से लेकर यूपीसीए के पदाधिकारियों को सुननी पड़ीं।
मैच के पास को लेकर इतनी मारामारी चल रही है कि कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन स्वीचऑफ कर लिए है। उधर, शहर के एमएलसी ने भेजे गए पास को वापस कर दिया है।
मैच को लेकर इस बार काफी हंगामा है। ग्रीनपार्क स्टेडियम की कुल दर्शक क्षमता 34033 है। इसमें 19332 टिकट बिक्री की गई है जबकि अन्य पास है। मैच देखने के लिए सांसद, विधायक के अलावा पूर्व सांसद और पूर्व विधायक भी पास की मांग कर रहे हैं।
कोई यूपीसीए अधिकारी को फोन कर गुस्सा निकाल रहा है तो कोई जिला प्रशासन अधिकारी को। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि कानपुर में तो मैच ही नहीं होना चाहिए। यहां का लोग मैच फ्री में देखने चाहते है।
स्टेडियम की क्षमता भले ही दोगुनी कर दी जाए। बावजूद इसके पास की मारामारी रहेगी। लोगों को इस ओर सोचना होगा। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शहर का नाम रोशन होता है। करोड़ों रुपये का फायदा होता और लोगों को रोजगार मिलता है।
मैच के शौकीन ये जरूर पढ़ें
टिकट/पास होने पर आप मैच के दौरान कभी भी एंट्री पा सकेंगे लेकिन एक बार स्टेडियम से बाहर जाने पर दोबारा प्रवेश नहीं मिलेगा।
स्टेडियम के भीतर टीमों के खिलाड़ियों, वीवीआइपियों, मजिस्ट्रेट और स्पॉन्सरों के वाहन ही प्रवेश कर सकेंगे। खिलाड़ियों की बसें और कारें प्लेयर्स गेट से, राज्यपाल और मुख्यमंत्री की गाड़ियां डायरेक्टर पवेलियन गेट से, वीवीआईपी में 15 गाड़ियों के अलावा फुटबाल ग्राउंड में मजिस्ट्रेट और स्पॉन्सरों की गाड़ियां खड़ी होंगी। इसके अलावा कोई वाहन अंदर प्रवेश नहीं करेगा।
मैच के दौरान खाने-पीने के स्टालों पर कालाबाजारी न हो इसके लिए चौकसी बरती जाएगी। पीने का पानी पाउच और गिलास में मौजूद रहेगा। यह गिलास और पाउच दर्शक गैलरी तक ले जा सकेंगे। करीब सवा लाख पाउच और ग्लास की व्यवस्था की गई है। इसका रेट न्यूनतम होगा। स्टालों पर चाय, पानी, बिस्कुट और चिप्स का रेट जो बाहर होगा, वही स्टेडियम में होगा।
चौके-छक्कों की होगी बौछार
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे मैच में ग्रीनपार्क स्टेडियम में रनों की बौछार होगी। चौकों और छक्कों की बरसात दर्शकों को देखने को मिलेगी।
थ्री लेयर पिच बल्लेबाजों की विशेष तौर पर मदद करेगी। टॉस की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। सुबह गेंद स्विंग होने के कारण गेंदबाजों को शुरुआती दौर में मदद मिलने की उम्मीद है।
ग्रीनपार्क स्टेडियम की पिच को सदैव बल्लेबाजी के लिए विश्व में जाना जाता है। इसका कारण है कि जैसे-जैसे धूप बढ़ती है तो पिच चटकने लगती है। इसका फायदा बल्लेबाजों को मिलता है। पिच का पिछला रिकॉर्ड भी रहा है कि यहां पर दूसरी पारी में खेलने वाली टीम को ही जीत मिली है।
अब तक यहां 13 एकदिवसीय मैच खेले गए हैं। इसमें 7 में दूसरी पारी खेलने वाली टीम जीती है जबकि 6 मैचों में पहले खेलने वाली टीम जीती। ग्रीनपार्क के पिच क्यूरेटर शिवकुमार का कहना है कि विकेट को मानकों के मुताबिक तैयार किया गया है।
इस बार पिच थ्री लेयर विकेट के तहत तैयार की गई है, ताकि इस पिच में भी मोहाली की तरह उछाल रहे। इसे बीसीसीआई की पिच कमेटी के चेयरमैन दलजीत चौधरी ने तैयार कराया है पर इसका असर इतनी जल्दी नहीं होगा। पिच अपना मिजाज नहीं बदलेगी।
यदि धूप अच्छी निकलती है तो पहले खेलने वाली टीम के लिए 300 रन जीत को पर्याप्त होंगे। पिछले दिनों बारिश होने से कुछ फर्क पड़ा है। इससे लगता है कि बल्लेबाजों को अधिक मदद मिलेगी।