यूपीएसएसएससी की परीक्षा में सेंधमारी, 35 गिरफ्तार, फोटोशॉप की मदद से बदलते थे प्रवेशपत्र की तस्वीर
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यूपी एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी और समाज कल्याण पर्यवेक्षक भर्ती की परीक्षा में सेंधमारी की कोशिश करने वाले दो गिरोहों का भंडाफोड़ करते हुए कुल 29 लोगों को गिरफ्तार किया है। सबसे बड़ा गिरोह लखनऊ में पकड़ा गया है जिसके 19 गुर्गे गिरफ्तार किए गए हैं। वहीं, मथुरा में पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
इसमें गिरोह के दो सरगना, तीन स्कूलों के प्रबंधक, 10 कक्ष निरीक्षक और चार अभ्यर्थी शामिल हैं। वहीं दूसरे गिरोह के 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिसमें एक सरगना, 6 सॉल्वर और तीन अभ्यर्थी शामिल हैं।
एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि शनिवार को हुई परीक्षा में सॉल्वर गिरोह पर नजर रखने और परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले गैंग पर नजर रखने के लिए अलग अलग टीमें लगाई गई थीं। इसी दौरान एसटीएफ को यह सफलता हाथ लगी।
लखनऊ में पकड़े गए गैंग का सरगना डॉ. शरद कुमार सिंह और उत्तम कुमार है जो स्कूल प्रबंधकों से मिलीभगत कर आंसर शीट और पेपर की कॉपी सेंटर से बाहर मंगा लेता था। एसटीएफ ने ब्राइट सन पब्लिक स्कूल के प्रबंधक नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, सिटी मॉडर्न एकेडमी, कृष्णानगर के प्रबंधक मुकेश पटेल और लाल बहादुर सिंह इंटर कॉलेज के प्रबंधक के भाई अनिल कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह प्रति अभ्यर्थी 10-12 लाख रुपये का सौदा करता था। इस गिरोह के पास एसटीएफ ने 14 लाख रुपये नकद, 9 निर्वाचन कार्ड, 12 आधार कार्ड, पांच ड्राइविंग लाइसेंस, नौ पेनकार्ड, 21 एटीएम कार्ड, 7 प्रवेश पत्र और 21 मोबाइल बरामद किए हैं।
फोटोशॉप के जरिये प्रवेशपत्र की तस्वीर बदलते
दूसरे गिरोह का सरगना नागमणि पांडेय उर्फ नवीन पांडेय है। जो अभ्यर्थियों को तलाश कर बिहार से सॉल्वर गैंग ले आता था और फोटाशॉप के जरिए प्रवेश पत्र की तस्वीर में हेराफेरी करता था। सभी सॉल्वर बिहार से 30 से 50 हजार रुपये के भाड़े पर लाए जाते थे। एसटीएफ का कहना है कि छापेमारी की कार्रवाई चल रही है जिसमें कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।