UP: लंबे समय से गायब विद्युत उत्पादन निगम के तीन कर्मचारी बर्खास्त, कई की सेवा हो सकती है समाप्त
राज्य विद्युत उत्पादन निगम के 42 ऐसे कर्मचारी जो बिना सूचना दिए वर्षों से लापता हैं। उनकी सेवा समाप्त करने की चेतावनी दी गई है। वहीं, तीन को बर्खास्त कर दिया गया है।
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राज्य विद्युत उत्पादन निगम के 42 कर्मचारी बिना सूचना के वर्षों से लापता हैं। इनमें सहायक अभियंता, चिकित्साधिकारी, अवर अभियंता, प्रवक्ता, टीजी-2, श्रमिक तथा धावक श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। इन्होंने निगम को न तो कोई सूचना दी है और न ही त्यागपत्र भेजा है। इनमें से तीन कर्मियों को सोमवार को बर्खास्त कर दिया गया है। बर्खास्त कर्मियों में पनकी में कार्यरत टीजी-2 प्रदीप कुमार और श्रमिक संतोष कुमार तथा ओबरा में कार्यरत श्रमिक रज्जन लाल शामिल हैं। शेष लापता कार्मिकों को सेवा समाप्त करने की चेतावनी दी गई है।
प्रमुख सचिव ऊर्जा व बिजली निगमों के अध्यक्ष एम. देवराज ने विद्युत उत्पादन निगम के कामकाज की समीक्षा की। इसमें खुलासा हुआ कि निगम के 42 कर्मचारी बिना किसी सूचना के लापता हैं। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने ऐसे कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए।
इसके बाद तीन कार्मिकों की बर्खास्तगी के आदेश जारी कर दिए गए। देवराज ने साफ कहा कि बिना सूचना के लंबे समय से गायब कर्मियों को नियमानुसार कार्रवाई करके निगम से बाहर किया जाएगा क्योंकि इससे कामकाज प्रभावित होता है और आवश्यकतानुसार नई भर्ती नहीं हो पाती है।
देवराज ने कहा कि प्रदेश में रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति की जा रही है ऐसे में विद्युत उत्पादन निगम की जिम्मेदारी बढ़ गई है। बिजलीघरों में पूरी क्षमता से उत्पादन किया जाए और पूरी सजगता बरती जाए जिससे उत्पादन प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि जो इकाइयां बंद हैं उन्हें जल्द चालू कराने का प्रयास किया जाए। बैठक में राज्य विद्युत उत्पादन निगम के एमडी पी. गुरुप्रसाद व निदेशक समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।