पटाखों के विस्फोट से दहल उठा इलाका, बेटी समेत दंपती की मौत
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राजधानी लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में रिंग रोड के किनारे श्रीनाथनगर में रविवार सुबह भीषण विस्फोट के साथ एक मकान उड़ गया। उसमें रहने वाले बुजुर्ग दंपती मलबे में दब गए, जबकि धमाके के साथ उड़ी बेटी का शव कमरों के पीछे खाली स्थान में जा गिरा।
घर के सामने स्थित प्लॉट की चारदीवारी ढह गई। कमांडो व बम निरोधक दस्ता लेकर पहुंची पुलिस ने जीसीबी की मदद से मलबे से शव निकाले। मलबे में गैस सिलेंडर सुरक्षित निकला, जबकि फ्रिज के चीथड़े उड़े थे।
पुलिस व एटीएस की टीम ने छानबीन की और कुछ अवशेष परीक्षण के लिए कब्जे में लिए हैं। तहकीकात में खुलासा हुआ कि हादसे में मारा गया बुजुर्ग बगैर लाइसेंस गुपचुप तरीके से पटाखे बनाता था और समारोहों में आतिशबाजी का ठेका लेता था।
धमाके से उड़े दो कमरे, बेटी छत के साथ खाली प्लॉट में जा गिरी
सीओ आलमबाग राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि डॉक्टर खेड़ा के मोहल्ला श्रीनाथनगर में सुबह 5:45 बजे जुम्मन (60) के घर में विस्फोट हुआ। धमाके के साथ उसके दोनों कमरे उड़ गए। बेटी सिमरन कमरे की छत के साथ उछलकर पीछे खाली स्थान में जा गिरी। सामने स्थित प्लॉट की चारदीवारी ढह गई।
जेसीबी से मलबा हटाकर निकाले गए शव
मोहल्ले के ही नाहर सिंह मीना ने सिलेंडर में विस्फोट का शक जाहिर करते हुए पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया। मॉडर्न पुलिस कंट्रोल रूम की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस व प्रशासन के आला अफसर, मानकनगर, कृष्णानगर, आलमबाग थाने की पुलिस व फायरब्रिगेड मौके पर पहुंची।
कमांडो व बम निरोधक दस्ता बुलाया गया। जेसीबी से मलबा हटाकर जुम्मन व उसकी पत्नी उमर जहां (55) को निकाला। दंपती और उनकी बेटी सिमरन को एंबुलेंस से ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
सब कुछ ताश के पत्तों-सा बिखर गया
भीषण विस्फोट का पता चलने पर एटीएस की टीम मौके पर पहुंची। बम निरोधक दस्ते व फील्ड यूनिट के साथ मलबे में छानबीन शुरू की। वहां से आतिशबाजी की कुछ पर्चियां, पैकेट, गंधक, बारूद के अवशेष मिले। फ्रिज के चीथड़े उड़े थे और कंप्रेशर फटा पड़ा था, जबकि गैस सिलेंडर सुरक्षित था।
सब कुछ इस कदर बिखरा था कि शुरुआत में पुलिस अफसर भी हादसे की वजह पर एकराय नहीं हो पा रहे थे। एसओ अशोक कुमार यादव ने विस्फोट की वजह फ्रिज का कंप्रेशर फटना मानते हुए कार्रवाई शुरू की, जबकि अन्य अधिकारी पटाखों का विस्फोट मानकर तहकीकात में जुटे रहे।
दहल उठे पड़ोसी जुम्मन के घर के सामने दस कदम दूर रिटायर्ड हेड कांस्टेबल सूर्यनाथ सिंह का मकान है। वह बताते हैं कि सुबह 5:30 बजे जागने पर चबूतरा साफ कर रहे थे। इसी बीच धमाका हुआ। धमाका इतना तेज था कि कान तक झन्ना उठा। लगा जैसे गैस सिलेंडर फट गया।
किसी से ज्यादा मतलब नहीं रखता था जुम्मन
सूर्यनाथ सिंह बताते हैं कि जुम्मन करीब चार साल से उनके घर के सामने रहता था लेकिन रिश्ता सिर्फ दुआ-सलाम का था। वह सवेरे कहीं चला जाता और रात को लौटता था।
पत्नी उमर जहां ने पड़ोसियों को बताया था कि पति गांवों की साप्ताहिक बाजार से गल्ला खरीदकर बेचता है। कमर जहां घर में पाली बकरी व भैंस का दूध बेचती थी।
आसपास के लोगों को अपने अवैध कारोबार की भनक तक न लगने दी
सीओ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि जुम्मन बंथरा क्षेत्र के गांव हमीरपुर का मूलनिवासी था। हमीरपुर में तहकीकात में सामने आया कि जुम्मन व उसके तीन भाई रमजानी, इद्दू और सिराज बरसों पहले तांगा चलाते थे। इसके बाद उन्होंने पटाखे बनाने शुरू किए।
सबसे छुपाकर गुपचुप तरीके से बनाता था पटाखे
ग्रामीणों के अवैध कारोबार के विरोध पर जुम्मन ने करीब चार साल पहले श्रीनाथनगर में अपने भतीजे रिजवान के प्लॉट पर दो कमरे बनवाए और गुपचुप तरीके से पटाखे बनाने लगा। आसपास के लोगों को भनक तक नहीं लगने दी।
जुम्मन की तीन अन्य बेटियों रेशमा, पंकज व सन्नो की शादी हो चुकी है। आसपास के लोग उसे दूध व गल्ला व्यवसायी के तौर पर जानते थे, जबकि वह बगैर लाइसेंस गुपचुप तरीके से पटाखे बनाने के साथ शादी व अन्य समारोहों में आतिशबाजी का ठेका लेता था।
बंद कमरे में पटाखे बनाती थीं मां-बेटी
पड़ताल में जुटी पुलिस को शक है कि जुम्मन गंधक, शोरा, बारूद व आतिशबाजी बनाने की अन्य वस्तुएं लेकर रात को घर लौटता था। तैयार माल को थैले में भरकर ले जाता था।
उसकी पत्नी उमर जहां व बेटी सिमरन बंद कमरे में पटाखे बनाती थीं। माना जा रहा है कि सवेरे पटाखा बनाने के दौरान ही धमाका हुआ।