फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   three days national webinar started in lucknow university

चीन के जानकारी छिपाने से फैला कोरोना, बोले विशेषज्ञ

Wed, 27 May 2020 06:01 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 27 May 2020 06:01 PM IST
विज्ञापन
three days national webinar started in lucknow university
लखनऊ यूनिवर्सिटी - फोटो : amar ujala
अमेरिका की ओर से चीन पर लगाए जा रहे आरोप तर्कसंगत हैं। यदि चीन समय पर डब्ल्यूएचओ को कोरोना से अवगत करा देता तो यह महामारी पूरे विश्व के लिए संकट न बनती। चीन ने छह हफ्ते देरी से इस बीमारी से अवगत कराया, जबकि वुहान में पहला केस दिसंबर में पाया गया था।
विज्ञापन


लखनऊ विश्वविद्यालय के विधि संकाय की ओर से ‘क्वेस्ट फॉर वर्ल्ड पीस इन 21 सेंच्युरी’ विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार के उद्घाटन पर वरिष्ठ अधिवक्ता, अखिल भारतीय बार काउंसिल एसोसिएशन के अध्यक्ष तथा न्यायविदों की अंतर्राष्ट्रीय परिषद, लंदन के अध्यक्ष डॉ. आदिश चंद्र अग्रवाल ने ये बातें कहीं। 
विज्ञापन


विधि संकाय के डीन प्रो. सीपी सिंह ने कहा कि कोरोना आज के परिदृश्य का ज्वलंत मुद्दा है और विश्व के सभी देश इससे जूझ रहे हैं। इस महामारी के दौरान प्रदूषण, आतंकवाद, तेल के बढ़ते दाम तथा हथियारों पर अन्य देशों के अत्यधिक खर्च को विश्व शांति के लिए खतरा बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन छात्रों ने निभाई प्रमुख भूमिका

स्वाति सिंह परमार ने ‘यूज ऑफ लॉ इन इंटरनेशनल पीस कीपिंग’ विषय पर कहा कि सरकार को शांति की ऑन-दी-स्पॉट  कार्रवाई के बारे में सोचना चाहिए। इवेबिनार में लगभग 400 विद्यार्थियों, अध्यापकों, विधि पेशेवरों तथा अनुसंधान एवं पीएचडी स्कॉलर आदि ने भाग लिया।

आयोजन सचिव विधि संकाय विवि के प्रो मोहम्मद अहमद ने विचार रखे। वेबिनार में विधि संकाय विवि के छात्र अध्यक्ष सक्षम अग्रवाल, छात्र संयोजक सचिन वर्मा, छात्र सह-संयोजक विनय यादव तथा दिव्यांशु चतुर्वेदी, छात्र समन्वयक शिशिर यादव तथा शिखर  सिंह ने प्रमुख भूमिका निभाई।

प्लेग के बाद बने थे आइसोलेशन के नियम 

प्लेग फैलने के बाद यूरोपियन देशों की ओर से पहली बार आइसोलेशन से जुड़े नियम बनाए गए। उसके बाद सार्स, इबोला, इन्फ्लूएंजा जैसी कई महामारियों के मद्देनजर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2005 में विश्व स्वास्थ्य कानून बनाया ताकि ऐसी बीमारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलने से रोका जा सके।

यह जानकारी कोलंबो विवि की प्रो. जीवा निरेला ने बीबीएयू में हुए वेबिनार में दी। बीबीएयू के सेंटर ऑफ पोस्टग्रेजुएट लीगल स्टडीज और डिपार्टमेंट ऑफ ह्यूमन राइट्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का विषय- ‘क्वारंटीन एंड प्रीवेंशन ऑफ डिजीज : इंटरनेशनल एंड कंपैरेटिव लॉ पर्सपेक्टिव’ था।

वेबिनार के संरक्षक और बीबीएयू कुलपति आचार्य संजय सिंह ने कोविड-19 से बचाव के लिए योग, मेडिटेशन और प्राणायाम की सलाह दी। बताया कि हल्दी, अदरक, लहसुन, धनिया जैसे मसाले इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार होते हैं।

हम इम्युनिटी बढ़ा कर ही कोरोना से लड़ सकते हैं।  सेंटर ऑफ पोस्टग्रेजुएट लीगल स्टडीज की डायरेक्टर और वेबिनार की निर्र्देशक प्रो. प्रीति सक्सेना ने एपिडेमिक डिजीज एक्ट की जानकारी देते हुए बताया कि यह एक्ट 22 अप्रैल 2020 को संशोधित किया गया है।

वेबिनार की सह-निर्देशक प्रो. प्रीति मिश्रा ने प्रो. जीवा की अकादमिक उपलब्धियों की जानकारी दी। डॉ. सूफिया अहमद ने कोरोना के दौरान महिलाओं और फ्रंट लाइन हेल्थ वर्कर्स की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर चर्चा की।

डॉ. शशि कुमार ने विभिन्न देशों में ऐसी संक्रामक बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए बनाए गए कानूनों के बारे में बताया। डॉ. राशिदा अतहर ने सभी को धन्यवाद दिया।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed