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एटीएम की क्लोनिंग कर करोड़ों रुपये उड़ाने वाले रोमानियाई गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

Wed, 06 Mar 2019 02:59 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Wed, 06 Mar 2019 02:59 PM IST
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three citizen of romania arrested for fraud in lucknow.
पुलिस की गिरफ्त में रोमानियाई नागरिक - फोटो : amar ujala

एक  एटीएम बूथ में स्कीमर लगाने के लिए रोमानियाई जालसाजों को महज दो हजार रुपये का सामान ही लगाना पड़ता है। गिरोह को स्किमर, चिप और हिडेन कैमरा लगाने के लिए सिर्फ तीन मिनट का समय लगता था। एक एटीएम बूथ से डाटा चोरी कर गिरोह एक दिन में 10 से 15 लाख रुपये उड़ाता था। यह खुलासा साइबर सेल की टीम के हत्थे चढ़े रोमानियाई गिरोह के सदस्यों से पूछताछ में हुआ। पुलिस गिरोह के सदस्यों को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी देगी। साथ ही भारत में सक्रिय गिरोह के मोबाइल नंबरों की डिटेल भी निकाली जा रही है।

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साइबर सेल के नोडल अधिकारी व क्षेत्राधिकारी हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा के मुताबिक, रोमानियाई गिरोह टूरिस्ट वीजा पर तीन महीने के लिए दिल्ली आकर यहां सस्ते होटल में ठहरता था। इसके बाद एटीएम क्लोनिंग डिवाइस स्किमर (एटीएम कार्ड का डाटा क्लोन करने वाली मशीन), हिडेन कैमरा और चिप तैयार करने के लिए खरीदारी करते थे। इस काम में न तो किसी भारतीय की मदद लेते थे न ही ऑनलाइन शॉपिंग करते थे। 
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पिछले साल नाका के एक होटल में ठहरे थे जालसाज

पुलिस के मुताबिक, रोमानियाई जालसाजों का गिरोह पिछले साल भी राजधानी में अप्रैल-मई में खातों से रकम उड़ा चुका है। तब गिरोह के सदस्य नाका थानाक्षेत्र के एक होटल में ठहरे थे। मार्निंग वॉक के बहाने एटीएम बूथ पर चिप, कैमरा और स्किमर लगाते थे। इसके बाद दिनभर होटल के कमरे में डाटा जुटाते थे। देर रात कुछ एटीएम कार्ड के क्लोन तैयार कर रकम निकालते थे। इसकी भनक लगने पर पुलिस ने छानबीन की तो गिरोह के सदस्य दिल्ली निकल गए। पुलिस ने दिल्ली तक पीछा किया तो गिरोह टर्की भाग निकला था। 
 
हवाला के जरिए दूसरे देश मंगाते थे रकम
साइबर सेल की टीम के मुताबिक, वीजा की मियाद खत्म होने के बाद वापसी के पहले गिरोह बचे क्लोनिंग कार्ड दूसरे साथियों को दे देते थे। रकम एक देश से दूसरे देश पहुंचाने के लिए गिरोह हवाला का इस्तेमाल करता था। यह रकम जालसाजों को दुबई, टर्की व अन्य आसपास के देशों में उपलब्ध कराई जाती थी। जिसे गिरोह के सदस्य अपने करीबियों के खातों में डालकर निकाल लेते थे। ज्यादातर जालसाजों का गिरोह भारत के बाद टर्की में टूरिस्ट वीजा पर जाता था। 

दिल्ली में ऑनलाइन बुक कराते थे गेस्ट हाउस
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह दिल्ली में ओयो के जरिए ऑन लाइन गेस्ट हाउस महीने भर के लिए सस्ते दाम पर बुक कराता था। इस तरह के ज्यादातर गेस्ट हाउस दिल्ली के मेहरौली, साकेत इलाके में हैं। गिरोह के सदस्य सिर्फ दो बार ही कमरे से निकलते थे। 

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